सजधज कर पूजे गोवर्धन, बैलों की पूजा कर भड़काए

महिलाओं में दिखा उत्साह

By: Suresh Jain

Updated: 15 Nov 2020, 06:10 PM IST

भीलवाड़ा।
जिले में रविवार को दीपावली के दूसरे दिन महिलाओं ने अपने घरों के बाहर गोर्वधन की पूजा अर्चना की गई। सुबह से ही महिलाओं में इसको लेकर बड़ा उत्साह देखने को मिला। हालांकि सुबह 10.37 बजे तक अमावश्या थी, लेकिन इससे पहले ही महिलाओं ने पूजा शुरू कर दी थी। सुबह के समय महिलाएं सजी संवरी और घरों के बाहर गोबर से भगवान गोवर्धन बनाकर उसकी पूजन किया। महिलाओं ने एक दूसरे को दीपोत्सव की रामा श्यामा की और बड़े बुजुर्गों का आर्शीवाद लिया। इस मौके पर घरों के बैलों व गायों का भी पूजन किया गया। दिन में बैलों व गायों को निलाया तथा बाद में उनके सिंगों पर रंग रोगन किया गया। शाम को उनकी पूजा करके बैलों को भड़काया। जिले में भी किसानों व पशु पालकों ने गाय पूजन किया। महिलाओं ने गोर्वधन बनाकर पूजा अर्चना की गई। शाम के समय अन्नकूट का आयोजन किया।
क्यों पूजते है गोवर्धन
इस दिन भगवान इंद्र की पूजा की जाती थी लेकिन श्री कृष्ण ने उनकी पूजा बंद करा कर गोवर्धन पूजा आरंभ की। कृष्ण का कहना था कि गोवर्धन आपका व मवेशियों का पेट भरते है, इसलिए इन्द्र के बजाय गोवर्धन की पूजा करनी चाहिए। गोवर्धन पूजा पर्व को अन्नकूट पर्व के नाम से भी जाना जाता है। कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को गोवर्धन उत्सव मनाया जाता है। इस दिन अन्नकूट उत्सव भी मनाया गया। अन्नकूट या गोवर्धन पूजा भगवान कृष्ण के अवतार के बाद द्वापर युग से प्रारम्भ हुई थी। जो आज भी यह परम्परा कायम है।

Suresh Jain Reporting
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