scriptTwo khatedari mining lease of gravel canceled | बजरी की दो खातेदारी खनन पट्टे निरस्त | Patrika News

बजरी की दो खातेदारी खनन पट्टे निरस्त

अब तक 20 एलओआई जारी, ईसी नहीं मिलने से बजरी सप्लाई में होगी देरी
अवैध खनन फिर से बढऩे की आशंका

भीलवाड़ा

Published: November 17, 2021 09:11:25 am

भीलवाड़ा।
सुप्रीम कोर्ट ने बजरी पर लगी रोक भले हटा ली लेकिन जिले में बजरी सप्लाई करने में अभी एक से डेढ़ माह लग सकता है। खान विभाग की ओर से रोक के दौरान दिए दो खनन पट्टे भी कैंसिल कर दिए है। अब बजरी सप्लाई वही कर सकेंगे जिन्हें एलओआई मिली है। इसमें भी यह परेशानी है कि जिन्हें एलओआई दी गई है, उनके पास पर्यावरण स्वीकृति नहीं है। ऐसे में एक से डेढ़ माह तक शहर में बजरी सप्लाई की संभावना कम है। हालांकि भीलवाड़ा में एकमात्र कोटड़ी क्षेत्र में बनास व कोठारी नदी से बजरी की सप्लाई हो पा रही है। ऐसे में अगले कुछ समय तक लोगों को आसानी से बजरी नहीं मिलने वाली है। अब भी अवैध खनन का दौरा जारी रहने की संभावना है।
जिले में पिछले कुछ समय से नदी से 5 किलोमीटर के दायरे में आए खेतों से बजरी निकालने के खनन पट्टे जारी किए गए थे। ऐसे जिले में चार खनन पट्टे थे। दो पट्टे को सेन्ट्रल एम्पावर्ड कमेटी की ओर से २३ दिसम्बर २०२० को किए निरीक्षण के दौरान निरस्त करने के आदेश दिए थे। उससे पहले ही इन खनन पट्टों को निरस्त कर राशि जब्त कर ली गई थी। शेष दो खनन पट्टे सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद निरस्त कर दिए।
यह खनन पट्टे किए निरस्त
खनिज विभाग के अनुसार ग्राम गोलबडी तहसील कोटडी में लादू लाल जाट के पक्ष में 2.7227 हेक्टर पर संविदा पजीयन कर पांच साल के लिए बजरी खनन की स्वीकृति दी थी। इसी प्रकार दूसरा खनन पट्टा ग्राम तख्तपुरा तहसील जहाजपुर में लक्ष्मण गुर्जर निवासी गांगीथला के पक्ष में १.०१३७ हैक्टर संविदा पंजीयन की तिथि से 5 वर्ष की अवधि के लिए स्वीकृत किया गया। इन दोनो खनन पट्टो का सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद निरस्त कर दिया गया है। हालांकि इन खनन पट्टों से वैध व अवैध तरीके से बजरी निकाल बाजार में बेचा जाता था। पर अब इन्हें कैंसिल कर दिया गया है। अब भीलवाड़ा में नए सिरे से बजरी निकालने की प्रक्रिया होगी। इसके लिए दो माह का समय लग सकता है। तब तक शहर में आने वाली बजरी अवैध ही होगी। ऐसे में अब बजरी की किल्लत होने से लेकर रेट बढऩे की संभावनाएं भी हैं। विभाग की ओर से भीलवाड़ा जिले में बजरी निकालने के लिए २० एलओआई यानी मंशा पत्र जारी हो चुके हैं। इसमें शाहपुरा व रायपुर एलओआई कैंसिल हो चुकी है। परेशानी यह है कि १८ इन एलओआई को शुरू करने से पूर्व पर्यावरण मंजूरी यानी ईसी नहीं मिली है। जब तक ईसी नहीं मिलती है, तब तक बजरी नहीं निकाल सकते हैं। ऐसे में अब शहर में बजरी की सप्लाई अभी भी अटकी हुई है।
निर्माण कार्यों पर होगा असर
शहर में निर्माण कार्य के कई कार्य चल रहे हैं। बड़े प्रोजेक्टभी शामिल है। जहां बजरी का इस्तेमाल हो रहा है, वहां अब बजरी की परेशानी आ सकती है।
अवैध खनन के बढऩे की आशंका
खनन पट्टे निरस्त होने और एलओआई धारकों के पास ईसी नहीं होने के चलते अवैध बजरी खनन के बढऩे की पूरी संभावना है। मंगरोप, हमीरगढ़, जहाजपुर क्षेत्र में अवैध खनन बढ़ सकता है। ऐसे में खनिज, राजस्व, पुलिस विभाग के सामने एक बार फिर अवैध बजरी खनन को रोकना चुनौती से कम नहीं होगा।
बजरी की दो खातेदारी खनन पट्टे निरस्त
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