भुगतान रुकने से विवर्स, प्रोसेसर्स और ट्रेडर्स परेशान

दूसरे राज्यों में व्यापारियों का बकाया भुगतान अटका
अब तक 80 प्रतिशत उद्योग बन्द

By: Suresh Jain

Published: 11 May 2021, 08:04 AM IST

भीलवाड़ा।
शहर में इन दिनों टेक्सटाइल कारोबार की चेन में काम करने वाले विवर्स, प्रोसेसर्स और ट्रेडर्स भुगतान अटकने से परेशान हैं। राज्य सरकार ने उद्योगों में उत्पादन चालू रखने की घोषणा तो कर रखी है, लेकिन भुगतान साइकिल रुकी होने के कारण उत्पादकों हाल बुरा हैं। वीवर और प्रोसेसर्स को कपड़ा व्यापारी से भुगतान लेना है और कपड़ा व्यापारी को बाहर की मंडी से भुगतान लेना है। इस बीच कपड़ा मार्केट बंद रहने से पूरी चेन रुकी हुई हैं। ट्रेडर्स का बाहर की मंडी से भुगतान नहीं आ रहा हैं। इसलिए व्यापारी वीवर्स और प्रोसेसर्स को भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। राज्य सरकार की गाइडलाइन के अनुसार लॉक डाउन में कपड़ा मार्केट बंद कर दिया गया हैं।
ट्रेडर्स को अन्य मंडियों से लेना है करोड़ों रुपए
कपड़ा व्यापारी रमेश अग्रवाल ने बताया कि बैंकिंग कार्य जारी हैं, इसलिए कुछ बड़े व्यापारी भुगतान कर रहे हैं। हालांकि गुजरात, महाराष्ट्र, पंश्चिम बंगाल, उत्तरप्रदेश, बिहार, उड़ीसा समेत सभी जगह बंद है। ऐसे में भीलवाड़ा कपड़ा मंडी के व्यापारियों को कम से कम २०० करोड़ का भुगतान अन्य मंडी में अटक गया है।
प्रोसेसर्स बन्द होने के कगार पर
एक प्रोसेस हाउस संचालक ने बताया कि विविंग उद्योग में मात्र २० प्रतिशत काम हो रहा है। वह भी एक्सपोर्ट का ऑर्डर होने से काम चल रहा है, जबकि ८० प्रतिशत इकाईयों में लगभग काम बन्द है या फिर एक शिफ्ट में काम चल रहा है। ऐसे में १८ प्रोसेस हाउसों में से १० में काम लगभग बन्द पड़ा है। शेष में भी सप्ताह में चार से पांच दिन ही कपड़ा प्रोसेस हो रहा है। उनका कहना है कि कपड़ा मार्केट शुरू होंगे, तभी प्रोसेस हाउस भी चल सकेंगे।
मेवाड़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अनुसार कपड़ा उत्पादन २० प्रतिशत रह गया है। देश के कई राज्यों में कोरोना की दूसरी लहर के कारण लॉकडाउन लगा हुआ है। ऐसे में सभी कपड़ा बाजार बन्द है। कपड़ा मार्केट शुरू होगा तभी भुगतान सिस्टम जारी रहेगा। ट्रेडर्स का करोड़ों रुपए बकाया है।
मजदूरों को रोकना होगा अब मुश्किल
सिन्थेटिक्स विङ्क्षवग मिल्स एसोसिएशन के सचिव शाबिर मोहम्मद ने बताया सभी उद्योगों में मजदूरों को अप्रेल का भुगतान कर दिया है। लेकिन अब काम नहीं मिलने से मजदूरों को रोकना अब थोड़ा मुश्किल होगा। हालांकि किसी भी श्रमिक को खाने की समस्या नहीं आने दी जाएगी। इसके लिए एसोसिएशन स्तर पर विचार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में श्रमिकों को भोजन के पैकेट या खाद्य सामग्री वितरण शुरू किया जा सकता है।

Suresh Jain Reporting
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