हरियाणा में छात्रसंघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराने के लिए छात्र संगठन आंदोलन की राह पर

हरियाणा में छात्रसंघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराने के लिए छात्र संगठन आंदोलन की राह पर

Prateek Saini | Publish: Sep, 05 2018 09:13:15 PM (IST) Bhiwani, Haryana, India

इस मुद्ये पर हरियाणा के सभी छात्र संगठनों ने एकजुट होकर होकर आंदोलन की चंतावनी दी है...

(चंडीगढ): छात्र संगठन हरियाणा में पंजाब व दिल्ली यूनिवर्सिटी की तर्ज पर प्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव करवाए जाने की मांग को लेकर आंदोलन की राह पर आने की तैयारी में है। राज्य सरकार ने करीब 22 साल बाद छात्रसंघ चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से कराने का फैसला किया है।

 

इस मुद्ये पर हरियाणा के सभी छात्र संगठनों ने एकजुट होकर होकर आंदोलन की चंतावनी दी है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने यहां बुधवार को पत्रकारवार्ता में बताया कि सभी छात्र संगठनों की बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि प्रदेश में छात्र संघ चुनाव प्रत्यक्ष तौर पर कराने की मांग पर जोर दिया जाए। इसके लिए 10 सितम्बर को विधानसभा का घेराव कर प्रत्यक्ष रूप से चुनाव की मांग करेंगे।

 

दिग्विजय ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया कि छात्रसंघ चुनावों की निष्पक्षता को खत्म करने के लिए ही अप्रत्यक्ष चुनाव करवाना चाहती है लेकिन इनसो इन चुनावों को हार्स ट्रेडिग का जरिया नहीं बनने देगी। इस बैठक में छात्रनेता दिग्विजय सिंह चौटाला, शाहनवाज हुसैन, अमित कौशिक, प्रिंस रंजन, रणधीर चीका और जसविंद्र खैरा मौजूद रहे।

 


दिग्विजय चौटाला ने कहा कि सभी छात्र संगठनों ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में प्रत्यक्ष चुनाव करवाने के लिए मुख्यमंत्री के नाम कुलपतियों को ज्ञापन भी सौंपे हैं। बैठक में हिस्सा लेते हुए एसएफआई प्रदेशाध्यक्ष व प्रत्यक्ष चुनाव छात्र संघर्ष समीति के संयोजक शाहनवाज ने कहा कि अप्रत्यक्ष चुनाव कराने के मुद्दे पर सभी छात्र संगठन लामबंद होकर सरकार का विरोध करते हैं और वह प्रत्यक्ष चुनाव के लिए हर संघर्ष में इनसो के साथ खड़े हैं।

 

दिग्विजय चौटाला ने बताया की हमने मुख्यमंत्री से समय माँगा है यदि मुख्यमंत्री समय निकाल कर हमारी प्रत्यक्ष चुनाव की मांग को मान लेते है तो हम 10 सितम्बर के घेराव को स्थगित कर देंगे। दिग्विजय सिंह चौटाला ने कहा कि एबीवीपी के इस बैठक में हिस्सा न लेने से यह स्पष्ट हो जाता है कि वह भी छात्र विरोधी सरकार के षड्यंत्र में शामिल है।

 


एनएसयूआई की तरफ से आए प्रतिनिधि अमित कौशिक ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार यह जानती है कि एबीवीपी का किसी भी कॉलेज या विश्वविद्यालय में कोई जनाधार नहीं है। इसीलिए सरकार चाहती है कि अप्रत्यक्ष चुनाव कराए जाएं ताकि खरीद फरोख्त कर एबीवीपी के जरिए आरएसएस और भाजपा की विचारधारा का प्रचार उच्च शिक्षण संस्थानों में किया जा सके, लेकिन सरकार के इस फैसले के विरुद्ध सभी छात्र संगठन एक हैं और छात्र संघ चुनावों में लोकतंत्र की हत्या नहीं होने दी जाएगी।

 

छात्र नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि अप्रत्यक्ष चुनावो के विरोध में लगभग 12 छात्रसंगठन हमारे साथ है। उन्होंने कहा कि सरकार को हमारी प्रत्यक्ष चुनाव की मांग को मानना होगा इसके लिए हम निरंतर संघर्षरत है। उन्होंने कहा कि अभी प्रदेश के 9 बड़े छात्रसंघ और यूनिवर्सिटी स्तर के छात्रसंघ प्रत्यक्ष चुनाव को लेकर हमारे साथ है।

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