अतिथि शिक्षकों को दो साल से नहीं मिला मानदेय

अतिथि शिक्षकों को इनके शैक्षणिक कार्य के बदले मानदेय के भुगतान की जिम्मेदारी संकुल प्राचार्य की होती है। मगर लहार अनुभाग के आलमपुर कस्बे के संकुल में अतिथि शिक्षकों के मानदेय का भुगतान विगत दो‌ वर्षों से नहीं किया गया है। उनको न तो सत्र् 2018-19 का भुगतान किया गया है और न ही 2019-20 का।

By: rishi jaiswal

Published: 26 May 2020, 11:27 PM IST

आलमपुर. जिले के आलमपुर कस्बे के संकुल के अतिथि शिक्षकों को दो वर्ष से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। अतिथि शक्षकों का कहना है कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मनमानी के चलते अतिथि शिक्षकों का भुगतान नहीं किया जा रहा है। हम लोगों द्वारा कई बार वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत कर समस्या से अवगत कराया गया है, लेकिन विभाग की अनदेखी के चलते हमें दो वर्ष से वेतन नहीं मिल पाया है।

गौरतलब है कि अतिथि शिक्षकों को इनके शैक्षणिक कार्य के बदले मानदेय के भुगतान की जिम्मेदारी संकुल प्राचार्य की होती है। मगर लहार अनुभाग के आलमपुर कस्बे के संकुल में अतिथि शिक्षकों के मानदेय का भुगतान विगत दो‌ वर्षों से नहीं किया गया है। उनको न तो सत्र् 2018-19 का भुगतान किया गया है और न ही 2019-20 का। अतिथि शिक्षकों को मानदेय के रूप में 5000 से लेकर 9000 तक का भुगतान किया जाता है और यह भुगतान भी यदि समय पर नहीं किया जाए, तो इनके सामने आर्थिक संकट खड़ा होना लाजिमी है, जबकि एक अन्य संकुल शासकीय कन्या हाईस्कूल में पिछले दो सत्रों के मानदेय का भुगतान इसी माह की शुरुआत में हो पाया है। आलमपुर संकुल के अंतर्गत कार्य करने वाले अतिथि शिक्षक को दो वर्ष बीतने के बाद भी मानदेय नहीं दिए जाने से काफी परेशानी उठाना पड़ रही है।

हर महीने बनता है बिल, अतिथियों से हो रहा भेदभाव

शिक्षकों के वेतन समेत अतिथि शिक्षकों के मानदेय का भुगतान ट्रेजरी ऑफिस के माध्यम से होता है। इसके लिए पोर्टल से ऑनलाइन बिल जेनरेट कर ट्रेजरी ऑफिस भेजे जाते हैं। जब यह संकुल प्राचार्य प्रतिमाह शिक्षकों के बिल जनरेट करते हैं, तो फिर अतिथि शिक्षकों के बिल जनरेट क्यों नहीं किए जाते। यह समझ से बाहर है। वहीं, अल्प वेतन पाने वाले अतिथियों को आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है।

कथन.

मैंने पिछले सत्र् 2018-19 में शासकीय हायर सेकेंडरी संकुल के अंतर्गत आने वाले शासकीय हाईस्कूल रूरई में अतिथि शिक्षक के रूप में कार्य किया था, जिसका मानदेय मुझे आज तक नहीं मिला है, जबकि इस सत्र् में मैं दतिया जिले में अतिथि शिक्षक हूँ, वहां मेरा भुगतान फरवरी माह तक का हो गया है।

- सोनू सिंह बघेल, अतिथि शिक्षक वर्ग-2

शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल आलमपुर द्वारा बंटन आने की सूचना के बाद भी इस सत्र् के बिल प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। इस कारण भुगतान नहीं हो सका है। बंटन आते ही अतिथि शिक्षकों का जल्द भुगतान कराया जाएगा।

- शिवराज सिंह, बीईओ लहार

यदि आलमपुर में अतिथि शिक्षकों को पिछले सत्र् व वर्तमान सत्र् का भुगतान नहीं हो पाया है, तो यह गंभीर अनियमितता है। शिक्षा विभाग से जानकारी लेकर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।

- छोटे सिंह, कलेक्टर भिण्ड

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