हनीमून ट्रिप पर सिंध नदी किनारे आए विश्व के सबसे बड़े उडऩे वाले पक्षी, करते हैं बैले नृत्य

लहार क्षेत्र के पर्राइंच के बीहड़ में सिंध नदी किनारे नजर आ रहे सारस क्रेन के जोड़े, प्रजनन काल में समूह छोड़ देते हैं

By: हुसैन अली

Published: 10 Sep 2020, 11:23 PM IST

अब्दुल शरीफ @ भिण्ड. दुनिया का उडऩे वाला सबसे बड़ा पक्षी सारस क्रेन इन दिनों लहार क्षेत्र के पर्रायंच के बीहड़ में सिंध नदी किनारे देखे जा रहे हैं। यहां बता दें कि भिण्ड की सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के इटावा अंतर्गत सरसई नावल झील रामसर में वेटलैंड है जो सारस क्रेन के लिए संरक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। नावर झील रामसर में करीब ४०० सारस पाए जाते हैं पर इन दिनों वहां एक भी जोड़ा नजर नहीं आ रहा क्यों कि सारस प्रजनन काल में समूह छोड़ देते हैं और अपने साथी के साथ मिलन के लिए करीब 100 दिन के हनीमून टूर पर निकल पड़ते हैं। भारत में यूपी का मैनपुरी व इटावा जिला सारस के लिए अनुकूल स्थान है जिसकी वजह ये है कि यहां नहरों में 12 महीने पानी रहता है तथा धान की फसल के दौरान खेतों में पानी की उपलब्धता रहती है। उल्लेखनीय है कि सारस उत्तर प्रदेश का राजकीय पक्षी भी है।

ऐसी होती है इनकी जीवनशैली

अ मूमन सारस झुण्ड में रहने वाले पक्षी हैं, लेकिन सारस क्रेन उनमें सबसे कम सामाजिक होता है। खासकर तब जब इनका प्रजननकाल हो। अपने परिवार को लेकर सारस क्रेन बेहद संवेदनशील होते हैं। यदि कोई उनके घोंसले के नजदीक पहुंच जाए तो यह आक्रामक भी हो जाते हैं। प्रणयी सारस जोड़े जहां भोजन पानी की निरंतर अनुकूलता होती है वहीं घोंसले बनाते हैं। सामान्य दिनों में जब सारस प्रणयरत नहीं होते तब आद्र और नम भूमि पर झुण्डों में रहते हैं।

31 से 34 दिन तक सेते हैं अण्डे

सारस क्रेन की प्रणय अवधि जून से सितंबर तक रहती है। मादा 48 घंटे में दो से तीन अंडे देती है। नर और मादा मिलकर 31 से 34 दिन तक अंडे सेते हैं। बच्चे निकलने पर 85 से 100 दिन तक विशेष रूप से देखभाल करते हैं। सारस पक्षी को एक दूसरे का वफादार प्रेमी माना जाता है। दुनियांभर में सारस क्रेन की संख्या करीब 21800 है। वहीं भारत, नेपाल और पाकिस्तान की संख्या मिलाकर कुल 8000 से 10000 के बीच है।

प्रेमी जोड़े की भांति करते हैं बैले नृत्य

सा रस क्रेन सर्वाहारी हैं और भोजन की एक विस्तृत शृंखला खाते हैं। जलीय पौधे जैसे सेजकंद, बीज, चावल, अन्य अनाज, क्रस्टेशियन, घोंघे, बड़े कीड़े, घासफूस, उभयचर, सरीसृप, छोटे कशेरूक और मछली आदि इनकी लंबी भोजन शृंखला है। अपने नर या मादा साथी को लुभाने के लिए दोनों ही नृत्य करते हैं। प्रणव के लिए दोनों एक साथ नृत्य करते हैं। इस दौरान वह तुरही की भांति आवाज निकालते हैं। प्रेमालाप में मादा दो बार आवाज देती है जबकि नर केवल एक ही आवाज देता है। प्रजनन के दौरान सारस का सिर व पैर लाल और गर्दन उज्जवल हो जाती है।

हनीमून ट्रिप के लिए सारस क्रेन अनुकूल वातावरण वाले स्थान को ही चुनते हैं। सिंध नदी में के किनारे पर इन दिनों माकूल आबोहवा है। यही वजह है कि सारस क्रेन इन दिनों उक्त क्षेत्र में भ्रमण कर रहे हैं।
डॉ. मनोज जैन, वाइल्ड लाइफ एक्टिविस्ट भिण्ड

हुसैन अली
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned