बोर्ड परीक्षा में उम्र में बड़े दिख रहे 47 संदिग्ध छात्र पकड़े, केंद्र से कैमरे भी चोरी

अधिकारियों को शक है कि इन्होंने स्कूल संचालकों से सांठगांठ कर मार्कशीट में उम्र कम कराने के लिए दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा किया है।

By: shatrughan gupta

Published: 19 Mar 2020, 09:10 PM IST

भिण्ड/ फूप. माध्यमिक शिक्षा मंडल की हाईस्कूल अंग्रेजी विषय की परीक्षा के दौरान दो परीक्षा केंद्रों पर 47 संदिग्धों को परीक्षा देते हुए चिन्हित किया है। अधिकारियों को शक है कि इन्होंने स्कूल संचालकों से सांठगांठ कर मार्कशीट में उम्र कम कराने के लिए दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा किया है। डीआईओ ने तीन स्कूल संचालकों का रिकॉर्ड तलब किया है। गड़बड़ी पाए जाने पर तीनो के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।

गुरुवार को हाईस्कूल अंग्रेजी विषय की परीक्षा के दौरान डीईओ हरभुवनसिंह तोमर और एसडीएम मोहम्मद इकबाल ने शामावि फूप परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों की नजर कुछ ऐसे छात्रों पर पड़ी जिनकी उम्र 20 से 25 साल के बीच लग रही थी, लेकिन प्रवेश पत्र में आयु 14 से 16 साल थी।

पूछताछ के दौरान भी उक्त छात्र संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए। फूप परीक्षा केंद्र पर 31 संदिग्ध छात्रो को चिन्हित किया गया है। इनमें से 25 छात्र जय गुरुदेव उमावि विंडवा के है तथा 6 आरएस पब्लिक स्कूल फूप के। मावि परीक्षा केंद्र से अब तक कार्रवाई के भय से 80 से अधिक छात्र परीक्षा से तौबा कर चुके हैं।


पहले से खराब है दोनों स्कूलों का रिकॉर्ड

2015 से संचालित उक्त दोनों ही स्कूलों का रिकॉर्ड पूर्व से खराब है। वर्ष 2016 में तत्कालीन कलेक्टर इलैयाराजा टी ने दोनों स्कूलों के संचालकों पर एफआईआर दर्ज कराने के साथ बोर्ड को भी मान्यता रद्द करने के लिए लिखा था, लेकिन स्कूल संचालक शिक्षा विभाग के अधिकारियों से सांठगंाठ कर मान्यता बहाल कराने में सफल रहे।

इसी प्रकार शांति किशोर शिक्षा महाविद्यालय परीक्षा केंद्र से भी 16 संदिग्धों को चिन्हित किया गया है। ये सभी छात्र मुन्नासिंह हाईस्कूल नुन्हाटा के बताए जा रहे हैं। इस स्कूल पर भी उम्र में फेरबदल करने के लिए दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा करने का आरोप है।

62 परीक्षा केंद्रों पर हाईस्कूल के कुल 24641 में से 22630 परीक्षार्थी उपस्थित रहे। 2011 परीक्षार्थी परीक्षा से गैरहाजिर रहे। बोर्ड के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर 6 नकलचियों को पकड़ा गया है।


पहले कैमरों की लोकेशन बदली, फिर भी काम नहीं चला तो चोरी करवा दिए तीन कैमरे

बोर्ड के मावि फूप परीक्षा केंद्र पर नकल माफिया की पहुंच नजर आई है। 15 मार्च तक तीन कक्षों में लगे सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन ऐसी थी कि स्क्रीन पर सभी छात्र नजर आ रहे हैं, लेकिन इसके बाद कैमरों की लोकेशन बदल दी गई। 16 मार्च के बाद की परीक्षाओं में सिर्फ दो या तीन टेबलों पर बैठे छात्र ही दिख रहे हैं।

इसके बाद भी जब माफिया का मन नहीं भरा तो अंग्रेजी परीक्षा से ठीक पहले कक्ष कं.1,2 और 5 में लगे सीसीटीवी कैमरे चोरी करवा दिए। डीईओ ने फु टेज देखने के बाद यह खुलासा किया है। कैमरे चोरी के मामले में शाला के भृत्य के खिलाफ फूप थाने में प्रधानाध्यापक की ओर से आवेदन दिया गया है। तीनों कमरों में दोबारा नए सीसीटीवी कैमरे लगा दिए हैं।

कलेक्टर ने किया केंद्रों का निरीक्षण

कलेक्टर छोटेसिंह ने आधा दर्जन से अधिक परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। कलेक्टर सबसे पहले बांके बिहारी शिक्षा समिति महाविद्यालय भिण्ड परीक्षा केंद्र पहुंचे। यहां की व्यवस्थाओं से संतुष्ट नजर आए। शासकीय गुरु वशिष्ठ उमावि जवासा, लालबहादुर शास्त्री उमावि मुरलीपुरा, ज्ञानवती महाविद्यालय पिथनपुरा ,धीरसिंह महाविद्यालय गोरमी, रामनाथ सिंह महाविद्यालय गोरमी का निरीक्षण किया। प्राचार्य कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था का भी अवलोकन किया।

परीक्षा के दौरान 47 संदिग्ध छात्रों को चिन्हित किया है। स्कूलों से रिकॉर्ड तलब किया है। यदि रिकॉर्ड नहीं दिया तो अगली परीक्षा से वंचित किया जा सकता है। गड़बड़ी पाए जाने पर संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। फूप में सीसीटीवी कैमरे चोरी होने के मामले में पुलिस को सूचना दी है।

हरभुवन सिंह तोमर, जिला शिक्षा अधिकारी भिण्ड

कैमरा चोरी होने के मामले में प्रधानाध्यापक की ओर से आवेदन प्राप्त हुआ है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। तथ्य सामने आने के बाद एफआईआर दर्ज की जाएगी।

-संजय सोनी टीआई फूप

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