कोविड-19 के चलते स्कूल बंद, छुट्टी के दिनों का मध्याह्न भोजन बच्चों को देने की तैयारी

शिक्षा विभाग के कैलेंडर के अनुसार मार्च माह में अवकाश को छोड़कर 11 दिन और अप्रैल में 22 दिनों तक भोजन का वितरण नहीं हो पाया है। इसी प्रकार मई के 24 और जून के 13 दिन कोरोना संक्रमण के चलते मध्याह्न भोजन का वितरण छात्रों को नहीं हुआ है।

By: हुसैन अली

Updated: 16 May 2020, 11:43 PM IST

भिण्ड. कोविड-19 के प्रकोप के चलते सरकारी स्कूलों के छात्रों को मिड-डे मील उपलब्ध नहीं हो पाया है। सरकार ने मिड-डे मील तैयार करने में खर्च होने वाला पैसा सीधे पालकों के खातों में पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। खाद्यान्न का वितरण स्कूलों से ही छात्रों को करने की योजना तैयार की गई है। जिले के 2373 सरकारी विद्यालयों के एक लाख से अधिक बच्चों को योजना का लाभ मिलेगा।

शिक्षा विभाग के कैलेंडर के अनुसार मार्च माह में अवकाश को छोड़कर 11 दिन और अप्रैल में 22 दिनों तक भोजन का वितरण नहीं हो पाया है। इसी प्रकार मई के 24 और जून के 13 दिन कोरोना संक्रमण के चलते मध्याह्न भोजन का वितरण छात्रों को नहीं हुआ है। शासन के निर्देशानुसार भोजन बनाने में खर्च होने वाला पैसा तो सीधे पालकों के खातों में भेजा जाएगा, जबकि खाद्यान्न स्कूलों से ही बच्चों को दिया जाएगा।

अनाज उपलब्ध कराने के लिए पालक शिक्षक संघ को शाला प्रशासनिक मद से पैसा खर्च करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों की माने तो स्कूल खुलने से पहले ही यह राशि जारी कर दी जाएगी।

कक्षा एक से लेकर 6 तक के छात्रों को 4.97 रुपए और मिडिल के छात्रों को 7.45 रुपए प्रतिदिन की दर से पैसा मिलेगा जो उनके पालकों के खातों में जाएगा। इसी प्रकार प्राइमरी के छात्रों को प्रतिदिन 100 ग्राम और मिडिल के बच्चों को 150 ग्राम की दर से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाएगा।

कथन
कोविड-19 के प्रकोप के चलते स्कूल बंद रहे हैं। सरकार ने छुट्टी के दिनों का पैसा पालकों के खातों में जमा करने के निर्देश दिए है। खाद्यान्न बच्चों को स्कूलों से उपलब्ध कराया जाएगा। राशि जल्द ही खातों में जारी की जा रही है।

-हरभुवनसिंह तोमर, डीईओ व डीपीसी भिण्ड

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