सीवर की खुदाई के दौरान मिट्टी धंसकी, मजदूर दबा

जिला अस्पताल में भर्ती मजदूर, शरीर में कई जगह चोट आई, टीआई बोले- शिकायत आई तो करेंगे एफआइआर
घटना के समय न तो ठेकेदार था न ही कंपनी का कोई इंजीनियर, किसी भी मजदूर को नहीं दिया हेलमेट

भिण्ड. गांधी मार्केट क्षेत्र में कृष्णा टाकीज के पास बुधवार को सीवरलाइन डालने के लिए की जा रही खुदाई के दौरान अचानक मिट्टी धंसकने से 35 वर्षीय मजदूर दबकर घायल हो गया। साथी मजदूरों की चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने एक घंटे की मशक्कत के बाद मजदूरों को बाहर निकालकर उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा। जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी सिटी कोतवाली भी मौके पर पहुंच गए थे।


सुबह 10.30 बजे मजदूर कृष्णा टाकीज के पास काम पर पहुंचे थे। जैसे ही काम शुरू किया वैसे ही करीब 11 बजे पर गड्ढे के नीचे उतर कर काम काम कर रहे रामनाथ पुत्र सवाराम निवासी सोंसरा थाना मिहोना ग्वालियर के ऊपर करीब एक ट्रॉली मिट्टी धंसककर गिर गई। मिट्टी मेंं गले तक दब जाने के कारण रामनाथ की आवाज भी नहीं निकल पा रही थी। जैसे ही साथी मजदूरों की नजर रामनाथ पर पड़ी वैसे ही उन्होंने मदद के लिए चीख-पुकार शुरू कर दी। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग पहुंचे और किसी तरह उसे मिट्टी से बाहर निकाला। बेहोशी की अवस्था में उसे डायल-100 की मदद से उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया, जहां उपचार के बाद उसकी हालत संतोषजनक बताई जा रही है। शहर में सीवर के कार्य में 150 से अधिक मजदूर काम कर रहे हैं, लेकिन इनकी सुरक्षा के कोई उपाय नहीं किए गए हैं। यहां तक कि हेलमेट तक नही दिए गए हैं। बीमा भी किसी मजदूर का नहीं किया गया है। ठेकेदार और इंजीनियर भी मौके पर मौजूद नहीं रह रहे। जोखिमपूर्ण कार्य भी अप्रशिक्षित मजदूरों से कराया जा रहा है।


8 माह में यह तीसरा हादसा, फिर भी कंपनी के अधिकारी नहीं ले रहे सबक


शहर में चल रहे सीवर प्रोजेक्ट के कार्य के दौरान 8 माह में यह तीसरा मामला सामने आया है। इसके बाद भी कंपनी के अधिकारी सबक नहीं सीख रहे हैं और न ही प्रशासन के अधिकारी दोषियों पर कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं। करीब 7 माह पहले पहली घटना सिटी कोतवाली के सामने हुई थी, जिसमें खुदाई के दौरान दो मजदूर मिट्टी में दब गए थे, जिसमें एक टीकमगढ़ निवासी मजदूर की मौत हो गई थी। दूसरी घटना बीटीआई रोड पर हुई थी। यहां पर भी एक मजदूर की मिट्टी में दबने से मौत हो गई थी, जबकि ठेकेदार ने दूसरे मजदूर को ग्वालियर रैफर करा दिया था। कुछ दिनों बाद उसकी भी मौत हो गई थी। मृत मजदूर पश्चिम बंगाल का निवासी था।


350 की दिहाड़ी पर जान जोखिम में, 10 घंटे तक काम


सीवर प्रोजेक्ट में 150 से अधिक मजदूर काम कर रहे हैं। ठेकेदार लोकल मजदूरों को काम पर रखने के स्थान पर टीकमगढ़, छतरपुर, बिहार, पश्चिम बंगाल, मिहोना, शिवपुरी, गुना आदि से मजदूरों को लाते हैं। कंपनी प्रतिदिन के हिसाब से 450 रुपए का भुगतान करती है, जबकि मजदूरों को सिर्फ 350 प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान किया जाता है। काम भी 10 घंटे लिया जाता है। घायल मजदूर के साथियों से बात करने की कोशिश की गई तो उनका दर्द चेहरे पर साफ झलक रहा था। इनमें से एक ने हिम्मत करके बताया कि साहब हम कुछ बोलेेंगे तो कल से ही हमें काम से निकाल दिया जाएगा और हमारे परिवार के सामने रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।

घटना स्थल का मुआयना किया है। ठेकेदार द्वारा सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं किया जा रहा है। यदि किसी ओर से शिकायत आती है तो संबंधित के खिलाफ एफआइआर दर्ज की जाएगी।
उदयभान सिंह यादव, थाना प्रभारी सिटी कोतवाली भिण्ड
घटना बहुत ही दुखद है। इस संबंध में कंपनी के अधिकारियों से चर्चा की जाएगी, ताकि इस प्रकार के हादसे फिर सामने न आए। जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
ज्योति सिंह, सीएमओ नपा भिण्ड

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महेंद्र राजोरे Desk
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