पानी की नहीं हक की मांग का अपनाया अनूठा तरीका

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सरपंच-सचिवों ने किया कलेक्ट्रेट पर मटका फोड़ प्रदर्शन, नारेबाजी भी की, जनपद पंचायत कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक भरी दोपहर में पैदल मार्च

भिण्ड. सरपंच-सचिवों ने मंगलवार को जनपद कार्यालय से कलेक्टे्रट परिसर तक पैदल मार्च निकालकर प्रदर्शन किया और  कलेक्टर के सामने ही मटके फोड़े। संगठन की ओर से मुुख्यमंत्री के नाम कलेेक्टर को एक ज्ञापन भी सौंपा गया है। आंदोलन में सैकड़ों की संख्या में सरपंच और सचिव  शामिल हुए। इस दौरान आंदोलनकारियों ने मांगे पूरी न होने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया।


सरपंच-सचिव संगठन ने पहले सुबह १० से दोपहर १.३० बजे तक धरना दिया तत्पश्चात हाथों में काले रंगे मटके लेकर पैदल मार्च निकाला गया। मार्च में चल रहे सरपंच सचिव प्रदेश सरकार और अपर मुख्य सचिव पंचायत राधेश्याम जुलानिया के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चल रहे थे। कलेक्टे्रट प्रवेश द्वार पर पहुंचते ही कलेक्टर ने एडीएम टीएनसिंह को ज्ञापन लेने के लिए भेजा लेकिन सरपंच संगठन के जिला  अध्यक्ष रामेंद्र सिंह कुशवाह और रविकंात दीक्षित उन्हें ज्ञापन देने के लिए तैयार नहीं  हुए और बाहर ही धरने पर बैठ गए। करीब १५ मिनट के बाद कलेक्टर डा. इलैया राजा टी खुद ही नीचे  उतर कर आए। कलेक्टर के सामने ही आंदोलनकारियों ने मटके फोड़कर  सरकार  के खिलाफ गुस्से का इजहार किया। आंदोलन में दो सैकड़ा से अधिक  सरपंच  सचिव  शामिल  हुए पिछले दो सप्ताह से चल रहे आंदोलन  के चलते पंचायतों में विकास कार्य प्रभावित हैं वहीं भारत  उदय से ग्रामोदय जैसे अभियान भी बुरी तरह  प्रभावित है।


अभिभाषक संघ ने की समर्थन  देने की घोषणा : अभिभाषक संघ के अध्यक्ष नरेंद्र चौधरी ने धरना स्थल पर पहुंचकर सरपंच-सचिवों के आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा। वहीं  पूर्व अध्यक्ष रामकिशोर भारद्वाज ने भी सरपंच सचिवों के आंदोलन क ो जायज ठहराया। अभिभाषक संघ  का समर्थन मिलने  से आंदोलनकारियों का मनोबल और  भी  बढ़ गया है।


ये हैं सरपंच-सचिवों की मांगे
* सरपंचों का मानदेय कम से कम ५००० किया जाए। सरपंचों  का सत्कार भत्ता ५००० किया जाए।
* पीएम आवास के हितग्राहियों के चयन का अधिकार पंचायत को दिया जाए।
* बीपीएल कार्डबनाने के अधिकार सरपंच तथा पंचायत को दिए जाएं।
* पंचायतों के सीएसआर रेट आरईएस तथा लोनिवि के बराबर किए जाएं।
* बड़ी पंचायतों में व्यवस्था संचालन एवं आकस्मिक व्यय के लिए ३ से ५ लाख का प्रावधान  किया जाए।
* मनरेगा के कार्य पूर्र्व की भांति कराएं जाएं।कपिल धारा एवं सीएम सड़क का काम पूर्वकी तरह संचालित किया जाए।
* अपर मुख्यसचिव पंचायत  राधेश्याम जुलानिया क ो तत्काल पद से हटाया जाए और पंचायत  राजव्यवस्था को चौपट होने से बचाया जाए।
* २४ मार्च २०१३ में की गई घोषणा के अनुसार सचिवों का वेतन सहायक  अध्यापक वर्ग-३ के बराबर किया जाए। छठवें वेतन भी दिया जाए।
* सचिवों को अनुकंपा नियुक्ति का लाभ दिया जाए। दिसंबर २०१३ में जारी किए गए नवीन वेतनमान की गणना नियुक्ति वर्ष  से की जाए।

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