पंचायत मुख्यालयों पर नहीं पहुंच रहे सचिव और पटवारी

विभिन्न कामों के लिए ग्रामीण लगा रहे चक्कर, सीएम के आदेश को धता बता रहे जिम्मेदार

दबोह. ग्रामीण स्तर पर व्यवस्थाओं को सुधारने व लोगों को सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा ग्राम पंचायत सचिव, पटवारी व रोजगार सहायकों को प्रत्येक सोमवार व गुरुवार को ग्राम पंचायत मुख्यालय पर बैठने के आदेश जारी किए गए थे, लेकिन जिम्मेदार लोगों पर इसका कोई प्रभाव दिखाई नहीं पड़ रहा है। काम कराने के लिए आने वाले लोग दिनभर पंचायत भवन के बाहर इंतजार करते रहे, लेकिन शासन के आदेश को धता बताते हुए कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति पंचायत भवन तक नहीं पहुंचा।


लहार तहसील के ग्राम पंचायत अमाहा, बिजपुर, मारपुरा के सचिव, पटवारी व रोजगार सहायक शासन के आदेश के बाद भी पंचायत मुख्यालय पर नहीं पहुंचे। जिसके चलते ग्रामीण पूरे दिन इन लोगों के इंतजार करते रहे, लेकिन दिनभर के इंतजार के बाद भी ग्रामीणों का काम नहीं हो पाया। लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री के आदेश के बाद लग रहा था कि अब छोटी-छोटी परेशानियों के लिए सचिव व पटवारियों के घर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, लेकिन कर्मचारियों की लापरवाही व आदेशों की अनदेखी के चलते लगता है कि ग्रामीणों की परेशानी फिलहाल खत्म नहीं होगी। सीएम के आदेश का पालन कराने के लिए कलेक्टर को इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। ताकि सीएम के आदेश के पालन के साथ साथ गांव के लोगों के भी उचित सुविधा प्रदान हो सके।

सीएम के आदेश के बाद भी पटवारी कभी कभार ही मुख्यालय पर आ रहे हैं। उनका कोई समय निर्धारित नहीं है। काम के लिए पटवारियों के दलालों द्वारा पैसे मांगे जा रहे हैं।
श्यामू कौरव, स्थानीय निवासी

मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी ग्राम पंचायत मारपुरा में सचिव व पटवारी मुख्यालय पर नहीं पहुंच रहे हैं। पूर्व से ही उनके दर्शन कर पाना बड़ा दुर्लभ है।
रणवीर सिंह कौरव, स्थानीय निवासी

सभी पटवारियों को मेरे द्वारा जाने के लिए निर्देशित किया गया है। फिर भी कोई नहीं पहुंचा तो देखता हूं। वहीं सचिव व रोजगार सहायकों को लेकर जनपद सीईओ को कार्रवाई करने के लिए निर्देशित करूंगा।
आरए प्रजापति, एसडीएम लहार

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महेंद्र राजोरे Desk
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