भिण्ड में बर्ड फ्लू की दस्तक, मारकर दफनाए मुर्गे-मुर्गियां

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मांस मंडी से 50 से ज्यादा मुर्गे-मुर्गियां व 2000 से अधिक अंडे जब्त कर कराए नष्ट, कलेक्टर ने मांस के विक्रय पर रोक के दिए निर्देश, गुरुवार की रात भी मरे दर्जनों पक्षी |

By: shatrughan gupta

Published: 19 Mar 2020, 09:39 PM IST

मेहगांव. देशभर में चल रहे कोरोना वायरस के कहर के बीच भिण्ड जिले में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। इसके बाद प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। मेहगांव तथा आलमपुर कस्बे में मांस मंडी से 50 से ज्यादा मुर्गे-मुर्गियों को जीवित अवस्था में पकड़ा और उन्हें मरवाकर दफनाया गया।

2000 से अधिक अण्डे भी जब्त कर नष्ट कराए गए। यहां बता दें कि दो दिन पूर्व मृत मिले पक्षियों की जांच के बाद बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। इसके बाद मेहगांव तथा आलमपुर में पशु चिकित्सा विभाग हरकत में आया। कलेक्टर छोटे सिंह ने जिले में मांस के विक्रय पर रोक लगा दी है।

मेहगांव, भिण्ड, दबोहा में दो दिन पहले स्वत: ही मुर्गे-मुर्गियों के मरने की खबरें आई थीं। इसके बाद बुधवार को पक्षियों के मरने का सिलसिला शुरू हुआ। बीटीआई रोड इलाके में बड़ी संख्या में कौए मरे मिले।

गुरुवार की अलसुबह मेहगांव में बड़े हनुमान मंदिर परिसर के अलावा पचैरा रोड किनारे स्थित मंदिर के पेड़ पर रहने वाले 25 से ज्यादा पक्षी मृत पड़े देखे गए। इधर दोपहर बाद आई मृत पक्षियों की पीएम रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद पशु चिकित्सा विभाग की टीम सक्रिय हो गई।

नपा, पुलिस एवं पशु चिकित्सा विभाग के अमले ने चलाया अभियान


दोपहर करीब 2 बजे उप संचालक पशु चिकित्सा विभाग से डॉ. एसएस चौहान, डॉ. पुष्पेंद्र सिंह कुशवाह सहित छह सदस्यीय दल मेहगांव पहुंचा। मेहगांव से पशु चिकित्सक प्रिया शुक्ला, अशोक चौधरी के अलावा नगर परिषद सीएमओ राघवेंद्र शर्मा मय सफाई अमले के साथ मांस मंडी तथा आवासीय इलाकों में घरों के अंदर मुर्गी पालन करने वालों के ठिकानों पर छापामार कार्रवाई में शामिल रहे।

इनके साथ पुलिस थाना मेहगांव से उपनिरीक्षक जेएस सिकरवार, प्रधान आरक्षक यशवंत सिंह सहित आठ सदस्यीय बल मौजूद रहा।

मुर्गे-मुर्गियां व अण्डे जब्त करने के दौरान झगड़े विक्रेता

कार्रवाई के दौरान पशु चिकित्सा विभाग, नगर परिषद तथा पुलिस बल द्वारा जब मांस मंडी के अलावा घरों में भी मुर्गियों की सर्चिंग की गई तो लोग झगड़े पर आमादा हो गए। एक घर से मुर्गियों के अलावा बतख भी निकली, जिसे नहीं देने पर बतख स्वामी अड़ गया।

उसने कहा कि वह दो हजार रुपए में बतख लेकर आया था। हंगामे बीच मुर्गे तथा अण्डे विक्रेताओं को उनके नुकसान का मुआवजा दिलाने की समझाइश दी गई। यहां बता दें कि मेहगांव में करीब 12 घरों एवं दुकानों से 40 मुर्गे-मुर्गियां जिंदा बरामद किए गए जिन्हें मारकर दफनाया गया है। 1500 अण्डे जब्त कर नष्ट किए हैं। जबकि आलमपुर कस्बे में 500 अण्डे एवं 10 मुर्गे-मुर्गियां बरामद की गईं।

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