भरोसे की पूंजी से देंगे ऑनलाइन खरीदारी को मात

छोटे-मध्यम व्यापारियों ने त्योहारी सीजन में बनाई रणनीति

By: Suresh Jain

Published: 11 Sep 2021, 10:23 AM IST

भीलवाड़ा।
ऑनलाइन बाजार भले ही ग्राहकों के लिए फायदे का सौदा हो, लेकिन छोटे व मध्यम दर्जे के व्यापारी वर्ग को यह काफी नुकसान पहुंचा रहा है। हालांकि, त्योहारी सीजन में ऑनलाइन शॉपिंग को मात देकर पारंपरिक शैली की दुकानदारी को पटरी पर लाने के लिए छोटे और मध्यम दर्जे के व्यापारियों ने भी जोड़-जमा कर ली है। ऐसे व्यापारियों का लक्ष्य ग्राहकों में ऑफलाइन खरीदारी के लिए फिर से भरोसा जगा कर उन्हें अपनी दुकान तक लाने का है। इसके लिए उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर ऑफलाइन खरीदारी पर भरोसे से संबंधित सामग्री का प्रचार-प्रसार करने के साथ ही कुछ आकर्षक प्रस्तावों के जरिए भी ग्राहकों को लुभाने की रणनीति अपनाने की योजना बनाई है।
ऑनलाइन खरीदारी ने पहुंचाई ५ करोड़ की चपत
जिले में रोजाना करीब ५ करोड़ का व्यापार ऑनलाइन मार्केट के माध्यम से हो रहा है। इनमें रोजमर्रा की जरूरत जैसे लंच, डिनर के अलावा कपड़ा, टीवी, फ्रि ज समेत घरेलू और व्यक्तिगत उपयोग की ढेर सारी सामग्री शामिल है। कह सकते हैं कि ऑनलाइन खरीदारी ने घरों की किचन-बेडरूम सहित लगभग हर हिस्से और इसके अलावा व्यक्तिगत तौर पर महिला-पुरुष या बच्चों को धारण किए जाने वाले कपड़ों आदि लगभग हर जरूरत पर न सिर्फ अपनी दस्तक दी है, बल्कि उन्हें विभिन्न माध्यमों और ऑफरों से लुभाया भी है। इसका नतीजा भी उन्हें मिला और करोड़ों का वह व्यापार जो बाजारों पर निर्भर था, वह ऑनलाइन होने लगा। उस पर कोरोना के कहर ने दोहरी मार डाली और व्यापार लगभग एक साल तक पूरी तरह ठप ही रहा। इस दौरान भी ऑनलाइन खरीदारी चलती रही।
इस तरह उबर रहे छोटे दुकानदार
उपभोक्ताओं में उभरी ऑनलाइन खरीदारी के प्रति ललक और इन सबके बीच कोरोना की मार के कारण बाजारों से उपभोक्ताओं की दूरी के रूप में पड़ रही दोहरी मार से उबरने के लिए कई छोटे-मध्यम दर्जे के व्यापारियों ने जहां लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन बाजार की तरफ रुख किया और इसमें भी युवा व्यापारियों की संख्या ज्यादा थी। इसके बाद जैसे ही लॉकडाउन का असर कम हुआ और बाजार गुलजार होने लगे, तो दुकानदारों ने ऑनलाइन खरीदारी से खुद के प्रतिष्ष्ठानों को जोडऩे की पहल भी की। लॉकडाउन के दौरान उनका ऑनलाइन का अनुभव इसमें काम भी आया।
से लेकर अनगिनत सामान मंगवा रहे है। वर्तमान में जिले में रोजना करीब ७ करोड़ का व्यापार ऑफलाइन व ऑनलाइन हो रहा है। ऑनलाइन बाजार की वजह से करीब 5 करोड़ का मार्केट प्रभावित हुआ है। दूसरी ओर ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर ठगी के मामलों में भी वृद्धि हो रही है। इन घटनाओं के बाद ग्राहक ऑफलाइन सामान खरीदने में विश्वास करने लगे हैं।
मुनाफे में कटौती और ग्राहकों को छूट की रणनीति
किराणा व्यापारी महावीर समदानी ने बताया कि ग्राहकी बनाए रखने के लिए व्यापारी अब अपने मुनाफे में कटौती करके ग्राहकों को छूट की योजना पर काम कर रहे हैं। इससे उनका मुनाफा जरूर घर रहा है, लेकिन उनके ग्राहक भी लौटेंगे, ऐसी उन्हें उम्मीद है।
ऑनलाइन खरीदारी पर सरकार से गाइडलाइन की अपील
राजस्थान केट के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजकुमार पोखरना ने बताया कि ऑनलाइन व्यापार पर किस तरह से अंकुश लगे इसे लेकर दिल्ली में देश भर के ७० सदस्यों की बैठक हुई। इसमें यह बात सामने आई कि कई ऑनलाइन कम्पनियां टैक्स की चोरी करके सस्ता माल बेच रही हैं। बैठक के बाद वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से भी मिलकर कानून बनाने तथा ऑनलाइन कम्पनियों पर सख्ती करने की मांग की गई है।
ऑनलाइन ठगी ने भी बढ़ाई उम्मीद
ऑनलाइन ठगी के आए दिन सामने आ रहे मामलों ने भी दुकानदार वर्ग को एक मौका दिया है, ताकि वह ग्राहकों में फिर से अपना भरोसा बना सकें। इसके लिए उन्होंने सोशल मीडिया का सहारा लेकर फिर से लोगों को व्यक्तिश: दुकान पर पहुंच कर ग्राहक सेवा का लाभ लेने को आकृष्ट करने का जतन शुरू किया है।

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कम्पनी अपना उत्पाद भले ही ऑनलाइन बेचे, लेकिन ऑफ लाइन की कीमत भी बराबर होनी चाहिए ताकि ग्राहकों को वह माल देखने में आसानी रहे। ऑनलाइन उत्पाद की कोई वांरटी नहीं होती है।
अशोक तोषनीवाल, इलेक्ट्रोनिक्स व्यापारी
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घर बैठे उत्पाद तो देख सकता है। लेकिन उसकी क्वालिटी तो शोरूम पर ही देखी जा सकती है। ग्राहकों के सामने कई ऑप्शन होते हैं। इन्हीं तथ्यों को हम ग्राहकों तक पहुंचा रहे हैं।
गोविन्द खटोड़, इलेक्ट्रिक उपकरण व्यापारी
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त्योहारी सीजन को देखते हुए दुकानादरों ने ग्राहकों को लुभाने के लिए कई योजनाएं बनाई हैं। ऑन लाइन में हो रही ठगी के चलते ग्राहक फिर से शोरूम पर आने भी लगे हैं।
नरेश सुवालका, इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापारी
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ऑनलाइन में हो रही ठगी व नकली माल के चलते ग्राहक अब फिर से ऑफ लाइन की ओर आ रहा है। अब ऑफलाइन व ऑनलाइन की कीमतों में भी अन्तर नहीं रहा है।
जितेन्द्र रहेजा, इलेक्ट्रोनिक्स व्यापारी

Suresh Jain Reporting
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