शौर्य चक्र से सम्मानित शहीद अनूप की पुण्य तिथि पर आंखें हुई नम

7 मई 2010 को जम्मू कश्मीर के बारामूला जिला में ऑपरेशन रक्षक के तहत अनूप ने चार आतंकवादियों को मौत के घाट उतार दिया था। इसी दरम्यान उनको दो गोली लगी और वे शहीद हो गए।

By: हुसैन अली

Published: 10 May 2020, 08:04 PM IST

भिण्ड. जम्मू कश्मीर के बारामूला में अकेले ही चार खंूखार आतंकियोंं को मौत के घाट उतारने वाले फौजी अनूप शर्मा की 10वीं पुण्यतिथि पैतृक गांव बडेरी में मनाई गई। जांबाज को पुष्पांजलि देते समय बुजुर्गों और नौजवानों की आंखें नम हो गई। श्रद्धासुमन अर्पित करते समय सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया। इस अवसर पर समिति की ओर से ग्रामीणों को नि:शुल्क मास्क वितरित किए गए।

शहीद अनूप शर्मा जनसेवा समिति के पदाधिकारी संदीप सिंह कुशवाह ने कहा जिले के अटेर विकासखंड के ग्राम बड़ेरी में जन्मे अनूप कुमार शर्मा जांबाज सैनिक थे। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना न केवल भारत माता की शान रखी बल्कि चंबल के शौर्य को भी जीवित रखा। वीरता के लिए सेना ने उन्हें शौर्य चक्र से भी नवाजा है।

7 मई 2010 को जम्मू कश्मीर के बारामूला जिला में ऑपरेशन रक्षक के तहत अनूप ने चार आतंकवादियों को मौत के घाट उतार दिया था। इसी दरम्यान उनको दो गोली लगी और वे शहीद हो गए।

अध्यक्ष परमाल सिंह कुशवाह, पदाधिकारी वरुण सिंह भदौरिया, चरनसिंह सरल ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर शहीद अनूप शर्मा के पिता रामशंकर शर्मा, अनिल कुमार शर्मा, अजय कुमार, विकास शर्मा, आलोक शर्मा, हरिओम शर्मा, कमलेश बौहरे, सुरेंद्र बाबा आदि ने पुष्पांजलि अर्पित की।

हुसैन अली
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