16 घंटे जाम में फंसी रही एंबुलेंस, तड़पता रहा मरीज

किसान खेत जोतने नहीं पहुंच पाए, आर्मी के कई जवानों की ट्रेन भी मिस हो गईं, सैकड़ों यात्री बसों के अंदर जाम में फंसे रहे

फूप. भिण्ड के फूप से लेकर यूपी के इटावा जिला अंतर्गत बरही तक हर रोज के जाम से लोगों को निजात नहीं मिल पा रही है। मंगलवार की रात 11 बजे से लगा जाम बुधवार के अपराह्न 3 बजे खुल पाया। ऐसे में न सिर्फ आम यात्री, बल्कि किसान व आर्मी के जवान को भी मुसीबतों का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं जाम में एक एंबुलेंस का मरीज भी उपचार के अभाव में तड़पता रहा।


उदी मोड़ पर मंगलवार रात में लगाए गए चेकिंग प्वाइंट के चलते फूप से लेकर चंबल पुल तक 15 किमी लंबा जाम हो गया। रात 11 बजे से बुधवार की अल सुबह पांच बजे तक 15 किमी लंबा जाम हो गया। चिंतनीय विषय ये है कि चेकिंग के दौरान लगने वाले जाम का ख्याल किसी अधिकारी को नहीं रहता, जिसका खामियाजा आम आदमी को परेशान होकर चुकाना पड़ रहा है।


दर्द से तड़पता रहा मरीज, नहीं निकल पाई एंबुलेंस


इटावा से ग्वालियर के लिए एंबुलेंस में लिटाकर ले जाए जा रहे मरीज राजेश कुमार निवासी फिरोजाबाद को हर पल मौत से गुजरना पड़ा। जाम में फंस जाने के कारण एंबुलेंस न पीछे जा सकी और ना ही आगे बढऩे का अवसर मिल पा रहा था। ऐसे में रात करीब 12:30 बजे जाम में फंसी एंबुलेंस मरीज के साथ अपराह्न 3 बजे निकल पाई। गनीमत ये रही कि मरीज की जान नहीं गई, लेकिन उसे कई बार मौत से साक्षात्कार करना पड़ा।


खेत का किसान और सीमा का जवान भी हुआ परेशान


भले ही हमारे देश में खेत पर किसान और सीमा पर जवान की जय बोली जाती है, लेकिन यूपी और नेशनल हाईवे 92 के चंबल के निकट यूपी व एमपी सरहद पर व्याप्त अव्यवस्थाओं में किसान और जवान को भी परेशान होकर ही गुजरना पड़ रहा है। भिण्ड के ग्राम मसूरी निवासी आर्मी जवान गौरव भदौरिया असम के गुवाहटी में पदस्थ हैं। बुधवार को उन्हें सुबह 11 बजे इटावा से ट्रेन पकडऩी थी। वह इटावा के लिए सुबह 7 बजे घर से निकले थे। अधिकतम 45 मिनट में इटावा की दूरी तय हो जाती है, लेकिन जाम में फंस जाने के कारण वह 10 बजे तक भी नहीं पहुंच पाए। इस दौरान पत्रिका के स्थानीय प्रतिनिधि अनुज दीक्षित ने उनकी परेशानी को महसूस कर अपनी बाइक पर बिठाकर इटावा रेलवे स्टेशन तक पहुंचाया, वहीं खेत की जुताई करने निकले कृषक अवधेश सिंह निवासी बरही ने बताया कि वह अलसुबह 4 बजे खेत जोतने के लिए निकले थे। जाम में फंस जाने के कारण दोपहर तक खेत पर नहीं पहुंच पाए, लिहाजा जाम खुल जाने के बाद वह बिना जुताई किए ही घर लौट आए।


खनिज परिवहन में लिप्त वाहनों से अवैध वसूली बन रहा हर रोज के जाम का कारण


उल्लेखनीय है कि गिट्टी, रेत, मुरम से भरे ट्रक, डंपर तथा ट्रैक्टर-ट्रॉली सर्वाधिक यूपी के लिए परिवहन करते हैं। ऐसे में चेकिंग के नाम पर यूपी पुलिस चंबल से लेकर उदी मोड़ एवं यमुना पुल तक वाहनों से अवैध धन उगाही कर रही है। यदि रात के समय संबंधित वरिष्ठ अधिकारी निरीक्षण करें तो सारी हकीकत सामने आ जाएगी। यहां बता दें कि चेकिंग प्वॉइंट पर तैनात रहने वाले पुलिसकर्मियों के पास वाहनों की लंबी सूची होती है, जिसमें महीनेदारी अदा करने वाले वाहनों को जाने दिया जाता है, जबकि नए वाहन को नकद वसूल करने के बाद ही जाने दिया जाता है। यही वजह है कि हर रोज चंबल पुल से लेकर बरही तक जाम के हालात निर्मित हो रहे हैं।


जाम की सूचना मिलने के उपरांत पुलिस बल भेजा गया और वाहनों को एक-एक कर निकलवाने की प्रक्रिया शुरू कराई गई। यूपी में चेकिंग के चलते जाम की स्थिति निर्मित हुई।
संजय सोनी, थाना प्रभारी फूप

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महेंद्र राजोरे Desk
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