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भिवाड़ी

उद्योग क्षेत्र के अवैध निर्माण बन रहे हादसों का कारण

अवैध पटाखा गोदाम और दवा फैक्ट्री में मारे गए चार मजदूर
सभी जगह रीको की लापरवाही हुई उजागर

भिवाड़ीJul 06, 2024 / 07:17 pm

Dharmendra dixit

भिवाड़ी. उद्योग क्षेत्र में संचालित औद्योगिक इकाइयां निर्माण में नियमों की पालना नहीं कर रही हैं। बिना सेटबैक छोड़े और बिना अनुमति के आसपास के भूखंड को मिलाकर उत्पादन कर रही हैं। नियमों को तोडऩे का खामियाजा किसी बड़ी दुर्घटना के समय भुगतना पड़ता है। खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में 26 जून को एक दवाई और केमिकल प्लांट में आग लग गई। चार मजदूर जिंदा जलकर मर गए। इसमें सबसे बड़ी लापरवाही कंपनी प्रबंधन और रीको की निकलकर सामने आई। दो भूखंड का एक परिसर बनाया हुआ था, निर्माण भी अधिक किया हुआ था। आग लगने के बाद फायर बिग्रेड को बुझाने के लिए खुली जगह नहीं मिली, इसी तरह हादसे के वक्त मजदूरों को भागने के लिए समय नहीं मिला। अगर फैक्ट्री में सेटबैक होता और मानकों के अनुसार निर्माण होता, तब कई मजदूरों की जान बच सकती थी। इसी तरह पथरेड़ी स्थित एक इकाई में 23 अप्रेल को अवैध रूप से बनाए गए पटाखा गोदाम बना रखा था। पटाखा गोदाम में आग लगने के बाद आसपास की फैक्ट्रियों में भी आग लग गई। गोदाम में बारूद होने के बाद आग कई दिनों तक सुलगती रही। बिजली की लाइन भी आग की वजह से गिर गई, जिसकी वजह से आसपास की सैकड़ों फैक्ट्रियों में भी उत्पादन रुक गया। इस अवैध गोदाम के खिलाफ रीको ने अभी तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं की है। आग बुझने के बाद रीको ने भी मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। जबकि इस घटना से आसपास के क्षेत्र में भयावह माहौल की स्थिति बन गई थी, बारूद के गोले आसपास के क्षेत्र में जाकर गिरे थे। इस तरह नियमों की धज्जियां उड़ाकर किए जा रहे निर्माण, जान माल का खतरा बन रहे हैं।

कहीं सख्ती कहीं नरमी

बीते दिनों रीको ने पथरेड़ी में रोड स्वीपिंग मशीन बनाने वाली बड़ी इकाई के सेटबैक को तुड़वा दिया। कंपनी की लाखों रुपए की बैंक गारंटी भी जब्त कर ली। रीको अधिकारियों ने फटाफट कार्रवाई की। ऐसा लगा कि इस तरह की कार्रवाई अन्य फैक्ट्रियों के खिलाफ भी होगी लेकिन रीको की यह सख्ती बस एक इकाई पर ही दिखाई दी। इससे ऐसा लगा कि रीको ने किसी उद्देश्य के तहत यह एक्शन लिया। जबकि क्षेत्र में अन्य इकाइयों के अवैध निर्माण रीको को दिखाई नहीं दिए। उन पर कार्रवाई करने से रीको अधिकारी बचते दिखाई दे रहे हैं।

50 फीसदी तक अवैध निर्माण

रीको के अधिकारियों के अनुसार क्षेत्र में करीब 50 फीसदी इकाइयों ने अवैध निर्माण किए हैं। रीको के अनुसार सभी इकाइयों से मानक अनुसार निर्माण करने के लिए शपथ पत्र लिए जाते हैं। इसके बावजूद फैक्ट्री संचालक अवैध निर्माण कर लेते हैं। अवैध निर्माण की सभी जानकारी रीको अधिकारियों को होती है लेकिन कार्रवाई नहीं की जाती। अवैध निर्माण जब होते हैं तब रीको अधिकारियों को मौके पर जाकर रोकने चाहिए लेकिन मिलीभगत से सब काम हो जाते हैं।

हरियाली पर पार्किंग

क्षेत्र में संचालित फैक्ट्रियों ने अवैध निर्माण के साथ ही सडक़ पर फुटपाथ के बाद हरियाली के लिए छोड़ी गई जमीन पर भी कब्जे जमा लिए हैं। चारों तरफ नालों के ऊपर पक्का निर्माण कर उन पर पार्किंग बना ली है। उद्योग क्षेत्र में अधिकांश फैक्ट्रियों के आगे हरित पïट्टी में पार्किंग बना रखी हैं। एक तरफ हरियाली को बढ़ाने पौधारोपण अभियान चलाया जा रहा है दूसरी तरफ उद्योग क्षेत्र में हरित पïट्टी से पेड़ों को काटकर पार्किंग बनाई जा रही है।

बिना सेटबैक के अवैध निर्माण हैं उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में जल्द ही एक टीम गठित कर सर्वे कराया जाएगा।
आदित्य शर्मा, यूनिट हेड, रीको

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