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bhilwara city यह है हमारी वस्त्रनगरी, जानिए हाल


भीलवाड़ा। वस्त्रनगरी देश के प्रमुख शहरों में शामिल है, भीलवाड़ा इंवेस्टमेंट मीट के जरिए दस हजार करोड़ के निवेश की राह भी खुली, जिले को राजस्व मंत्री भी मिला है और मंत्री के दौरे भी अब आए दिन होने लगे है। तमाम अच्छे संकेत के बावजूद भीलवाड़ा शहर के लिए कुछ भी ठीक नहीं है। पत्रिका संवाददाता नरेन्द्र वर्मा ने शहर के हालात टटोले तो जो तस्वीरें सामाने आई वो सुखद नहीं थी। This is our textille city, know the situation

भीलवाड़ा

Published: January 10, 2022 10:13:10 pm


भीलवाड़ा। वस्त्रनगरी देश के प्रमुख शहरों में शामिल है, भीलवाड़ा इंवेस्टमेंट मीट के जरिए दस हजार करोड़ के निवेश की राह भी खुली, जिले को राजस्व मंत्री भी मिला है और मंत्री के दौरे भी अब आए दिन होने लगे है। तमाम अच्छे संकेत के बावजूद भीलवाड़ा शहर के लिए कुछ भी ठीक नहीं है। कही सरकारी विभागों की की अनदेखी सामने आ रही है, कई जगह लोग खुद लापरवाह है। कुल मिला कर इन सबका खामियाजा शहर को ही भुगतना पड़ रहा है। जरूरत वस्त्रनगरी को देश में मॉडल सिटी बनाए रखने की है। पत्रिका संवाददाता नरेन्द्र वर्मा ने शहर के हालात टटोले तो जो तस्वीरें सामाने आई वो सुखद नहीं थी। This is our textille city, know the situation
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भूल गए आचार्य विद्यासागर स्तम्भ

राजसमंद व उदयपुर जिले की तरफ से आने वाले लोगों का मन लुभाने के लिए पांच साल पहले दिगम्बर जैन समाज ने अनूठी पहल की। पुर रोड पर डीटीओ ऑफिस के समीप समाज ने आचार्य विद्यासागर सर्किल बनाते हुए यहां भव्य स्तम्भ का निर्माण कराया और सर्किल को भव्यता प्रदान की जिम्मेदारी इसी पर जिला प्रशासन ने नगर विकास न्यास को दी, लेकिन न्यास ने इसकी अनदेखी की, सर्किल क्षतिग्रस्त एवं दुर्घटना जोन बना हुआ है। शहर के अधिकांश सर्किलों भी यही कहानी है।

वाहनों का कबाड़, रोके राह

चुनाव कोैनसा भी हो, उसकी मतगणना तिलकनगर स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक भवन में ही होती है। इस भवन का रास्ता शहर के प्रमुख मार्गों से जुड़ा हुआ है, यही से आला अधिकारी आते जाते भी है।, लेकिन यह रास्ता अतिक्रमण की जकड़ में है, यहां कबाडिय़ों ने जगह-जगह कब्जा कर रखा है। कई स्थानों पर कबाड़ हुए वाहनों के ढेर रास्ते रोकते नजर आ जाएंगे।
यहां भी शराब की खाली बोतल

किसी जमाने में कलक्ट्रेट पर आईएसओ की छाप थी, लेकिन यह छाप उतरते ही यहां परिसर की मूलभूत सुविधाएं डांवाडोल हो गई। तहसील कार्यालय भवन के समीप स्थित मूत्रालय के हाल तो यह है कि यूरिन पोट शराब की खोली बोतलों व पव्वों से भरा हुआ है। यहां के आसपास की फर्श भी उखड़ी है।
देखिए कचरा डिपो के हाल

मोमिन मोहल्ला के निकट एवं मानसिंहका टाल के समीप नगर परिषद का कचरा डिपो सडांध मा रहा है। यहां आवारा मवेशी व ***** डोलते है और गंदगी को फैलाते है, लोगों की यहां से आवाजाही मुश्किल है। आसपास के घरों के लोग मकानों की खिड़कियां भी नहीं खोल पाते है। संबंधित अधिकारी, पार्षद व सफाई कर्मी चुप्पी साधे है। शहर के अधिकांश कचरा डिपो की हालत यही है।
डिवाइडर के टूटे तार, दे रहे करंट
शहर के प्रमुख डिवाइडरों पर रोड लाइटों के पोल के तार खुले है, इससे करंट का अंदेशा बना रहता है। बारिश के मौसम में तो दुर्घटनाएं भी घटित होती है। मलाण में सुखाडिय़ा सर्किल क्षेत्र के लोगों ने इस संदर्भ में नगर विकास न्यास में शिकायतें भी दर्ज करा रखी है।

छज्जों में घुस रहे तार
शहर की कई कॉलोनियों में लोगोंं ने मकानों के छज्जे तय नक्शे से बाहर निकाल रखे है। कई मकानों के छज्जे तो विद्युत विभाग की उच्च क्षमता की लाइनों के समीप ही है। एक साल में शहर में छज्जों में करंट से एक स्कूली छात्रा व एक श्रमिक की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद जिला प्रशासन, अजमेर डिस्कॉम प्रभावी कार्यवाही नहीं कर सका है।

नियमों की नहीं कर रहे पालना
नगर परिषद एवं नगर विकास न्यास की अनदेखी से नियम विरुद्ध निर्माण कार्यों की बाढ़ शहर में है। दोनों निकायों के पास ढेरों शिकायतें है, लेकिन एक में भी प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है, ऐसे में नक्शें विरूद्ध निर्माण कार्य होने एवं सेडबेक नहीं छोडऩे से कॉलोनियों व बाजारों में पड़ोसियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

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