हाथ में राखी लिए इंतजार करती रह गई बहन, आई भैया की मौत की खबर, घर में छाया मातम

  • रक्षाबंधन पर बीमार मां के लिए दवा लेने के लिए निकले युवक की सडक़ हादसे में दर्दनाक मौत
  • पांच भाइयों के बीच इकलौती बहन एक दिन पहले ही आई थी पीहर
  • भाई ने कहा था- इस बार राखी पर कुछ बड़ा मांगना

By: हुसैन अली

Updated: 03 Aug 2020, 11:25 PM IST

गोरमी. गोरमी थाना क्षेत्र के नुन्हड़ गांव में कुदरत ने एक बहन के साथ ऐसा सितम किया कि उसे ये दर्द ताउम्र रहेगा। आंगन में हल्दी चावल मिलाकर राखी से सजी थाली लिए भाई का इंतजार कर रही बहन को जब भाई की मौत की खबर मिली तो वह बेसुध हो गई। वहीं परिवार में मातम छा गया।

जानकारी के अनुसार ३५ वर्षीय प्रकाश नरवरिया पुत्र राजेंद्र सिंह नरवरिया निवासी नुन्हड़ रक्षाबंधन के दिन बीमार मां के लिए दवा लेने बाइक से निकला था। उधर उसकी बहन शीला जो एक दिन पहले ही पीहर आई थी अपने भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए थाली सजाकर रखे हुए थी। घर में त्योहार पर सभी तरह के पकवान बन रहे थे। बच्चे, महिलाएं एवं अन्य सदस्य नए कपड़े पहनकर उल्लासित नजर आ रहे थे। इसी बीच आई प्रकाश नरवरिया की मौत की खबर से उसके घर में ही नहीं बल्कि पूरे गांव में मातम छा गया। बताया गया है कि घर से निकलने से पूर्व शीला ने जब उसे राखी बांधनी चाही तो वह यह कहते हुए बाइक लेकर निकल गया कि वह लौटकर राखी बंधवाएगा।

लोडिंग जीप की टक्कर से हुई प्रकाश की मौत

प्रकाश बाइक लेकर रोड पर अपनी साइड जा रहे थे तभी अनियंत्रित गति से आ रही लोडिंग जीप क्रमांक एमपी 07 सीए 4640 के चालक ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक क्षतिग्रस्त होने के साथ-साथ प्रकाश नरवरिया की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद जीप चालक ने वाहन सहित फरार होने का प्रयास किया, लेकिन गांव के लोगों ने बाइकों से पीछा करना शुरू कर दिया। जीप को रोड किनारे छोडक़र चालक फरार हो गया।

पत्नी का बुरा हाल, बेटों के सिर से उठा पिता का साया

प्रकाश नरवरिया के सबसे बड़े भाई मेघ सिंह, उनसे छोटे बलवीर सिंह और उनके बाद सुरेश सिंह नरवरिया हैं जबकि प्रकाश चौथे नंबर का था। वहीं सबसे छोटे भाई अरविंद नरवरिया हैं। बलवीर सिंह शासकीय सेवा में हैं जबकि शेष चार भाई घर पर कृषि कार्य करते हैं। प्रकाश की मौत के बाद उसकी पत्नी नीरू का जहां बुरा हाल है वहीं छह वर्षीय बेटे प्रदीप एवं चार वर्षीय सुपुत्र छोटू के सिर से हमेशा के लिए पिता का साया उठ गया है।

बहन बोली थीं- मेरा भाई हमेशा सलामत रहे

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार प्रकाश ने अपनी मौत से चंद घंटे पूर्व बहन शीला से कहा था कि इस बार राखी बांधने के उपरांत वह उससे कुछ बड़ा मांगे। हालांकि इस पर शीला ने जवाब में यही कहा था कि मेरे लिए भाई की सलामती से बढक़र और कोई दौलत नहीं है। फिर भी प्रकाश अपनी बहन को बड़ा उपहार देने की ललक संजोए हुए था। काल के क्रूर हाथ बहन को रक्षाबंधन के दिन ऐसा दर्द दे जाएंगे यह तो किसी ने नहीं सोचा था।

दुर्घटनाकारक जीप जब्त कर चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। प्रकाश के शव का पीएम कराने के उपरांत मामले की जांच शुरू की गई है।
मनोज राजपूत, थाना प्रभारी गोरमी

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