बाजरा के खेत में बंधा पड़ा मिला अपहृत रेस्तरां संचालक

रोड पर ही कार से उतारकर रात में पैदल चलाकर ले गए थे बाजरा की फसल वाले खेत में
हाथ-पैर बंधे होने के साथ आंखों पर बांध दी थी पट्टी

भिण्ड. शहर के लश्कर रोड इलाके में आंध्रा बैंक शाखा के पास वाली गली से 12 सितंबर की रात करीब 10 बजे किए गए एक 27 वर्षीय रेस्तरां संचालक को पुलिस ने अपहरणकर्ताओं से मुक्त करा लिया है। पुलिस के दबाव के चलते अपहरणकर्ता रेस्तरां संचालक को बाजरा के खेत में पड़ा छोड़कर भाग गए थे। रविवार की शाम करीब छह बजे पुलिस ने उसे अपनी सुरक्षा में ले लिया।


जानकारी के अनुसार प्रेमकिशोर गुप्ता पुत्र राधाकृष्ण गुप्ता निवासी वीरेंद्र नगर भिण्ड रोज की तरह 12 सितंबर की देर शाम अपना रेस्तरां बढ़ाकर घर जा रहा था। जैसे ही उसने लश्कर रोड पर अपने घर के लिए गली में बाइक को मोड़ा तभी पहले से घात लगाए बैठे टवेरा कार सवार तीन हथियारबंद बदमाशों ने उसकी कनपटी पर बंदूक रखकर उसे कार में डालकर ले गए थे। 15 मिनट में ही सक्रिय हुई पुलिस ने चारों ओर से नाकाबंदी कर दी थी। तीनों ही कार सवार खाकी रंग की यूनिफॉम पहने हुए थे। लिहाजा आसपास मौजूद एक या दो लोगों ने देखा तो वह समझे कि किसी मामले में पुलिस गिरफ्तार करके ले जा रही होगी, लेकिन कुछ ही मिनटों में कहानी साफ हो गई जब परिजनों ने पुलिस को घटना के बारे में बताया कि उसे खाकी वर्दी में बदमाश प्रेमकिशोर को अगवा कर ले गए हैं।


खेत में पड़ा मदद के लिए पुकार रहा था रेस्तरां संचालक


उल्लेखनीय है कि अपहृत प्रेमकिशोर गुप्ता बाजरा के खेत में पड़ा हुआ था। इधर पुलिस हर खेत पर जाकर सर्चिंग कर रही थी। लिहाजा अटेर विकासखण्ड के प्रतापपुरा गांव के पास एक खेत में प्रेमकिशोर मदद के लिए पुकार रहा था। पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर देखा तो उसकी आंखों पर पट्टी थी जबकि हाथ-पैर भी बंधे हुए थे। वारदात के बाद से प्रेम किशोर इतना घबराया हुआ है कि फिलहाल उसने पुलिस को अपहरण की कहानी नहीं बता पा रहा है। बहरहाल उसके परिवार ने राहत की सांस ली है।


फर्जी था कार पर लिखा नंबर, लोडर छोटा हाथी का निकला वाहन पंजीयन नंबर


अपहरणकर्ता जिस कार में रेस्तरां संचालक का अपहरण कर ले गए थे उस कार पर एमपी 07 बीए 4730 नंबर की नंबर प्लेट लगी हुई थी। पुलिस नियंत्रण कक्ष से उक्त नंबर की सर्चिंग करने के लिए जिलेभर के थानों को अलर्ट किया गया। ऐसे में वारदात के 15 मिनट बाद ही मौ थाना पुलिस ने उक्त नंबर के एक लोडर को पकड़ लिया। जिसका भिण्ड से करीब 60 किमी की दूरी तय करना मुमकिन नहीं था। आरटीओ से जानकारी लेने के उपरांत नंबर लोडर वाहन का ही पाया गया।


क्रिकेट सट्टा एवं शेयर बाजार सट्टे में भी लिप्त बताया गया है अपहृत युवक


स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि प्रेमकिशोर गुप्ता पांच भाइयों में सबसे छोटा है। रेस्तरां के अलावा क्रिकेट एवं शेयर बाजार सट्टा भी लेने का काम करता था। हालांकि इस संबंध में किसी प्रकार की सबूत सामने नहीं आए हैं। ऐसे में अपहरण के पीछे एक एंगल यह भी देखा जा रहा है कि भारी रकम के लेनदेन को लेकर प्रेमकिशोर को अगवा किया गया हो, क्योंकि 24 घंटे में अपहरणकर्ताओं का फिरौती के लिए परिजनों के पास एक भी कॉल नहीं आया है।


अपहरण को लेकर पुलिस ने दिनभर में 20 संदिग्धों से की थी पूछताछ


रविवार की सुबह 10 बजे से लेकर रात 11 बजे तक सिटी कोतवाली पुलिस ने रेस्तरां संचालक से जुड़े करीब 20 लोगों को हिरासत में लिया। उपरोक्त संदिग्ध लोगों से पूछताछ करने के बाद उन्हें एक-एककर छोड़ दिया गया। उल्लेखनीय है कि प्रेमकिशोर आगामी नगरीय निकाय चुनाव में पार्षद का चुनाव लडऩे की तैयारी कर रहा है। इस संबंध में अपने वार्ड के लोगों से उसने कुछ समय से संपर्क करना शुरू कर दिया था।


नाकाबंदी रात में ही कर दिए जाने के बाद सूचना मिल रही थी कि अपहरणकर्ता अटेर क्षेत्र में हैं। दोपहर बाद से ही हम चप्पे-चप्पे में सर्चिंग कर रहे थे। दबाव के चलते अपहरणकर्ता रेस्तरां संचालक को छोड़ भागे।
उदयभान सिंह यादव, थाना प्रभारी सिटी कोतवाली भिण्ड

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महेंद्र राजोरे Desk
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