script18 types of innovations in the construction of rural roads in the stat | प्रदेश में ग्रामीण सड़कों के निर्माण में 18 तरह के नवाचार | Patrika News

प्रदेश में ग्रामीण सड़कों के निर्माण में 18 तरह के नवाचार

- सबसे सस्ता सुंदर टिकाऊ वेस्ट प्लास्टिक के उपयोग
- ग्रामीण सड़के बनाने कंपनियां देती हैं रसायन

भोपाल

Published: April 26, 2022 02:17:11 pm

भोपाल।rural roads बनाने में मध्य प्रदेश ने करीब 18 तरह के नए प्रयोग किए हैं। इन प्रयोगों से जहां construction of roads की लागत कम आई है, वहीं इनमें टीकाऊपन भी देखने को मिला है। सबसे ज्यादा सड़कें Waste Plastic का उपयोग कर के सड़कें बनाई गई हैं, जिससे सड़कों के निर्माण की लागत में दस फीसदी से अधिक की कमी आई है। देश में सबसे ज्यादा प्लास्टिक की सड़कें बनाई गई हैं, जिसके लिए मप्र को अवार्ड भी मिला है।
प्रदेश में 11 हजार किमी से अधिक सड़कें विभिन्न तरह के नवाचार के माध्यम से बनाई गई हैं। नवाचार रसायन और मटेरियल की उपलब्धता के साथ-साथ क्षेत्र की जीयोग्राफिकल वातावरण के आधार पर किए गए हैं। इससे सड़कों में मजबूती के साथ लागत राशि को कम किया गया है। प्रत्येक नवाचार में पांच से दस फीसदी लागत राशि को कम किया गया है।
रामगंजबालाजी के निकट गलत साइड से आते वाहन
रामगंजबालाजी के निकट गलत साइड से आते वाहन
सड़कों के निर्माण के लिए फैक्ट्रियां अपना waste chemical material उपलब्ध कराती हैं, जिससे सड़कों में डामर, सीमेंट का उपयोग कम हो सके। घने ग्रामीण बस्तियों में कई जगह पर पेनल्ड कांक्रीट की सड़कें बनाई गई हैं। इससे जहां-जहां सड़कें खराब हो जाती हैं, वहां उतने पेनल को निकाल कर दूसरा पेनल लगा दिया जाता है, इससे उनके रख-रखाव की लागत 70 फीसदी कम हो जाती है।

नवाचार को लेकर अंतर्राष्टीय सेमिनार
सड़कों के नवाचार को लेकर दिल्ली में एक सेमीनार भी किया जाना है। इस समिनार में सभी राज्य अपनी सड़कों के निर्माण में किए गए नए-नए प्रयोगों के संबंध में इंजीनियरों को जानकारी आदान प्रदान करेंगे। मध्य प्रदेश भी अपने सभी 18 नवाचारों के संबंध में इस सेमीनार में प्रजेंटेशन देगा। मध्य ग्रामीण सड़क प्राधिकरण इसकी तैयारी शुरू कर रहा है, संभवत: यह बैठक अगले माह होनी है।

ये हुए बड़े नवाचार
- शहरों से निकलने वाली पन्नी (पॉलीथिन) को डामर की जगह पर उपयोग किया गया और सड़कें बनाई गई।
- दलदली जमीन और पानी जमा होने वाले क्षेत्रों में सड़कों की सतह पर पन्नी बिछाई गई, इससे सड़कों में धसाव और नीचे दबने की शिकायतें नहीं आईं।
- जिन क्षेत्रों में जमीन पर दरार की शिकायतें आती थीं वहां सड़कों को बनाने के बाद बीच बीच में उसमें सड़कें काट दी गईं। इससे सड़कों में दरारें नहीं आई। सड़कें खराब होने के बाद उस क्षेत्र का पेंच वर्क कर दिया गया।
- पत्थर उपलब्ध होने वाले क्षेत्रों में सड़कों की जगह पत्थर के बोल्डर आपस में जमाकर सड़कें बनाई गईं, इससे सड़कों की लागत कम आई।
- नैनो टैक्नालॉजी से सड़कों के निर्माण में उद्योगों से निकलने वाले बेकार रसायनों का उपयोग कर सीमेटें और डामर में मिलाकर सड़कें बनाई गई। इससे सड़कों की लागत में 50 फीसदी तक कमी आई।
- गांवों के बीचों-बीच निकलने वाली सड़कों को पेनल कांक्रीट से बनाया गया। इस टैक्नालाजी से सड़कों के रख-रखाव की लागत काफी कम हो जाती है।
- जिंकोसील टेक्नॉलाजी से डामर की मात्रा को 5 फीसदी तक कम कर रसायन मिलाया जाता है, जिससे सड़क की लागत कम हो जाता है। इस तकनीक से चार सौ किमी सड़कें बनाई गई हैं।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

राजस्थान में इंटरनेट कर्फ्यू खत्म, 12 जिलों में नेट चालू, पांच जिलों में सुबह खत्म होगी नेटबंदीनूपुर शर्मा पर डबल बेंच की टिप्पणियों को वापस लिया जाए, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के समक्ष दाखिल की गई Letter PettitionENG vs IND Edgbaston Test Day 1 Live: ऋषभ पंत के शतक की बदौलत भारतीय टीम मजबूत स्थिति मेंMaharashtra Politics: महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने देवेंद्र फडणवीस के डिप्टी सीएम बनने की बताई असली वजह, कही यह बातजंगल में सर्चिंग कर रहे जवानों पर नक्सलियों ने की फायरिंगपंचायत चुनाव: दो पुलिस थानों ने की कार्रवाई, प्रत्याशी का चुनाव चिन्ह छाता तो उसने ट्राली भर छाता बंटवाने भेजे, पुलिस ने किए जब्तMonsoon/ शहर में साढ़े आठ इंच बारिश से सडक़ों पर सैलाब जैसा नजारा, जन जीवन प्रभावित2 जुलाई को छ.ग. बंद: उदयपुर की घटना का असर छत्तीसगढ़ में, कई दलों ने खोला मोर्चा
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.