हरियाणा की चिट्ठी : मुख्यमंत्री खट्टर की पहल पंजाब के मुख्यमंत्री मानने को तैयार नहीं

हरियाणा की चिट्ठी : मुख्यमंत्री खट्टर की पहल पंजाब के मुख्यमंत्री मानने को तैयार नहीं
khattar and amrinder file photo

| Publish: Jul, 16 2018 08:13:35 PM (IST) | Updated: Jul, 16 2018 08:15:27 PM (IST) Chandigarh, India

हिमाचल की नदियों का हरियाणा के हिस्से का पानी भी पंजाब के रास्ते से ही आता है। इस कारण दोनों राज्यों का मिलकर काम करना जरूरी है।

राजेन्द्र सिंह जादौन

चंडीगढ। भारत का अखण्ड पंजाब प्रांत एक बडा सूबा था। वर्ष 1966 में विभाजित कर अलग हरियाणा प्रांत बनाया गया। हरियाणा के अलग अस्तित्व में आने के बाद भी विरासत में साझा बना रहा। मसलन पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी चंडीगढ है। चंडीगढ के साथ पंजाब और हरियाणा के शहर मोहाली और पंचकूला अपना रोजमर्रा का शहरी यातायात जोडे हुए हैं। हिमाचल की नदियों का हरियाणा के हिस्से का पानी भी पंजाब के रास्ते से ही आता है। इस कारण दोनों राज्यों का मिलकर काम करना जरूरी है।

 

खट्टर की पहल अमरिंदर सिंह ने नामंजूर की

 

हाल में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पंजाब के साथ मिलकर काम करने की पहल की लेकिन पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने उन्हें नामंजूर कर दिया। खट्टर ने पैनल चर्चा के दौरान कैप्टेन अमरिंदर सिंह की मौजूदगी में कहा कि चंडीगढ के साथ पंचकूला और मोहाली के शहरी जुडाव को देखते हुए एक टईसिटी विकास प्राधिकरण जैसी एजेंसी बनाई जाए। इससे तीनों शहरों का साझा विकास हो सकेगा लेकिन अमरिंदर सिंह ने इसे खारिज कर दिया। खट्टर ने इस तरह के प्राधिकरण की स्थापना के लिए केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को भी पत्र भेजा है।

हरियाणा को नई राजधानी बनाने के लिए मदद दी जाए


खट््टर का दूसरा सुझाव था हिमाचल प्रदेश की नदियों के व्यर्थ पाकिस्तान बह जाने वालें पानी को बांध या जलाशय बनाकर रोकते हुए इसे पंजाब और हरियाणा के हित में काम में लिया जाए। लेकिन कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने इस पर कोई पहल नहीं की। चंडीगढ को पूरी तरह राजधानी के लिए हरियाणा को सौंप देने की खट्टर की मांग पर अमरिंदर सिंह ने कहा कि यह नहीं हो सकता क्योंकि चंडीगढ पर पंजाब का ऐतिहासिक अधिकार है। अमरिंदर सिंह ने कहा कि हरियाणा को नई राजधानी बनाने के लिए मदद दी जाए।

 

पंजाब फैसले पर अमल करने को तैयार नहीं

 

अभी पंजाब और हरियाणा के बीच रावी-ब्यास नदियों के पानी में बटवारे का बडा विवाद है। हरियाणा को इन नदियों से अभी जो पानी मिल रहा है वो पूरा हिस्सा नहीं है। इसे पूरा करने के लिए सतलुज-यमुना सम्पर्क नहर का निर्माण कर पंजाब के रास्ते ही शेष पानी लाया जाना है। लेकिन पंजाब में उग्रवाद के दौर से ही इस नहर के निर्माण में बाधा डाली जाती रही है। अब सुप्रीम कोर्ट ने नहर निर्माण कर हरियाणा को शेष पानी देने का फैसला अंतिम रूप से दे दिया है लेकिन पंजाब इस फैसले पर अमल करने को तैयार नहीं है।


