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भिवाड़ी

फायर सेस से मिले दो करोड़ रुपए नगर परिषद ने सफाई में किए खर्च

फायर बिग्रेड और फायर सिस्टम के काम पर नहीं दे रहे ध्यान

भिवाड़ीJun 15, 2024 / 08:01 pm

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भिवाड़ी. औद्योगिक इकाइयों को फायर सेस से दी गई छूट को समाप्त करते ही नगर परिषद का खजाना भरने लगा है। अब नई औद्योगिक इकाइयों को अग्निशमन प्रमाण पत्र लेने से पहले लाखों रुपए की राशि अग्निशमन शुल्क और फायर सेस के रूप में जमा करानी पड़ रही है। लेकिन नगर परिषद फायर सेस से आए फंड का उपयोग सफाई कराने में कर रही है। बीते दिनों फायर सेस से करीब दो करोड़ रुपए का भुगतान सफाई ठेकेदारों को कर दिया। इस पैसे से नगर परिषद कार्यालय में फायर सिस्टम, दमकल वाहनों के रखरखाव नए उपकरणों की खरीद में होना चाहिए था। अभी फायर शाखा के पास दो फायर बिग्रेड हैं जिनकी क्षमता तीन और साढ़े चार हजार लीटर है, औद्योगिक क्षेत्र के अनुसार इनकी क्षमता कम है। यहां पर 12 हजार लीटर वाली फायर बिग्रेड की जरूरत है लेकिन फायर सेस का दूसरी जगह उपयोग होने से अग्निशमन शाखा कमजोर ही बनी हुई है। नियमानुसार भी फायर सेस के पैसे का उपयोग फायर संबंधी गतिविधि में होना चाहिए।

14 सितंबर 2023 को नगरीय विकास आवासन एवं स्वायत शासन विभाग के जारी आदेश के बाद इसकी पालना शुरू हो गई है। इसके बाद इकाइयों को फायर एनओसी लेने के लिए अब फायर उपकरण पर लाखों रुपए खर्च के साथ ही अग्निशमन विभाग को भी सेस के लिए मोटी राशि देनी पड़ रही है, नए आदेश के बाद औद्योगिक इकाइयों से नगर परिषद को एक करोड़ से अधिक की राशि मिली है। अभी हाल में आवेदन करने वाली इकाई को विभाग ने 32 लाख का मांग पत्र सौंपा है। इसी तरह अन्य इकाइयों में भी कई लाख रुपए के मांगपत्र निकल रहे हैं। पहले औद्योगिक क्षेत्र में फायर सेस को लेकर छूट थी। आवासीय और व्यावसायिक में फायर सेस लिया जाता था। जिनके पास पहले से फायर एनओसी है उनके लिए नियमित समय पर नवीनीकरण का शुल्क है 7500 रुपए है। नवीनीकरण में देरी करने पर पांच हजार का जुर्माना है। पहले कम से कम दस हजार और अधिकतम 50 हजार रुपए का जुर्माना था। नए नियम के बाद औद्योगिक इकाई फायर एनओसी लेने में रुचि नहीं दिखाएंगी, क्योंकि पहले सिर्फ उन्हें उपकरण लगाने होते थे, इसके बावजूद क्षेत्र की बहुत कम इकाई फायर एनओसी लेती थी। करीब छह हजार इकाइयों में से आठ सौ के पास ही एनओसी है। अब फायर सेस की बड़ी राशि लगने के औद्योगिक इकाई एनओसी को लेकर पहले से अधिक पीछे हटती दिख रही हैं।

इस तरह लगता है फायर सेस

नई एनओसी लेने वाली औद्योगिक इकाइयों को निर्माण पर 1.50 रुपए प्रति वर्ग फीट एनओसी शुल्क है। इसके साथ ही 15 मीटर ऊंचाई तक 50 रुपए प्रति वर्गमीटर फायर सेस लगता है। 15 से 40 मीटर ऊंचाई तक 100 रुपए प्रति वर्ग मीटर फायर सेस लगता है। 40 से 60 मीटर ऊंचाई तक 150 रुपए प्रति वर्गमीटर फायर सेस लगता है। 60 मीटर से ऊपर 200 रुपए प्रति वर्गमीटर फायर सेस है।

फायर उपकरण भी लाखों में

फायर एनओसी लो हेजर्ड, मीडियम और हाई हेजर्ड तीन वर्ग में जारी होती है। लो हेजर्ड में आग बुझाने वाले सिलेंडर, मीडियम में आग बुझाने वाले सिलेंडर और हाइड्रेंट और हाई हेजर्ड में आग बुझाने वाले सिलेंडर, स्प्रिंकल और चार घंटे तक पानी की क्षमता वाला हाइड्रेंट होना चाहिए। एक हजार वर्गमीटर की इकाई को हाई हेजर्ड में फायर एनओसी चाहिए तो उसे अपने परिसर में फायर फाइटिंग सिस्टम लगाने में करीब 15 से 20 लाख रुपए की लागत आती है। फायर उपकरण लगाने में बड़ी राशि खर्च होती है जिसकी वजह से अधिकांश इकाई बिना अग्नि सुरक्षा उपकरणों के ही काम करती हैं।

फायर सेस से अग्नि सुरक्षा संबंधी उपकरण और संसाधानों का रखरखाव बेहतर तरीके से करने का प्रयास करेंगे। कुछ बड़े फायर बिग्रेड वाहन और उपकरण खरीदने की योजना है। नरेश मीणा, अग्निशमन अधिकारी

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