रतनजोत के बीज खाने से बीस बच्चों की बिगड़ी हालत, ग्यारह को अस्पताल में कराया गया भर्ती

गंगापुर क्षेत्र के उम्मेदपुरा गांव में शुक्रवार रात को रतन जोत के बीज खाने से बीस बच्चों की हालत बिगड़ गई। इससे गांव में अफरा-तफरी मच गई। बच्चों को देर रात कोशिथल अस्पताल लाया गया। यहां से ११ बच्चों को जिला मुख्यालय स्थित महात्मा गांधी अस्पताल की इकाई मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में भर्ती कराया गया।

By: Akash Mathur

Published: 19 Sep 2021, 12:35 AM IST

भीलवाड़ा. गंगापुर क्षेत्र के उम्मेदपुरा गांव में शुक्रवार रात को रतन जोत के बीज खाने से बीस बच्चों की हालत बिगड़ गई। इससे गांव में अफरा-तफरी मच गई। बच्चों को देर रात कोशिथल अस्पताल लाया गया। यहां से ११ बच्चों को जिला मुख्यालय स्थित महात्मा गांधी अस्पताल की इकाई मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। ये बच्चे जलझूलनी ग्यारस पर जल विहार कार्यक्रम देखने मंदिर पहुंचे थे। वहां खेलते समय रतनजोत के पेड़ से गिरे बीज खा लिए।

उम्मेदपुरा सरपंच मनीष कुमार ने बताया कि जलझूलनी एकादशी पर गांव में ठाकुर जी के जलविहार कार्यक्रम का आयोजन था। बड़ी संख्या में ग्रामीण मंदिर में जुटे थे। इस दौरान मंदिर परिसर में लगे रतन जोत के पेड़ से गिरे बीज कुछ बच्चों ने उठाकर खा लिया। इससे एक के बाद एक बच्चों को उल्टियां होने लगी। उनकी हालत बिगड़ती देख ग्रामीण सकते में आ गए। गांव में हड़कम्प मच गया। निजी साधनों से बीस बच्चों को कोशिथल अस्पताल लाया गया। यहां उनका प्राथमिक उपचार हुआ। इनमें ११ बच्चों की हालत ज्यादा खराब होने से भीलवाड़ा रैफर कर दिया। बच्चों की संख्या ज्यादा होने से देर रात चिकित्सकों को घर से जिला मुख्यालय स्थित एमसीएच बुला लिया गया। बच्चों के वहां पहुंचते ही उनका इलाज शुरू किया गया।

ये बच्चे हुए बीमार
बीज खाने से उम्मेदपुरा निवासी राकेश सुथार, आशा सुथार, नरेश सुथार, सांवर सुथार, ममता सुथार, सुरेश सुथार, कृष्णा सुथार, गुंजन सुथार, भगवानलाल सुथार, दशरथ वैष्णव, उमा वैष्णव, कमलेश सुथार, मनीषा, इशु, भगवती, बजरंग, प्रिंस वैष्णव, गौतम, रौनक को तबीयत बिगड़ी।

Akash Mathur
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