मशीन से की जा रही तालाब की खुदाई का ग्रामीणों ने रुकवाया काम

स्थानीय मजदूरों को नहीं मिल रहा रोजगार ग्रामीणों ने सरपंच व सचिव पर लगाए मिलीभगत के आरोप

मालनपुर. मालनपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत लहचूरा के मजदूरों के लिए रोजगार के अभाव में रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। लॉकडाउन के बाद घर लौटे मजदूरों के गांव में चल रहे मनरेगा के कामों में भी रोजगार नहीं मिल पा रहा है। मजदूरों का कहना है कि गांव में इन दिनों तालाब की खुदाई का काम किया जा रहा है। वह भी जेसीबी मशीन के माध्यम से किया जा रहा है। ऐसे में मजदूरों के लिए परिवारों का पालन पोषण करना मुश्किल हो गया है, वहीं मजदूरों द्वारा मनरेगा के काम में मशीन के उपयोग का विरोध किया गया, जिसके बाद तालाब की खुदाई का काम रोक दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत विजयगढ़ में 40 से अधिक मजदूर रोजगार के चलते परेशानियों के बीच दिन गुजारने को मजबूर हैं। यह लोग संक्रमण के खतरे को देखते हुए लॉकडाउन के दौरान दौरान अलग-अलग शहरों से वापस अपने गांव लौटे कि यहीं कोई छोटा मोटा काम देखकर परिवार का पेट पालते रहेंगे, लेकिन कोई और काम तो दूर गांव में ही चल रहे शासकीय कामों में भी उन्हें रोजगार नहीं दिया जा रहा है। वहीं चार महीने गुजर जाने के बाद भी कोरोना संक्रमण में राहत मिलने की बजाय खतरा और भी बढ़ता जा रहा है, वहीं इतने दिनों से बेरोजगार बैठे मजदूरों की जमा पूंजी भी खर्च हो चुकी है। ऐसे में रोजगार मिलने की बाट जोह रहे मजदूरों को पंचायत में चल रहे मनरेगा में काम मिलने की आस थी, लेकिन वह काम भी मशीनों द्वारा कराया जा रहा है, जबकि शासन द्वारा मनरेगा के तहत होने वाले कच्चे कामों में स्थानीय मजदूरों को अनिवार्य रूप से रोजगार देने का प्रावधान है। इसके बावजूद गांव के मजदूरों को रोजगार नहीं दिया जा रहा है, वहीं मजदूरों ने जब मशीन द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्य का विरोध किया तो सरपंच व सचिव द्वारा निर्माण कार्य रोक लगा दी गई है।


ग्रामीणों ने सरपंच व सचिव पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप


ग्रामीणों के साथ मिलकर मजदूरों ने आरोप लगाया कि आरोप लगाया कि गांव के सरपंच व सचिव की मिलीभगत से शासन की योजनाओं में भ्रष्टाचार किया जा रहा है। जिसके चलते गांव के गरीब मजदूरों को भूखे मरने की नौबत आ गई है। उन्होंने बताया सरपंच द्वारा 13 लाख रुपए की लागत से गांव के तालाब की खुदाई का कार्य किया जा रहा है। मशीन द्वारा एक ही दिन में 30 से 40 मजदूरों के बराबर काम कर दिया जाता है, जबकि यही काम गांव के ही मजदूरों से कराया जाए। तो उनका रोजी-रोटी का संकट समाप्त हो सकता है। इसी के चलते शनिवार को मशीन द्वारा किए जा रहे तालाब के खुदाई स्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया, जिसके बाद सरपंच द्वारा खुदाई बंद करा दी गई है।


तालाब की खुदाई का काम मशीन से किया जा रहा था। गांव वालों ने मौके पर पहुंचकर इसका विरोध किया। जिसके बाद तालाब की खुदाई का काम बंद करवा दिया है।
जवाहर सिंह, सचिव ग्राम पंचायत लहचूरा

इस संबंध में अभी जानकारी करता हूं। ग्राम पंचायत में यदि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की जा रही है। तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नवल किशोर पाठक, सीईओ जनपद गोहद

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महेंद्र राजोरे Desk
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