प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत

परिजनों ने स्टाफ नर्स पर लगाया लापरवाही का आरोप, बोले रुपए नहीं देने पर कहा गया दूसरे अस्पताल में ले जाओ

दबोह. प्रसव के दौरान लहार विकासखण्ड के दबोह प्रसूतिगृह में एक 32 वर्षीय जच्चा और उसके नवजात बच्चे की मौत हो गई। घटना रविवार की सुबह 4 बजे की है। मृतका के परिजनों ने अस्पताल की स्टाफ नर्स पर लापरवाही का आरोप लगाया है।


सुग्रीव दोहरे पुत्र ख्यालीराम दोहरे निवासी वार्ड क्रमांक 06 दबोह के अनुसार शनिवार व रविवार की दरमियानी रात दो बजे उसकी पत्नी नन्दनी दोहरे को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। ऐसे में करीब ढाई बजे वह उसे लेकर स्थानीय प्रसूतिगृह पहुंच गया। सुग्रीव के मुताबिक स्टाफ नर्स ने उसे बताया कि उसकी पत्नी को नॉर्मल डिलीवरी हो जाएगी। ऐसे में उसे भर्ती कराने के करीब आधे घंटे बाद उसके मेल चाइल्ड के रूप में प्रसव हुआ। तदुपरांत स्टाफ नर्स अर्चना कुशवाह ने उससे रुपयों की मांग की। रुपए नहीं देने पर उसने कुछ देर बाद ही यह कह दिया कि वह अपनी पत्नी को दूसरे अस्पताल ले जाए, क्योंकि यहां उसकी हालत बिगड़ रही है। इससे पहले कि वह अपनी पत्नी नंदिनी को दूसरे अस्पताल ले पाता उसकी मौत हो गई। इतना ही नहीं 20 मिनट के अंतर से उसके नवजात बच्चे ने भी दम तोड़ दिया।
मौत के बाद स्टाफ नर्स के खिलाफ फूटा लोगों का गुस्सा, किया हंगामा
जच्चा और बच्चे की मौत के बाद परिजनों के साथ आए अन्य स्थानीय लोगों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नर्स को अस्पताल से हटाए जाने की मांग की गई। ऐसे में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बिगड़ी स्थिति को नियंत्रित किया। यहां बता दें कि नंदिनी को यह तीसरा प्रसव था। वह अपने पीछे पांच वर्षीय बेटी प्रिंसी व तीन वर्षीय बेटे अभिषेक को छोड़ गई है।


मृतक के परिवारजनों की शिकायत पर संबंधित स्टाफ नर्स को दबोह से हटाकर लहार अस्पताल भेज दिया है। उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी प्रस्तावित की गई है।
धर्मेंद्र श्रीवास्तव, बीएमओ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लहार

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महेंद्र राजोरे Desk
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