क्यूं हो गए बर्फानी बाबा के भक्त मायूस , जानिए

बाइस साल से बाबा अमरनाथ की परिक्रमा कर प्रणाम करने का सिलसिला टूटने से लेबर कॉलोनी का बाबा अमरनाथ सेवा मण्डल मायूस है। बर्फानी हवा व विकट हालात के बावजूद सीआरपीएफ के नूनवेन बेस केम्प में सालों से यात्रियों की सेवा के लिए खोले जाने वाले लंगर के इस बार नहीं लगने से मण्डल अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह राजावत ने स्थानीय स्तर पर लंगर लगाने और बाबा की दण्डवत यात्रा करने की तैयारी कर ली है।

By: Narendra Kumar Verma

Updated: 24 Jul 2020, 08:18 PM IST

भीलवाड़ा। बाइस साल से बाबा अमरनाथ की परिक्रमा कर प्रणाम करने का सिलसिला टूटने से लेबर कॉलोनी का बाबा अमरनाथ सेवा मण्डल मायूस है। बर्फानी हवा व विकट हालात के बावजूद सीआरपीएफ के नूनवेन बेस केम्प में सालों से यात्रियों की सेवा के लिए खोले जाने वाले लंगर के इस बार नहीं लगने से मण्डल अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह राजावत ने स्थानीय स्तर पर लंगर लगाने और बाबा की दण्डवत यात्रा करने की तैयारी कर ली है। Why are the devotees of Barfani Baba bhilwara disappointed, know

कोरोना महामारी के प्रभाव से इस बार केन्द्र ने अमरनाथ यात्रा में सिर्फ स्थानीय श्रद्धालुओं को ही शामिल होने की छूट दी है। यह छूट भी परिस्थिति व समय पर ही रहेगी। अमरनाथ यात्रा पर रोक से जिले के सैकड़ों श्रद्धालु मायूस हुए है।
श्रद्धालुओं के ही जत्थे में शामिल लेबर कॉलोनी के बाबा अमरनाथ सेवा मण्डल की आस्था अनूठी एवं अटूट है।
मण्डल के सदस्य भी काफी मायूस है।

मण्डल अध्यक्ष राजावत बताते है कि महज बीस साल की उम्र में मण्डल का गठन करते हुए अमरनाथ यात्रा शुरू की, वो लगातार २२ साल से मण्डल के जत्थे के साथ अमरनाथ यात्रा कर रहे है, वो बताते है कि प्रत्येक साल जून के प्रथम सप्ताह में उनकी अमरनाथ यात्रा शुरू हो जाती है। लेकिन इस बार कोरोना काल के कारण उनकी यात्रा पर अंकुश लगा है।

दुष्कर होती यात्रा
उनके जत्थे की अमरनाथ यात्रा जम्मू के पहलगाम के चंदनबाड़ी से पैदल शुरू होती है, यह यात्रा ३६ किमी ऊंचाई पर होने के साथ ही दुर्गम क्षेत्र से होती हुई बर्फानी हवाओं व भूस्खलन के हालात के बीच से गुजरती है। सीआरपीएफ के नूनवेन बेसकेम्प में वो अमरनाथ यात्रियों के लिए लंगर भी लगाते है। परिवार के सभी सदस्य अमरनाथ की यात्रा कर चूके है। पत्नी पार्षद अनिता कंवर तीन बार जबकि १७ वर्षीय पुत्र विश्वबंधु सिंह अभी तक चार बार अमरनाथ यात्रा कर चुका है। इतना ही नहीं दिवंगत पिता सत्यप्रकाश सिंह एक बार तथा माता आनन्द कंवर तीन बार बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुकी है।

आठ साल से कर रहे दण्डवत यात्रा
राजावत बताते है गत आठ वर्ष से अमरनाथ की यात्रा के दौरान करीब ढाई किलोमीटर की दण्डवत यात्रा अमरनाथ गुफा तक करते है, इस बार यात्रा का मौका नहीं मिलने से वो २७ जुलाई को यह दण्डत यात्रा भीलवाड़ा में ही करेंगे। लेबर कॉलोनी स्थि नर्बदेश्वर महावेद मंदिर से सुबह पांच बजे दण्डवत यात्रा शुरु कर हरणी महादेव मंदिर में पहुंच कर संपन्नकरेंगे।

Narendra Kumar Verma Reporting
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