पंजाब के पास किसी को देने के लिए पानी की एक बूंद नहीं

 

अमरिंदर सिंह भी पिछले मुख्यमंत्री की तरह कह रहे हैं कि पंजाब के पास किसी को देने के लिए पानी की एक बूंद नहीं है। हरियाणा का मुख्य विपक्षी दल इंडियन नेशनल लोकदल इस नहर के निर्माण की मांग को लेकर पिछले करीब एक माह से जेलभरो आंदोलन छेडे हुए हैं। जगह-जगह सभाएं आयोजित कर गिरफ्तारियां दी जा रही हैं। इनेलो की सहयोगी पार्टी बहुजन समाजवादी पार्टी भी गिरफ्तारी आंदोलन में शामिल है।

 

 

स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ मानहानि का दावा

 

अगले साल प्रदेश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव होंगे। इसके मद्देनजर राजनीतिक गतिविधयां तेजी पर है। इनेलो के हिसार से सांसद दुष्यंत चौटाला ने प्रदेश में राष्ट्ीय स्वास्थ्य मिशन और मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के तहत जिलों में दवा खरीद में 300 करोड तक का घोटाला होने की संभावना जताई है और जांच की मांग की है। लेकिन स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने इसके प्रमाण मांगते हुए आरोप को खारिज कर दिया है। सांसद का दावा है कि आरटीआई सूचनाओं के अनुसार घोटाला साबित हो रहा है। स्वास्थ्य मंत्री द्वारा सांसद पर की गई व्यक्तिगत टिप्पणी को मुद््दा बनाते हुए सांसद ने स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ मानहानि का दावा अदालत में पेश किया है। अब स्वास्थ्य मंत्री कह रहे हैं कि वे अदालत में जवाब देंगे।



तंवर-हुड्डा के अलग-अलग कार्यक्रम जारी

 

आगामी चुनावों के मद््देनजर कांग्रेस की एकजुटता दिखाने के लिए जहां प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर ने पार्टी हित में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के साथ अपने मतभेद समाप्त करने की घोषणा की है। इसके जवाब में हुड्डा ने कहा कि उनके किसी के साथ मतभेद नहीं है। बहरहाल दोनों नेता अपने-अपने खेमों के अलग-अलग कार्यक्रम जारी रखे हुए है। हुड्डा चुनावों को ध्यान में रखते हुए जनक्रांति रथयात्रा निकाल रहे हैं तो तंवर हरियाणा बचाओ परिवर्तन लाओ साईकिल यात्रा।

 

भाजपा की चुनावों की रणभेरी बजी

 

हाल में केन्द्र सरकार द्वारा खरीफ फसलों के लिए घोषित समर्थन मूल्यों के मुद््दे पर सत्तारूढ भाजपा भी 21 जुलाई को महेन्द्रगढ में धन्यवाद रैली करने जा रही है। इसके बाद तीन और धन्यवाद रैली की जायेंगी। यह चुनावी वर्ष है। भाजपा भी चुनावों की रणभेरी बजा चुकी है। हाल में मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा पर नए कदमों की घोषणा की है। इनमें महिला अपराध के अभियुक्त की सारी सरकारी सुविधाएं निलंबित करने,जांच एक माह और पन्द्रह दिन में पूरी करने,फास्ट ट्ेक कोर्ट स्थापित करना शामिल है।

 

बेहतर काम करने वाली पंचायतों को पुरुस्कार

 

हाल में हरियाणा सरकार ने लिंगानुपात,शिक्षा,स्वास्थ्य,पर्यावरण संरक्षण, शासन व्यवस्था और विकास में सामाजिक भागीदारी के सात मानकों पर बेहतर काम करने वाली प्रदेश की पंचायतों को छह,पांच और चार स्टार सम्मान देकर विकास के लिए अतिरिक्त राशि दी है। इन मानकों पर कुछ अतिरिक्त काम करने वाली पंचायतों को रेनबो सम्मान दिया गया है।

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