भीलवाड़ा के आइसोलेशन वार्ड की दुनिया में चर्चा, डॉक्टरों ने गीत और कहानी सुनाई तब जीते कोरोना की जंग

यह खबर भीलवाड़ा से सबसे चर्चित आइसोलेशन वार्ड से हैं। इस वार्ड की पूरी दुनिया में चर्चा है क्योंकि यहां कोरोना संक्रमित रोगियों का उपचार चल रहा है।

By: Suresh Jain

Updated: 02 Apr 2020, 11:12 AM IST

भीलवाड़ा। यह खबर भीलवाड़ा से सबसे चर्चित आइसोलेशन वार्ड से हैं। इस वार्ड की पूरी दुनिया में चर्चा है क्योंकि यहां कोरोना संक्रमित रोगियों का उपचार चल रहा है। शुरुआत में देश का सबसे बड़ा आइसोलेशन वार्ड जो कि दो सौ बैड का था वह भीलवाड़ा में ही बना। इसकी वजह यह थी कि यहां 26 संक्रमित रोगी मिल गए।

अब दो दिन से किसी भी रोगी की रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आ रही है। सबसे खुशी की बात है कि 13 रोगियों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। मतलब भीलवाड़ा के जिन डॉक्टरों ने उपचार किया वह सफल रहा। खास बात है कि दुनिया में चर्चा है कि कोरोना वायरस के संक्रमण का कोई उपचार या दवा अधिकृत नहीं है।

मतलब सब जगह प्रयोग चल रहा है। इस डर के बीच भीलवाड़ा के डॉक्टरों ने सवाई मानसिंह अस्पताल को गुरू माना। वहां उन्होंने जिन दवाओं का उपयोग किया उसे ही यहां काम लिया। यही वजह है कि यहां भर्ती रोगी धीरे-धीरे ठीक होते चले गए। इस बात की पूरे देश में चर्चा हो रही है।

यह तरीका अपनाया, तब मिली सफलता
महात्मा गांधी चिकित्सालय में कोरोना वायरस से पीडि़त रोगी के आने पर उसे रिटोनावीर प्लस लोपिनावीर टेबलेट, ओसेल्टामिवीर कैप्सूल के साथ ही ड्राइ सिरप तथा हाइड्रोक्साइक्लोरोक्सवाइन टेबलेट का कोम्बीनेशन बनाकर दी है। यह दवा मलेरिया, एचआइवी और स्वाइन फ्लू जैसे रोगों के इलाज के काम आती हैं। देश में कोरोना वायरस फैलने के बाद जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने इलाज के लिए इन तीनों का ही उपयोग किया।

अब भीलवाड़ा के डॉक्टर इन्ही दवाओं के आधार पर कोरोना वायरस से संक्रमित रोगियों का उपचार कर रहे है। इसके कारण यहां जल्दी से मरीज भी ठीक हो रहे है। कोरोना के 26 रोगी सामने आए। इसमें से 2 की मौत हो गई। दो का उपचार जयपुर में चल रहा है। 13 जनों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। इनमें से 9 को आइसोलेशन वार्ड से अन्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। अब 23 संदिग्ध रोगी भर्ती है। उनकी रिपोर्ट भी नेगेटिव आती है तो भीलवाड़ा के लिए सबसी खुशी की बात होगी।

गाने गाए और कहानियां भी सुनाई
भीलवाड़ा के आइसोलेशन वार्ड में कार्यरत कंपाउडर व डॉक्टरों ने केवल दवा से ही इन रोगियों को ठीक नहीं किया बल्कि दुआ भी काम आई। इन रोगियों को घर जैसा माहौल देने के लिए स्टाफ ने हर दिन गाने गाए। यहां तक की कहानियां व चुटकुले भी सुनाए। इस तरह का माहौल दिया तो उन्हें यह फील नहीं हुआ कि वे आइसोलेशन वार्ड में हैं और कोरोना के मरीज है। ऐसा करने पर वे जल्दी ठीक हुए हैं।

देशभर में चर्चित रहे वीडियो
उपचार के दौरान भीलवाड़ा के आइसोलेशन वार्ड के नर्सिंगकर्मियों ने सोशल मीडिया पर कई गाने गाकर वायरल किए। इसमें डर के आगे जीत हैं, जिंदगी इसी का नाम है आदि गाने गाए। यह गाने पूरे देश में चर्चित है। भीलवाड़ा के नर्सिंग कर्मियों के इस वीडियो को सीएम से लेकर मंत्री ने शेयर कर इसे अच्छी पहल बताई है।

Suresh Jain Reporting
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