गांव में मशीनों से चल रहे निर्माण कार्य, मजदूरों से छीना जा रहा हक

सरपंच व सचिव की मिलीभगत से निर्माण कार्यों में किया जा रहा फर्जीवाड़ा

मेहगांव. ग्रामीण क्षेत्रों से मजदूरी के लगातार हो रहे पलायन को देखते हुए शासन द्वारा महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना शुरू की गई थी, जिसके चलते यह योजना कई जगह गरीब परिवारों के लिए वरदान साबित हुई। वहीं शासन की यह महत्वाकांक्षी योजना भिण्ड जिले के गांवों में सरंपच व सचिवों की कमाई का जरिया बन चुकी है। मनरेगा में घोटालों के लेकर आए दिन नए खुलासे व आरोप प्रत्यारोप देखने को मिलते हैं, लेकिन अभी तक प्रशासन द्वारा इसे लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा सकी है।


मेहगांव क्षेत्र की ग्राम पंचायत कठौंदा के ग्राम सरसेड़ में सरपंच व सचिव की मिलीभगत से बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया है। ग्राम पंचायत सरपंच बदन सिंह द्वारा गांव के माता मंदिर से लेकर बघेलन के पुरा तक कच्ची सड़क का निर्माण कराया गया है। इसमें सड़क निर्माण में 3 लाख 86 हजार रुपए मजदूरी लागत बताई गई है। वहीं मटेरियल 20 लाख 82 हजार रुपए का बताया गया है, लेकिन सरपंच व सचिव द्वारा सड़क निर्माण कार्य मजदूरों से ना कराते हुए जेसीबी मशीन से लिया गया है, वहीं ग्राम कुठौंदा में ही श्रीकृष्ण शर्मा के खेत से मुंशीलाल के खेत तक खेत सड़क योजना के तहत कार्य किया गया। इसके साथ ही गांव में खेल मैदान के लिए जारी की हुई राशि भी सरपंच व सचिव द्वारा हड़प कर ली गई। गांव में किसी तरह के खेल मैदान को लेकर काम नहीं हुआ है।


झांसा देकर मजदूरों के खाते से निकलवाते हैं पैसे


दरअसल शासन द्वारा गांवों में सभी प्रकार कच्चे निर्माण कार्यों को मजदूरों के माध्यम से कराए जाने के निर्देश हैं। इसके बाद भी मशीनों से ही कार्य कराए जाते हैं और दस्तावेजों में मजदूरों का ही नाम चलता रहता है एवं मजदूरों के खाते भी खोले गए हैं, जिनमें शासन की तरफ से पैसे भी डाले जाते हैं। सरपंच व सचिव मजदूरों को झांसा देकर उनका अंगूठा लगवाकर उनकी राशि निकाल लेते हैं।


इन लोगों के साथ हुआ फर्जीवाड़ा


दरअसल गांवों में मजदूरी करने वाले अधिकांश मजदूर साक्षर नहीं होते। इसी के चलते सरपंच व सचिव फायदा उठाकर उनसे अंगूठा लगवाकर मजदूरी की राशि निकाल लेते हैं। इसी के चलते ग्राम सरसेड़ के कल्याण पुत्र बटूरी ने नरेगा में मजदूरी की। जिसके लिए उसके खाते में 10384 और 8170 रुपए की राशि डाली गई, लेकिन उसके साथ भी फर्जीवाड़ा कर उसकी राशि निकाल ली गई। वहीं कमला बाई के बैंक खाते में 16720 व 13110 रुपए मजदूरी की राशि आई। इसे भी उनके द्वारा इसी तरीके से निकाला गया। गांव की ही कुंजाबाई ने भी बताया कि उनके खाते से भी 5984 व 6270 रुपए की राशि निकाल ली गई है।


मैंने कई बार सरपंच-सचिव से पूछा है कि आपने मेरा खाता बैंक में खुलवाया है, लेकिन अभी तक मुझे एक पैसा नहीं मिला। तो वह लोग अंगूठा लगाने पर पूरा पैसा देने की बात तो कहते हैंख् मगर अभी तक एक पैसा नहीं दिया।
कुंजाबाई, मजदूर


हम पढ़े-लिखे नहीं हैं। इसलिए जहां सरपंच कहते हैं वहां अंगूठा लगा देते हैं। बैंक में खाता तो खुला है पर अभी तक एक भी पैसा नहीं मिला।
कमला बाई, मजदूर


ग्राम पंचायत कुठौंदा में सरपंच व सचिव द्वारा यदि मशीनों से सड़क निर्माण कराया जा रहा है। तो यह गलत है। वहीं मजदूरों का पैसा हड़पने पर भी गंभीर मामला बनता है। तत्काल जनपद सीईओ से इस मामले की जांच कराऊंगा और दोषी पाए जाने पर सरपंच व सचिव के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
ब्रजविहारी लाल श्रीवास्तव, एसडीएम मेहगांव

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महेंद्र राजोरे Desk
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