शहरी मॉडल पर होगा सात जिलों के 19 गांवों का विकास

शहरी मॉडल पर होगा सात जिलों के 19 गांवों का विकास

Ashok Gautam | Publish: Oct, 09 2019 09:20:47 AM (IST) | Updated: Oct, 09 2019 09:20:48 AM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

प्रत्येक गांवों में दो करोड़ रुपए होंगे विकास कार्यों पर खर्च
भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और झाबुआ जिले के दो-दो गांवों का चयन

भोपाल। केंद्र सरकार देश के 500 गांवों को शहरी तर्ज पर विकसित करने जा रही है। इसमें मध्य प्रदेश के १३ जिलों के 19 गांवों को शामिल किया गया है। इन गांवों का पूरी तरह से विकास करके शहर तथा गांव के बीच के अंतर को दूर करने में दो-दो करोड़ रुपए से अधिक राशि खर्च की जाएगी।

इसमें भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और झाबुआ जिले के दो-दो गांवों का चयन किया गया है। ये गांव शहर सीमा से लगे हुए हैं। इन गांवों का विकास तीन चरणों में होगा।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग इन गांवों को शहर की तर्ज पर विकसित करने के लिए डीपीआर तैयार करा रहा है। इन गांवों में सड़क, २४ घंटे पानी की सप्लाई, सीवेज लाइन, सामुदायिक और घर-घर शौचालय, स्ट्रीट लाइट, बिजली की उपलब्धता, स्वयं का रोजगार तथा अन्य रोजगार के साधन, हाट-बाजार, स्कूल, कालेज, अस्पताल, पर्यटक स्थल, खेल के मैदान, बस स्टैंड तथा गांव से स्टेट और नेशनल हाइवे की दूरी सहित अन्य कार्यों के संबंध में डीपीआर तैयारी की जाएगी।

गांवों में उक्त मांपदंडों में से जो भी कमियां पाई जाएंगी उन्हें दूर किया जाएगा। इन गांवों के विकास पर करीब 50 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके साथ ही गांवों में घर-घर कचरा एक_ा करने तथा उसके मैनेजमेंट के लिए प्लान तैयार किया जाएगा। गांवों में किसानों को गोबार गैस प्लांट लगाने तथा बिना रसायनिक खाद की खेती करने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।

जलाशय और पार्कों का कायाकल्प

गांव में पार्क और जलाशयों का कायाकल्प और विकसित किया जाएगा। तालाबों में घाट बनाए जाएंगे और उसका समग्र विकास किया जाएगा। तालाबों के घाट पर छोटे-छोटे पार्क बनाए जाएंगे तथा उसके चारों तरफ प्लांटेशन किया जाएगा।

वहां लोगों को बैठने के लिए कुर्सी, चबूतरा तथा शेड का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही यहां व्यायाम, ध्यान, योग शाला भी बनाया जाएगा। गांव से तालाब और पार्क तक पहुंचने के लिए सीसी रोड का निर्माण किया जाएगा। सड़कों के दोनो तरफ पौधरोपण किया जाएगा।

ये गांव होंगे शामिल

भोपाल जिले के रातीबढ़, गुनगा, इंदौर जिले के नवरापंत और शिमरोल, ग्वालियर के मोहना और छिमाक, झाबुआ जिले के मोहनकोट और गोवाली, सिंगरौली जिले का कुरसा, छतरपुर का अछट, छिंदवाड़ा का देलावाड़ी, सिवनी जिले का क_ीवाड़ा, बैतूल का देशवाड़ी, रीवा का गौरी, धार का गुनावत, खंडवा का आरुद, अलीराजपुर का इंदर सिंह की चौकी गांव को शामिल किया गया है।

स्व-रोजगार में होगी कोई एक विशेषता

इन गांवों को शहरों की तरह विकसित करने के साथ ही यहां रोजगार के संबंध में भी कोई एक मॉडल तैयार किया जाएगा। जिसके लिए यह गांव पूरे प्रदेश में जाना जाएगा। रोजागार में गांव के सभी युवाओं को शामिल किया जाएगा। इस रोजगार से जोडऩे के लिए युवाआें की अलग-अलग समितियां बनाई जाएंगी। समितियों के माध्यम से उन्हें बैंकों से लोन तथा कुटिर उद्योग लगाने आर्थिक सहायत उपलब्ध कराई जाएगी।

इन गांवों को शहर के रूप में बदला जाएगा। इसके साथ ही रोजगार-व्यापार के क्लस्टर के रुप में तैयार किया जाएगा। - दिलीप कुमार, संचालक ग्रामीण रोजगार पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग

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