scriptFarmers angry over illegal recovery in cattle market, chased and beat | पशु हाट में अवैध वसूली को लेकर भडक़े किसान, दौड़ा-दौड़ाकर पीटा | Patrika News

पशु हाट में अवैध वसूली को लेकर भडक़े किसान, दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

locationभिंडPublished: Feb 04, 2024 12:49:44 pm

Submitted by:

Ravindra Kushwah

मेला परिसर के एक हिस्से में रविवार को लगने वाली पशु हाट में अवैध वसूली का मामला सामने आया है। वसूली का विरोध करने पर धमकाने पर किसानों और पशु पालकों ने अवैध वसूली करने वाले लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। वसूली का आरोप बजरंग दल पर है। संगठन ने अवैध वसूली से साफ इनकार करते हुए कहा कि अवैध गोवंश की सूचना पर पूछताछ करने कार्यकर्ता गए थे, जिस पर उनके साथ मारपीट की गई है। सीएमओ ने अवैध वसूली की बात तो स्वीकारी, लेकिन वसूली करने वाले अज्ञात बताए हैं।

पशु हाट में अवैध वसूली
अवैध वसूली के आरोप लगाकर मारपीट करते लोग।
भिण्ड. शहर में हर रविवार व गुरुवार को पशु हाट लगती है। लंबे समय से इसमें अवैध वसूली हो रही है। पूर्व में भी 100 रुपए की जगह 500-600 रुपए वसूले जाने के मामले सामने आ चुके हैं। अध्यक्ष प्रतिनिधि और सीएमओ स्वयं जाकर इसकी जांच कर चुके हैं, कार्रवाई और अवैध वसूली रोकने की बात भी कही गई थी, लेकिन सबकुछ पूर्ववत चल रहा है। इस रविवार को भी बजरंग दल की ओर से अवैध वसूली किए जाने की सूचना मिली, जिस पर गुस्सा पशु क्रेता व विक्रेताओं ने दो लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। वहां मौजूद लोगों ने इसके वीडियो भी बनाए और वायरल कर दिए। बता दें कि नगरपालिका की ओर से पशु हाट में प्रति पशु की खरीद-बिक्री पर 100 रुपए शुल्क लेने का प्रावधान है, लेकिन यहां 500-600 रुपए वसूले जाते हैं । हालांकि बजरंग दल के संयोजक बादशाह गुर्जर ने बताया कि उनके कार्यकर्ताओं को पशु हाट में निराश्रित गोवंश के बेचने की सूचनाएं मिलीं थीं, इस पर तहकीकात करने मौके पर गए थे। कुछ संदेह होने पर पूछताछ की तो लोगों ने मारपीट कर दी। बचाव करने आए कार्यकर्ताओं के साथ भी मारपीट कर दी। अतुल राजावत ने बताया कि वे तो बचाव करने गए थे और भैया के साथ मारपीट पर उन्हें बचाने का प्रयास कर रहे थे। पिटने वाले युवक का नाम विशेष सिंह राजावत बताया गया है।
लाखों रुपए की वसूली हर माह
एक साल से पशु हाट वसूली का ठेका नहीं हुआ है। इसलिए नगरपालिका से तय दरों की तुलना में कई गुना ज्यादा वसूली की जा रही है। हर माह इससे पांच से छह लाख रुपए की वसूली हो रही है। यह राशि नपा के खाते में 25 प्रतिशत भी नहीं जा रही है। नगरपालिका के कर्मचारियों के पास ही इसकी जिम्मेदारी है। तीन माह पूर्व भी इसी तरह का विवाद सामने आया था, तब नगरपालिका अध्यक्ष व सीएमओ ने संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई की बात कही थी। जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो अवैध वसूली करने वालों के हौसले और बढ़ गए। हर रविवार और गुरुवार को पशु हाट में सैकड़ों पशुओं की खरीद-बिक्री होती है।
नपा की शह पर हो रही अवैध वसूली
पशु हाट के साथ बाजार में पटरी वसूली के दौरान भी अवैध वसूली के मामले में पूर्व कई बार सामने आ चुके हैं, लेकिन नगरपालिका ने इन मामलों को गंभीरता से नहीं लिया। इससे पटरी कारोबारियों और पशु हाट में खरीद-बिक्री के लिए आने वाले व्यापारियों और किसानों में लंबे समय से आक्रोश पनप रहा था, जिसकी परिणिति दौड़ा-दौड़ाकर पीटने के रूप में सामने आई।
कथन-
पशु हाट में अवैध वसूली की सूचना मिली है। वसूली करने वाले लोगों की पहचान नहीं हो पाई है, इसलिए फिलहाल अज्ञात लोगों के खिलाफ अवैध वसूली का प्रकरण कोतवाली में दर्ज कराया जा रहा है, पुलिस जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई करेगी।
वीरेंद्र तिवारी, मुख्य नगरपालिका अधिकारी, भिण्ड

ट्रेंडिंग वीडियो