मुफ्त के गेहूं-दाल किन्हें मिलेंगे, ये जनिए

ऑटो-रिक्शा चालक, कुली, पानवाला, बाई, वेण्डर, मजदूर, होटल वेटर, बैंड व ढोल वादक, कोरोना प्रभावित श्रमिकों समेत ३७ श्रेणी के लोगों को राज्य सरकार अब अगले पांच माह तक राशन का गेहूं व चने की दाल मुफ्त देगी। उक्त श्रेणी के लिए गुरुवार से ई-मित्र के जरिए पंजीयन शुरू हो गया है।

By: Narendra Kumar Verma

Updated: 24 Jul 2020, 08:02 PM IST

भीलवाड़ा । ऑटो-रिक्शा चालक, कुली, पानवाला, बाई, वेण्डर, मजदूर, होटल वेटर, बैंड व ढोल वादक, कोरोना प्रभावित श्रमिकों समेत ३७ श्रेणी के लोगों को राज्य सरकार अब अगले पांच माह तक राशन का गेहूं व चने की दाल मुफ्त देगी। उक्त श्रेणी के लिए गुरुवार से ई-मित्र के जरिए पंजीयन शुरू हो गया है।

सरकार की इस योजना से भीलवाड़ा जिले के खाद्य सुरक्षा से वंचित रहे बेसहारा एवं जरूरतमंद परिवारों एवं व्यक्तियों को भी घर बैठे मुफ्त में खाद्यान्न मिल सकेगा। योजना की क्रियांवित ई पंजीयन सर्वे के आधार पर होगी।

प्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में पंजीकृत परिवारों व प्रवासी लोगों को राज्य सरकार अभी आत्म निर्भर योजना के तहत मुफ्त में प्रति यूनिट पांच किलो गेहूं व प्रति राशन कार्ड एक किलो चने की दाल मार्च माह से मुफ्त दे रही है। अब केन्द्र की घोषणा के बाद राज्य सरकार ने प्रदेश में खाद्य सुरक्षा से वंचित रहे बेसहारा एवं जरूरतमंद परिवारों एवं व्यक्तियों को खाद्य सुरक्षा प्रदान करने के लिए अगले पांच माह तक उक्त निर्धारित मात्रा में गेहूं व चने की दाल देने की घोषणा की है। इसके तहत गुरुवार से सरकार ने ई पंजीयन शुरू कर दिया। उक्त पंजीयन के आधार पर सरकार पात्र परिवार व व्यक्तियों का चयन करेगी। यह सर्वे 3अगस्त तक चलेगा।

जनाधार रहेगा डेटा
बेसजिले में बेसहारा एवं जरूरतमंद परिवारों का पूर्व की भांति ई-मित्र, ई-मित्र मोबाइल एप, ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत स्तरीय कोर ग्रुप एवं शहरी क्षेत्र में नगरीय निकाय एवं बीएलओ के माध्यम से सर्वे करवाया जायेगा। जनाधार के डेटाबेस में उपलब्ध सूचना के आधार पर सर्वे एवं पंजीयन की कार्यवाही की जाएगी। जनाधार कार्ड के डेटा में से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में चयनित परिवारों को छोड़कर शेष सभी परिवारों का जिलेवार डेटा उपलब्ध है।

यूं होगा पंजीयन
सर्वे के दौरान बेसहारा एवं जरूरतमंद पात्र व्यक्तियों एवं परिवारों से उनके व्यवसाय एवं आजीविका की सूचना आवश्यक रूप से प्राप्त की जाएगी । मोबाईल एप या ई-मित्र पर व्यवसाय एवं आजीविका की सूची उपलब्ध रहेगी। प्रदेश में सर्वे के समय बेसहारा एवं जरूरतमंद परिवारों से सूचना प्राप्त कर उचित मूल्य की दुकान से मैपिंग का कार्य पूर्ण किया जाएगा। जिन बेसहारा एवं जरूरतमंद परिवारों का पहले ही सर्वे किया जा चुका है, उनकी सर्वे की आवश्यकता नहीं रहेगी।

ये होंगे पात्र
हैयर सैलून, कपड़े धुलाई व प्रेस करने, फुटवीयर मरम्मत व पालिश, घरों में साफ सफाई व खाना बनाने वाले, फेरी लगाने वाले, रिक्शा व ऑटो चालक, वेटर व रसोईया, रद्दी बीनने वाला, कमठाणा मजदूर, धार्मिक कार्य कराने वाले सभी धर्म के लोग के पात्र होंगे। इसी प्रकार निजी परिवहन के ड्राइवर व परिचालक, मैरिज पैलेस व केटरिंग कर्मी, सिनेमा कर्मी, विवाह समारोह आदि में बैंड, ढोल व गाने बजाने वाले व घोड़ी वाले, पर्यटन गाइड, गाडोलिया लुहार, बुक बाइण्डर व प्रिंटर कर्मी, टाचर पंचर बनाने वाले,घुमन्तु व अघुमन्तु, परिवार, झूले वाले, लोक कलाकार, खेल तमाशा दिखाने वाले, कुली व हमाल, मिट्टी बर्तन बनाने वाले, ईंट भट्टों के श्रमिक, पुताई व पेंट करने वाले, पत्तल-दोने बनाने वाले तथा नगीने, आभूषण व चूडियों के काम करने वाले पात्र होंगे

जरुरतमंद व्यक्ति कराएं पंजीयन
राज्य सरकार के आदेश की पालना में गुरुवार से ई-मित्र के जरिए जिले में विभिन्न योजनाओं से वंचित बेसहारा एवं जरूरतमंद परिवारों का पंजीयन शुरू कर दिया है। पात्र परिवार व व्यक्तियों का चयन जल्द कर लिया जाएगा। जिले में करीब विभिन्न योजनाओं से वंचित २५ फीसदी परिवार लाभांवित हो सकेंगे। योजना के दायरे में केन्द्र व सरकारी कर्मी तथा उनके परिवार तथा आयकर दाता व उनके परिवार नहीं आएंगे।
सुनील कुमार वर्मा, जिला रसद अधिकारी

Narendra Kumar Verma Reporting
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