सपना बनी अपना घर

2 साल में भी शुरू नहीं हो पाया हाउसिंग बोर्ड की आवासीय कॉलोनी का निर्माण, भिंड ग्वालियर नेशनल हाईवे पर गोहद चौराहा के निकट बसे छीमका गांव में प्रस्तावित है ३२० मकानों की आवासीय बस्ती

By: Rajeev Goswami

Published: 03 Jan 2019, 11:28 PM IST

गोहद. भिण्ड-ग्वालियर नेशनल हाइवे पर गोहद चौराहा के निकट बसे ग्राम छीमका में मध्यप्रदेश गृह निर्माण मंडल द्वारा स्वीकृत ३२० मकानों की आवासीय कॉलोनी का निर्माण दो साल बाद भी शुरू नहीं हो पाया है। ग्राम पंचायत छीमका की सहमति से जिला प्रशासन इसके लिए हाउसिंग बोर्ड को ५ हेक्टेयर जमीन का पहले ही आवंटन कर चुका है। कॉलोनी का निर्माण न होने से स्थानीय आवासहीन लोगों को सस्ते रिहायशी आवास नहीं मिल पा रहे हैं।

गोहद कस्बे के प्रमुख हिस्से गोहद चौराहा पर, नेशनल हाइवे पर स्थित होने की वजह से यहां लगातार बाजार और आबादी का बेतरतीब विस्तार हो रहा है। चोराहा से मात्र ३ किमी की दूरी पर बसे ग्राम छीमका में मप्र गृह निर्माण मंडल ने २०१५-१६ में अटल आश्रय योजना के तहत जरूरतमंद आवासहीन लोगों को सस्ते निर्मित मकान मुहैया कराने के लिए उक्त कॉलोनी के विकास का निर्णय लिया था। कॉलोनी में सडक़, बिजली, पेयजल, सीवेज ड्रेनेज आदि की सुविधाओं के साथ एलआईजी (लो इनकम ग्रुप) एवं ईडब्ल्यूएस (इकोनोमिकली वीकर सेक्सन) टाइप के कुल ३२० भवनों का निर्माण होना था। बताया जाता हैकि हाउसिंग बोर्ड अब इसे अटल आश्रय योजना के स्थान पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाने की तैयारी कर रहा है। इस योजना में बोर्ड को केन्द्र सरकार की ओर से प्रति भवन २.५० लाख रुपए की सबसिडी मिलेगी। निर्मित मकानों के आवंटन के लिए बोर्ड द्वारा हितग्राहियों की बुकिंग की जाएगी। उपलब्ध भवनों की तुलना में बुकिंग कराने वाले हितग्राहियों की संख्या अधिक होने पर भवनों का आवंटन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। बोर्ड द्वारा गत वर्ष अटल आश्रय योजना के तहत कुछ मकानों के लिए हितग्राहियों की बुकिंग की गई थी, जो अब रद्द कर दी गई है।

कॉलोनी के निर्माण से चौराहा का होगा विकास

नेशनल हाइवे के किनारे छीमका गांव में इस प्रस्तावित हाउसिंग प्रोजेक्ट स्थल के पास ही गोहद चौराहा का नया भवन भी स्वीकृत है। पास ही लगभग ३५ मकानों की आदिवासियों की भी बस्ती है। हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनी के बनने से गोहद चौराहा से छीमका तक एनएच के दोनों ओर ३ किमी तक रिक्त पड़ी अन्य निजी जमीनों पर भी आवासीय व व्यावसायिक गतिविधियों व बाजार का विस्तार होगा, जिससे लोगों को रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इससे चौराहा से ५ किमी दूर बसे पुराने गोहद नगर पर आबादी का दबाव कम होगा। यहां बतादें कि हाउसिंग बोर्ड द्वारा भिण्ड को ग्वालियर चंंबल संभाग के प्राय: हर जिले में नई टाउनशिप व कमर्सियल कांप्लेक्स बनाए जा रहे हैं। बोर्ड ने लगभग एक दशक पहले तक भिण्ड में संचालित अपना सहायक यंत्री कार्यालय भी बंद कर दिया है।

-कॉलोनी के लिए छीमका पंचायत में ५ हेक्टेयर जमीन का आवंटन हो चुका है। पहले यहां ३२० मकानों का अटल आश्रय योजना के तहत निर्माण होना था पर अब यह पीएम आवास योजना के तहत बनेंगे। इसके लिए केन्द्र सरकार से बजट राशि की उपलब्धता होना है।

विपिन शर्मा, सहायक यंत्री मप्र गृह निर्माण मंडल भिंड

Rajeev Goswami
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned