पॉजिटिव मरीज के फस्र्ट और क्लोज कॉन्टेक्ट हिस्ट्री तलाशने में जुटे 10 लोग, ताकि झूठ पकड़ में आए

- कोरोना वॉर रूम में ही बनाया एक अलग कंट्रोल कक्ष, वहीं डायग्राम बनाकर मूवमेंट का पता कर कॉन्टेक्ट हिस्ट्री निकाल रही 10 लोगों की टीम

भोपाल. कोरोना संक्रमण की चेन को पकडऩे के लिए पॉजिटिव आए मरीज की कॉन्टेक्ट हिस्ट्री का पता लगाने के लिए 10 अधिकारी और कर्मचारी दिन रात लगे हुए हैं। इसमें पुलिस के अफसर भी शामिल हैं जो कॉल डिटेल से फस्र्ट और क्लोज कॉन्टेंक्ट का पता बताकर उनके सैम्पल करवा रहे हैं। कलेक्टर तरुण पिथोड़े खुद इस टीम को कंट्रोल कर रहे हैं। इस टीम से तत्काल फैक्ट सहित मरीज के कॉन्टेक्ट का पता चल जाता है। अगर कोई जानकारी गलत देता है तो कॉल डिटेल से उसकी सही जानकारी प्राप्त हो जाती है । ऐसे लोगों को होम क्वारेंटाइन किया जा रहा है । एक-एक व्यक्ति की 15 दिन में 50 लोगों से ज्यादा के कॉन्टेक्ट की जानकारी मिल रही है। इसमें से जांच कर लोगों के सैम्पल लिए जा रहे हैं।

कलेक्टर ने बताया कि स्मार्ट सिटी कार्यालय में कई डायग्राम बनाकर उनकी कांटेक्ट हिस्ट्री टेलीफोन नंबर और संक्रमित व्यक्तियों द्वारा बताई गई जानकारी की क्रॉस चेक करके सभी हॉटस्पॉट्स को भी चिन्हित किया गया है। इसके साथ उनके संपर्क में आए ऐसे प्रत्येक व्यक्ति को भी ट्रेस किया जा जा रहा है।

27 हॉटस्पॉट, जहांगीराबाद से सबसे ज्यादा सैम्पल
कोरोना के केस सामने आने के बाद भोपाल में 27 ऐसे क्षेत्र हैं जिनमें कंट्रोल रूम में रेड निशान बना हुआ है। ये स्पॉट हॉट क्षेत्र बने हैं। तस्वीरों में इन हॉट स्पॉट को लाल रंग की पर्ची से साफ देख सकते हैं। इसके अलावा यलो जोन भी बने हुए हैं। यलो में पांच से कम मरीज आए हुए हैं। शहर में जहांगीराबाद क्षेत्र एक ऐसा हॉस्ट स्पॉट बन चुका है जहां एक हजार से ज्यादा सैम्पल लिए गए हैं।

वर्जन

पॉजिटव मरीज की कॉन्टेक्ट हिस्ट्री पकडऩे के लिए 10 लोगों की टीम दिन रात काम कर रही है। इससे काफी मदद मिल रही है। इसमें पुलिस के अधिकारी भी शामिल हैं।
तरुण पिथोड़े, कलेक्टर

प्रवेंद्र तोमर Reporting
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