आखिर माफिया के जब्त वाहन क्यों नहीं होते राजसात जाने

थ्रीडी व पॉकलेन मशीनों को खराब करके खदान पर ही छोड़ दिया जाता है माफिया के लिए, जब्ती की कार्रवाई के दौरान बने वीडियो से हुआ साठगांठ का खुलासा

By: monu sahu

Published: 24 Jul 2018, 05:05 PM IST

भिण्ड. अवैध खनन पर रोक लगे तो कैसे ? जब खनिज विभाग के ही कारिंदे रेत के खननकर्ताओं को संरक्षण देते हों। जी हां, जिले में रेत खनन पर प्रतिबंध के बाद भी खनन हो रहा है जिसके पीछे खनिज विभाग के ही अधिकारियों की शह है। यह खुलासा पत्रिका के हाथ लगे एक वीडियो से हुआ है जिसमें पॉकलेन मशीन जानबूझकर छोडऩे के लिए उसे खराब दर्शाने की कोशिश की जा रही है।

अक्सर रेत खदानों पर छापामार कार्यवाही के दौरान खनिज अधिकारियों व पुलिस के संयुक्त अमले को न केवल खननकर्ता नदारद मिलते हैं बल्कि मौके पर मिलने वाली पॉकलेन, थ्रीडी मशीन एवं ट्रक, डंपर जैसे वाहनों में से कुछ को जब्त कर लिया जाता है और कुछ को खराब बताकर वहीं छोड़ दिया जाता है। ये सिलसिला लंबे अर्से से चल रहा है। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को गुमराह करने के लिए छापामार टीम द्वारा मौके पर बनाए जाने वाले वीडियो में वाहन को छोड़े जाने का कारण दर्शा दिया जाता है।

लाखों घन मीटर रेत के डंप हैं जिले भर में जो नहीं हो पा रहे जब्त

नयागांव, भारौली, रौन, असवार एवं लहार थाना क्षेत्र में लाखों घन मीटर रेत जमा कर लिया गया है जिसे प्रशासन जब्त नहीं कर पा रहा है। जब्ती के नाम पर महज खानापूर्ति की जा रही है। पिछले माह ऊमरी क्षेत्र के अतरसूमा में 250 ट्रक रेत डंप जब्त किया गया था जिसे माफिया ने उसी रात चोरी कर लिया। जानकारों के मुताबिक यदि जिले भर के अवैध रेत डंप जब्त कर लिए जाएं तो शासन को करीब 10 करोड़ रुपए के राजस्व का मुनाफा हो सकता है।

स्टाफ की कमी से जूझ रहा है खनिज विभाग : जिले का खनिज विभाग पिछले कई सालों से स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। तीन निरीक्षकों के पद स्वीकृत हैं लेकिन एक ही निरीक्षक वर्तमान में कार्यरत है। लिपिक वर्गीय स्टाफ में भी दो कर्मचारियों की कमी बनी हुई है।

नियम की अनदेखी कर तृतीय श्रेणी कर्मचारी को दे दिया निरीक्षक का प्रभार

खान एवं खनिज मैनुअल के मुताबिक अनाधिकृत खनन व अवैध परिवहन के विरुद्ध तृतीय श्रेणी कर्मचारी कार्यवाही के लिए अधिकृत नहीं है। खनिज निरीक्षक या जिला खनिज अधिकारी के न होने पर कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर, सीईओ जिला पंचायत, जनपद पंचायत, उप संचालक खनिज, सहायक खनिज अधिकारी, प्रभारी अधिकारी उडऩदस्ता, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार, नायब तहसीलदार या कलेक्टर द्वारा अधिकृत अन्य कोई भी कार्यपालिक अधिकारी कार्यवाही कर सकता है। लेकिन भिण्ड में खनिज कार्यालय के सर्वेयर विजय चक्रवर्ती को नियम की अनदेखी कर खनिज निरीक्षक का प्रभार दे दिया गया है।

28 सेकंड के वीडियो में हुई प्रभारी खनिज निरीक्षक विजय चक्रवर्ती व मशीन चेक करने वाले युवक से बातचीत के प्रमुख अंश

प्रभारी निरीक्षक- मशीन को चालू करने का प्रयास कर रहे हैं चालू हो सकती है क्या?

मिस्त्री- चालू अभियाल करी तो हती

प्रभारी निरीक्षक- चालू हो जाएगी ? चली जाएगी

मिस्त्री- चालू अई है

प्रभारी निरीक्षक- खराब हो गई है ?

मित्री- हां खराब हो गई है

प्रभारी निरीक्षक- क्या खराबी है कुछ जानकारी है क्या ?

मिस्त्री- ठीक से कुछ बोल भी नहीं पाया

प्रभारी निरीक्षक- वायरिंग आयरिंग जल रही है ? आग लगने का खतरा है क्या ?

मिस्त्री- हां साब

वहीं दूसरे 17 सेकंड के वीडियो में छापामार टीम में से ही किसी सदस्य द्वारा कहा जा रहा है कि मशीन की बैटरी निकालकर पानी में फेंक दो।

&पॉकलेन की वायरिंग में आग लग गई थी इस कारण वह स्टार्ट नहीं हो पाई। फिर भी उसे निगरानी में लिया हुआ है। वहीं स्थानीय गांव में रखवा दिया है।

विजय चक्रवर्ती, सर्वेयर एवं प्रभारी खनिज निरीक्षक

&यदि इस तरह के तथ्य परक वीडियों हैं तो उपलब्ध कराईए। संबंधित के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।

आशीष कुमार गुप्ता, कलेक्टर

Show More
monu sahu
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned