पूर्व सांसद ने लिया गोद फि र भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं ग्रामवासी

नल-जल योजना से लेकर प्रधानमंत्री आवास नहीं होने से परेशान लोग

मनोज शर्मा
मेहगांव. मेहगांव की आदर्श ग्राम पंचायत सोनी पूर्व सांसद डॉ. भागीरथ प्रसाद द्वारा गोद लिया गया गांव है, जिसमें दो गांव सोनी व महाराजपुरा आते हैं। पंचायत क्षेत्र की आबादी लगभग 8 हजार है जो जिले की सबसे बड़ी आबादी वाली पंचायतों में से एक है। यहां एक छोटा सा रेलवे स्टेशन भी है। जहां व्यवस्थाओं का भारी अभाव है। गांव में 30 वर्षों से नल-जल योजना पूरी तरह से बंद है। जिसके चलते गांव में 30 वर्ष पुराना ओवरहेड टैंक काफी जर्जर हालत में है। ग्रामीणों का कहना है कि इस टैंक को हटवाने के लिए कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जिसके चलते यह टैंक कभी भी बड़े हादसे की वजह बन सकता है, जिसमें जनहानि की आशंका को दरकिनार नहीं किया जा सकता है।


वहीं गांव में जलभराव की समस्या भी विकराल है। गंदा पानी सड़कों पर भरा रहता है, जिसके निकास का कोई इंतजाम नहीं है। वहीं लोगों को इन्ही रास्तों से आवागमन कनरे के मजबूर होना पड़ रहा है। मुख्य मार्ग से गांव में घुसने के लिए एक बहतरीन रोड का निर्माण कराया गया था, लेकिन कुछ लोगों द्वारा गांव की सड़क पर अतिक्रमण कर लिया गया। जहां कुछ ने निर्माण तो कुछ लोग सड़क पर अपने पशुओं को बांध रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य सुविधा के लिए गांव में आयुर्वेद स्वास्थ्य केंद्र है तो है, लेकिन केंद्र के स्टाफ दो जगह पदस्थ होने की वजह से उचित सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। जलापूर्ति के लिए 50 हैंडपंप जिनमें से 15 बंद हैं। विद्युत व्यवस्था के लिए सोनी में 9 ट्रांसफ ार्मर है। इस दौरान पानी व बिजली सुविधा को लेकर गांव के लोग संतुष्ट नजर आए। तीनों आंगनबाड़ी केंद्र के भवन व मुक्तिधाम की उचित व्यवस्थाएं हैं।


प्रधानमंत्री योजना का नहीं अब तक नहीं मिला लाभ


यहां बता दें पूर्व सांसद द्वारा गोद लेने के बाद आदर्श ग्राम पंचायत के नाम से जानी जाने वाली पंचायत सोनी में अब तक लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। गांव के एक दर्जन से अधिक गरीब परिवार कच्चे मकानों में रहने के लिए मजबूर है। वहीं ग्राम पंचायत सरपंच द्वारा भी इसके लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। गांव के हरपाल जाटव, मंशाराम धानुक, जगत सिंह बाथम, गंगाराम कुहार, भूरेलाल शर्मा सहित एक दर्जन से अधिक लोग हैं। जो आजादी के 73 साल बाद भी कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं। पूर्व सांसद द्वारा ग्राम पंचायत को गोद लिए जाने के बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं हो सका है।


नल-जल योजना 30 साल से बंद है। पानी का टैंक जर्जर हो चुका है। इसको नष्ट करवाने के लिए कई बार अधिकारियों से निवेदन कर चुके हैं। पानी का टैंक अगर गिरा तो गांव में बहुत बड़ी जनहानि हो सकती है।
नरेंद्र शर्मा, पूर्व सरपंच सोनी

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महेंद्र राजोरे Desk
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