हरियाणा में पशुधन बीमा योजना के तहत 10 लाख मवेशियों का होगा बीमा, यहां देखे किस जिले में कितने पशुपालकों ने कराया बीमा

हरियाणा में पशुधन बीमा योजना के तहत 10 लाख मवेशियों का होगा बीमा, यहां देखे किस जिले में कितने पशुपालकों ने कराया बीमा

Prateek Saini | Updated: 13 Jun 2019, 07:35:13 PM (IST) Bhiwani, Bhiwani, Haryana, India

महज तीन महीने में एक लाख पशुपालकों ने कराया मवेशियों का बीमा...

(भिवानी,संजीव शर्मा): राष्ट्रीय लाइव स्टाक मिशन के माध्यम से केंद्र-प्रदेश सरकार की 'पंडित दीनदयाल उपाध्याय सामूहिक पशुधन बीमा योजना' के तहत हरियाणा में अप्रैल 2019 से अगले एक साल के अंदर 10 लाख मवेशियों का बीमा करवाया जाएगा, जिसके बाद प्रदेश पूरे देश में सबसे ज्यादा मवेशियों को स्वास्थ्य एवं जीवन संरक्षण देने वाला राज्य बन जाएगा। विभाग के साथ-साथ अब पशुपालकों का रूझान भी योजना में बढने का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब तक महज ढाई महीने में एक लाख मवेशियों का बीमा हो चुका है।


केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश में मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा कृषि एवं इससे सहायक गतिविधियों में भी किसानों के साथ-साथ पशुपालकों की आय बढाने के लिए उनके मवेशियों को जोखिम फ्री करने की रणनीति बनाई गई। पंडित दीनदयाल उपाध्याय सामूहिक बीमा योजना के तहत जहां अनुसूचित जाति के पशुपालकों के शत-प्रतिशत प्रीमियम का भुगतान सरकार द्वारा किया जा रहा है, वहीं अन्य लाभार्थियों को बडे पशु गाय, भैंस के लिए 100 रूपए प्रति पशु तथा छोटे पशु भेड, बकरी व ***** के लिए 25 रूपए प्रति पशु में एक साल का बीमा किया जा रहा है। पशुपालकों के मवेशियों को जोखिम मुक्त करने की इस योजना के लिए अप्रैल 2019 से पूरे प्रदेश में 10 लाख मवेशियों का बीमा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अब तक एक लाख मवेशियों का बीमा किया जा चुका है।


अधिकारियों की मानें तो मवेशी की आकस्मिक मृत्यु, दुर्घटना में मृत्यु, बिमारी से मृत्यु, करंट, जहरीले जीव से काटने, बाढ, आग आदि की चपेट में आने से होने वाली मृत्यु की स्थिति में पशुपालक को अधिकतम 86 हजार रूपए तक के मुआवजे का भुगतान किया जाएगा। इस योजना के माध्यम से अनुसूचित जाति के पशुपालकों को 5 मवेशियों का निशुल्क बीमा, अन्य पशुपालकों को 5 मवेशियों तक 100 रूपए प्रति पशु का भुगतान ही किया जाएगा।


पशुपालन मंत्री ओमप्रकाश धनखड का कहना है कि वर्तमान सरकार से पूर्व सालाना केवल 50 से 60 हजार तक मवेशियों का ही बीमा होता था तथा उसमें भी शर्तों को पूरा करना पशुपालकों के लिए कठिनाई भरा काम था। लेकिन वर्तमान योजना के तहत अब तक एक लाख मवेशियों का बीमा किया जा चुका है और 10 लाख मवेशियों का बीमा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि पशुपालन विभाग द्वारा एक ऐप्लिकेशन बनाई जा रही है, जिस पर सभी पशुपालकों के मवेशी की जानकारी अपडेट की जाएगी। इससे पशुपालक अपनी जरूरत अनुसार मवेशी की खरीद-फरोख्त कर सकेंगे। हाल ही में रेवाड़ी में 5 मवेशियों की मृत्यु हुई थी, जिनका पशुपालकों द्वारा बीमा करवाया गया था और उन्हें इसका मुआवजा दिया गया। उन्होंने कहा कि पशुपालकों को अपने नजदीकी पशुचिकित्सालय तक पहुंचकर अपना पंजीकरण कराने की सूचना देनी है, जिसके बाद विभाग की टीमें बीमा प्रक्रिया पूरी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इससे न केवल पशुपालन को बढावा मिल रहा है, अपितु जोखिम की चिंता से भी किसानों को निजात मिली है।

जानिए किस जिले में कितने पशुपालकों ने कराया बीमा

जिला पंजीकरण क्लेम
महेंद्रगढ 12208 80
झज्जर 7769 26
फतेहाबाद 6635 20
जींद 6269 56
रेवाडी 6195 33
रोहतक 6077 25
भिवानी 5850 21
यमुनानगर 5273 39
पनीपत 5010 32
करनाल 4925 41
कुरूक्षेत्र 4853 34
चरखी दादरी 4259 11
हिसार 3875 18
कैथल 3755 42
फरीदाबाद 3598 14
सिरसा 3574 06
अंबाला 3557 25
गुरूग्राम 2977 24
सोनीपत 2197 16
पलवल 1599 11
मेवात 1446 05
पंचकूला 0775 06
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