scriptWhere did the contractor install the stolen poles in Rico Colony? | रीको कॉलोनी में चोरी के खंबे ठेकेदार ने कहां से लगाए | Patrika News

रीको कॉलोनी में चोरी के खंबे ठेकेदार ने कहां से लगाए

locationभिवाड़ीPublished: Dec 08, 2023 07:19:46 pm

Submitted by:

Dharmendra dixit


सात महीने बीतने के बाद भी नहीं निकला निष्कर्ष, निगम मुख्यालय की टीम भी आई जांच को, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई

रीको कॉलोनी में चोरी के खंबे ठेकेदार ने कहां से लगाए
रीको कॉलोनी में चोरी के खंबे ठेकेदार ने कहां से लगाए

भिवाड़ी. रीको चौक पर रीको कर्मचारियों की कॉलोनी में बिजली लाइन शिफ्टिंग में चोरी के खंबे (पोल) लगाए जाने का मामला सामने अप्रेल-मई में सामने आया था। तत्कालीन अधिकारियों ने इस मामले की जांच शुरू करने की बात भी कही थी। लेकिन करीब छह-सात महीने बाद भी इस मामले में कोई सख्त कार्रवाई अभी तक नहीं हुई है। जिम्मेदार अधिकारी इस मामले को लेकर नरमी बरतते हुए दिख रहे हैं।
अप्रेल मई में शिकायत के बाद स्टॉक ऑडिट टीम जयपुर भी जांच करने मौके पर आई थी। टीम द्वारा मौके पर आकर तथ्य जुटाए गए थे। ठेकेदार ने भी मौके पर लगाए गए खंबों पर खुरच लगाकर सीमेंट से लॉट और निगम के अन्य ऑर्डर नंबरों को मिटाया था। इस संबंध में पत्रिका ने पड़ताल की तो पता चला कि रीको द्वारा कर्मचारी कॉलोनी के मुख्य गेट से अंदर तक 11 केवी की लाइन को बदलने के लिए करीब दस लाख रुपए का टेंडर किया था। टेंडर अंकुर इलेक्ट्रिकल को मिला था। अंकुर इलेक्ट्रिकल ने यहां काम करते हुए करीब एक दर्जन खंबे, बिजली के तार और अन्य उपकरण लगाए गए थे।
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ऐसे हुआ झोल
पोल निर्माता फर्म को विद्युत निगम की सामग्री प्रबंधन शाखा द्वारा ऑर्डर दिया जाता है। जिसमें माल सुपुर्दगी सीधे सहायक अभियंता कार्यालय को हाती है। सहायक अभियंता द्वारा पोल की गाड़ी के साथ आए हुए चालान को सत्यापित कर, उसकी प्रति गाड़ी चालक को दे दी जाती है, जिसके आधार पर पोल निर्माता को सामग्री प्रबंधन शाखा द्वारा भुगतान कर दिया जाता है। इस खर्चे को संबंधित कार्यालय में बुक करने के लिए एटीडी लेखा अधिकारी के मार्फत सहायक अभियंता को भेजी जाती है, जिसका सत्यापन भंडार शाखा लिपिक व सहायक अभियंता द्वारा स्टॉक रजिस्टर के आधार पर किया जाता है। हाल ही में ऐसा मामला हुआ जिसमें सामग्री प्रबंधन शाखा द्वारा खंबे की गाड़ी सीधे सहायक अभियंता कार्यालय भिवाड़ी भेजी गई, लेकिन स्थानीय स्तर पर गाड़ी का चालान सत्यापित कर दे दिया गया लेकिन स्टॉक रजिस्टर में इस संबंध में कोई प्रविष्टि दर्ज नहीं की गई। सूत्रों के अनुसार यह खंबे रीको द्वारा कराए जा रहे काम के लिए रीको के ठेकेदार को बेच दिए गए। निगम को लाखों की चपत लगा दी गई।
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सबूत मिटाए गए
मामले की भनक लगने पर ठेकेदार ने मौके पर लगे पोल पर अंकित जेवीवीएनएल, टीएन नंबर को खुरचकर उस पर सीमेंट लगा दिया गया है। विद्युत निगम की कार्यप्रणाली के अनुसार निगम द्वारा कराए जाने वाले कार्य में ठेकेदार को सामग्री उपलब्ध कराई जाती है, ठेकेदार द्वारा सिर्फ श्रम दिया जाता है। रीको चौक पर जो काम हुआ यह रीको द्वारा कराया गया, यहां पर ठेकेदार द्वारा सामग्री स्वयं उपलब्ध कराई जाती है, जो कि बाजार से खरीदी हुई होती है, यहां पर विद्युत निगम के मार्का वाले पोल लगे होने से मामला चोरी का हो जाता है।
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उक्त काम जयपुर से कराए जाते हैं। रीको चौक पर जो काम हुआ इसमें ठेकेदार डिबार है। काम का भुगतान भी रोका गया है। चोरी के खंबे लगाने पर कार्रवाई विद्युत निगम करेगी।
जीके शर्मा, इकाई प्रभारी रीको
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इस मामले में अभी तक क्या स्थिति है उसे दिखवाते हैं। उसके आधार पर आगे की कार्रवाई करेंगे।
सुधीर पांडेय, अधीक्षण अभियंत, विद्युत निगम

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