ऐरियर के बोझ से दबी कंपनी अब सरकारी विभागों के कनेक्शन काटेगी

विभागों पर बनाया जाएगा दबाव, आमजन को भी करेंगे बाध्य

By: Rajeev Goswami

Published: 07 Mar 2020, 11:14 PM IST

भिण्ड. ऐरियर के बोझ से दबी मप्र विद्युत वितरण कंपनी ने शनिवार से बकायादार सरकारी विभागों के कनेक्शन काटने का निर्णय लिया है। इस संबंध में 15 दिन पहले ही नोटिस जारी कर दिए गए थे। इन नोटिसों की मियाद भी 7 मार्च को खत्म हो रही है। जिले में दो दर्जन से अधिक सरकारी विभागों के 1531 कनेक्शनों पर 23.81 करोड़ से अधिक बकाया है। कंपनी के अधिकारियों का मानना है कि विभागों पर दबाव बनाए जाने से आम कं’ाूमर को भी विद्युत बिल अदा करने के लिए बाध्य किया जा सकेगा।

जिले की चारों डिवीजनों में एक ओर प्रतिमाह 11 करोड़ यूनिट विद्युत की खपत हो रही है, वहीं दूसरी ओर भिण्ड जिले का नाम ऐरियर वसूली में निचले पायदान पर है। आज की स्थित में ऐरियर बढक़र 681 करोड़ के भी ऊपर निकल गया है। एमडी, सीएमडी और ऊर्जा सचिव की बैठकों में भी कई बार जिले के अधिकारियों को फटकार लग चुकी है। विभागों पर दबाव बनाने के लिए कंपनी के सीनियर अधिकारियों ने आवश्यक सेवाएं, अस्पताल, स्कूल, पेयजल सप्लाई आदि को छोडक़र शेष बकायादार विभागों के कनेक्शन 7 मार्च से काटने के निर्देश दिए हैं।आदेश पर अमल करने के लिए कंपनी के जिलास्तरीय अधिकारियों ने प्रबंधक और उपप्रबंधकों की देखरेख में टीमों का गठन किया है। फरवरी के अंतिम सप्ताह में ही महाप्रबंधक तथा उपमहाप्रबंधक स्तर के अधिकारियों ने नोटिस तामील कराने के साथ संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ मीटिंग भी की, लेकिन इसका कोईअसर दिखाईनहीं दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने करीब 35 करोड़ का भुगतान किया है। इसके अलावा अन्य विभागों की ओर से इस दिशा में कोई पहल नहीं की गई।

इन विभागों के काटे जा सकते हैं कनेक्शन

पंचायत विभाग के 418 कनेक्शनों पर कंपनी का सबसे अधिक 7.88 करोड़ बकाया है। इसी प्रकार 3.20 करोड़ का बकायादार दूरसंचार विभाग दूसरे स्थान पर है। दूरसंचार विभाग के जिले में 78 कनेक्शन हैं और सालों से बिल अदा नहीं किया गया है। आदिम जाति कल्याण विभाग के 25 कनेक्शनों पर 3.99 करोड़ बकाया है। नगरीय निकाय विभाग चौथे स्थान पर है। इसके 110 क नेक्शनों पर कंपनी का 2.79 करोड़ बकाया है। कंपनी पेयजल सप्लाई करने वाले पंपों को छोडक़र ऑफिस के कनेक्शन काट सकती है। इसी प्रकार शिक्षा विभाग के 593 कनेक्शनों पर 2.10 करोड़ रुपए बकाया है। कंपनी ने बोर्ड परीक्षा के केंद्र बनाए गए स्कूलों को छोडक़र अन्य ऑफिस, स्कूलों के कनेक्शन काटने के संकेत दिए हैं। स्वास्थ्य, पुलिस, लोनिवि, सिंचाई, वन विभाग, कृषि, राजस्व, जेल, पीएचई, कृषि, पशु चिकित्सा विभाग, सेलटैक्स आदि विभागों पर भी लाखों की राशि बकाया होने के चलते कंपनी के रडार पर हैं। गत वर्ष की अपेक्षा सरकारी विभागों पर ऐरियर 7.50 करोड़ से अधिक बढ़ गया है।

Rajeev Goswami
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