ओवरटेक करने में डंपर से भिड़ी कार, एक ही परिवार के चार लोगों की दर्दनाक मौत

  • रफ्तार ने ली जान : सात लोग घायल, मृतकों में एक महिला और 11 वर्षीय बालक भी शामिल
  • धमाका सुनकर दौड़े ढाबा कर्मचारी, डेढ़ मिनट में डंपर लेकर फरार हुआ चालक

By: हुसैन अली

Published: 05 Mar 2021, 10:19 PM IST

मेहगांव. जिले के मेहगांव थाना अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग 719 पर ज्ञानंदपुरा के पास ट्रक को ओवरटेक करने में कार सामने से आ रहे डंपर में घुस गई। भीषण हादसे में कार सवार एक ही परिवार के चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि सात लोगों को गंभीर रूप से घायल अवस्था में ग्वालियर जेएएच अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसा 04 एवं 05 मार्च की दरमियानी रात करीब 1 बजे का है। मृतकों में एक महिला तथा 11 वर्षीय बालक भी शामिल है। ज्ञानंदपुरा एवं गढ़ी के बंबा के बीच आधी रात के वक्त हुए हादसे ने परिवार ही उजाड़ दिया है। बताया गया है कि हादसे के बाद डंपर चालक आसानी से वाहन सहित फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शी नंबर प्लेट भी नहीं देख पाए।

मुंबई महाराष्ट्र के उल्लासनगर से अपने गृहगांव सेतुरी नेपाल जा रहे 11 सदस्यीय परिवार की कार क्रमांक एमएच 02 बीटी 8385 मेहगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत नेशनल हाइवे पर डंपर से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि कार पूरी तरह से ध्वस्त हो गई। हादसे में मान बहादुर सिंह (32) पुत्र जोतबहादुर ङ्क्षसह निवासी सेतुरी नेपाल, काला राहुल (28) पुत्र नंदराम, सूजा राहुल (26) पत्नी काला राहुल, रोपेल (11) पुत्र काला राहुल की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। प्रकाश (21) पुत्र काला राहुल, विनोद (30) पुत्र करन बहादुर, कृष्णा (28) पुत्र परशुराम, उदयबहादुर (30) पुत्र जोत बहादुर, शेर बहादुर (31) पुत्र धनबहादुर, सीता (19) पत्नी राहुल एवं चालक तिलक (36) पुत्र टीकाराम गंभीर रूप से घायल हो गए।

मुंबई के होटल में नौकरी करता था परिवार

बता दें कि कार सवार नेपाल के सेतुरी निवासी लोगों का परिवार मुंबई के उल्लासनगर में स्थित एक चाइनीज होटल में नौकरी करता है। गर्मियों की छुट्टियों के अलावा घर में वैवाहिक आयोजन में शरीक होने के लिए पूरा परिवर रात 11 बजे कार में सवार होकर गृहगांव के लिए रवाना हुआ था। जान गंवाने वाले लोगों को क्या पता था कि यह सफर आखिरी साबित हो जाएगा।

ढाबा कर्मचारियों ने घायलों को निकाला

आधी रात के वक्त जब कार व डंपर में भिड़ंत हुई उसका धमाका सुनकर हाइवे किनारे संचालित ढाबों के कर्मचारी घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। उन्होंने पुलिस को हादसे की सूचना करने के साथ ही कार में फंसे घायलों को बाहर निकालने का काम किया। मेहगांव थाना प्रभारी मय बल के रात में ही घटनास्थल पर पहुंच गए थे। आनन-फानन में एंबुलेंस मंगवाकर घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें ग्वालियर में जेएएएच भेजा गया।

डंपर की नंबर प्लेट भी नहीं देख पाए

हाइवे किनारे ढाबा पर कार्यरत कर्मचारियों की मानें तो करीब २५० मीटर की दूरी पर हादसा हुआ था। ऐसे में उन्हें घटनास्थल तक पहुंचने में बमुश्किल दो मिनट लगे होंगे, लेकिन उनके मौके पर पहुंचने से करीब ३० सेकंड पहले ही दुर्घटनाकारक डंपर चालक वाहन सहित फरार हो गया। अंधेरा होने के अलावा लगभग २०० मीटर दूरी होने के कारण नंबर प्लेट देख नहीं पाए।

रात में अकसर नशे में होते हैं ट्रक चालक

विदित हो कि अकसर रात में ढाबों पर खाना खाने के दौरान ही ट्रक तथा डंपर चालक नशा भी कर लेते हैं। ऐसे में तेज गति के साथ वाहनों को हाइवे पर दौड़ाते हुए देखे जा रहे हैं। रात के वक्त यदि पुलिस की ओर से ट्रक, डंपर जैसे भारी वाहनों के चालकों का ब्रीथ एनालाइजर से चेकअप शुरू किया जाए तो न सिर्फ चालान के रूप में राजस्व की आय बढ़ेगी बल्कि नशे की हालत में वाहन चलाने से चालक बचेंगे।

सभी घायलों को ग्वालियर भिजवा दिया गया है। दुर्घटनाकारक वाहन चालक के खिलाफ केस दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी के प्रयास शुरू किए गए हैं।

- शिव सिंह यादव, थाना प्रभारी मेहगांव

हुसैन अली
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