ग्रामीण क्षेत्रों में मची अफरा-तफरी

पम्पों पर 75 प्रतिशत कम हो गई पेट्रोल डीजल की बिक्री
अस्पताल में इनडोर होने लगा सूना

भीलवाड़ा।
Chaos on petrol pumps प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से मंगलवार रात को 21 दिन का लॉक डाउनकी घोषणा के बाद से ग्रामीण क्षेत्रों के पेट्रोल पम्पों पर अफराण्तफरी मची रही। वही शहरी क्षेत्र में पेट्रोल व डीजल की खपत ही 75 प्रतिशत कम हो गई है। जिले में कुल 185 तथा शहर में 24 पम्प संचालित है।
Chaos on petrol pumps कोरोना लॉक डाउन के चलते वाहनों के साथ लोगों की आवाजाही बिलकुल थम गई है। इसका पेट्रोल पंपों पर हो रही बिक्री पर इसका सबसे बुरा असर पड़ा है। यहां बिक्री का आंकड़ा 75 प्रतिशत कम हो गया है क्योंकि अब न तो लोग कहीं आ जा रहे हैं और न ही पेट्रोल डीजल का इस्तेमाल हो रहा है।
पेट्रोल पंप संचालक ने बताया कि उनके पेट्रोल पंप पर प्रतिदिन 4 से 5 हजार लीटर पेट्रोल आम दिनों में बेचा जाता था। अब इसकी बिक्री 400 लीटर प्रतिदिन रह गई है। डीजल की बिक्री तो बिलकुल ही बंद हैए सिर्फ सरकारी गाडिय़ा ही डीजल लेने के लिए आ रही हैं। जबकि लॉक डाउन से पहले आम दिनों में प्रतिदिन करीब पांच हजार लीटर डीजल की बिक्री होती थी।
पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष जाकीर हुसैन ने बताया कि मंगलवार रात को ग्रामीण क्षेत्र के सभी पम्पों पर लोगों की रात 12 बजे तक भीड़ लगी हुई थी। लेकिन अब स्थिति सामान्य है। वही शहरी क्षेत्र के पट्रोल पम्पों पर वाहनों की संख्या दिन भर में 25ण्30 भी नहीं हो पा रही है।
चिकित्सालय का आउटडोर 700 तक पहुंचा
कारोना वायरस के संक्रमण के खतरे को देखते हुए लॉक डाउन के दौरान सामान्य चिकित्सालय में बुधवार को मरीजों का आउटडोर और कम हो गया है। पिछले पांच दिनों में आउटोर 700 से 800 का हो गया है। जबकि सामान्य दिनों में महात्मा गांधी चिकित्सालय में आउटडोर दो से ढाई हजार रहता है।

Suresh Jain Reporting
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