बाजार से गायब हो रहे 2000 के नोट, छोटे नोट के सहारे चल रहा कारोबार

200 रुपए के नए नोटों के लिए एटीएम में नहीं बनी ट्रे, रेरा आने के बाद बड़े नोटों का चलन हुआ कमजोर, 10 रुपए का नया नोट बाजार में नहीं आ रहा

By: anil chaudhary

Published: 04 Jan 2018, 11:18 AM IST

भोपाल। देश में नोटबंदी के बाद बाजार में उतारे गए 2000 रुपए मूल्य के नोट एक तरह से गायब हो गए हैं। बैंक इस बात को मानने को तैयार भले ही नहीं है, लेकिन सच्चाई यह है कि बाजार में इस नोट का बड़ा अभाव बना हुआ है। एटीएम से भी इस नोट की निकासी नहीं हो रही। व्यापार जगत इस बात को लेकर परेशान है कि उसे 2000 रुपए का नोट नहीं मिलने से छोटे नोटों से ही सामान्य लेन-देन करना पड़ रहा है।

कब आए बाजार में

पुराने 500 और 1000 रुपए मूल्य के नोट नवंबर 2016 में मोदी सरकार ने बंद कर दिए। उसके बाद नए फीचर्स के साथ 2000 रुपए मूल्य के नोट चलन में आए। शुरुआती दौर में ही नए नोटों का टोटा था, लेकिन कुछ समय तक चलन के बाद पहले एटीएम से और फिर बाजार से नोट गायब हो गए।

फिर गए कहां?

मार्केट एक्सपर्ट का मानना है कि रिजर्व बैंक ने ज्यादा संख्या में इन नोटों की छपाई नहीं की। शुरू में जितने नोट आए उसके बाद बाजार में नए नोटों का एक तरह से आना बंद हो गया। जो नोट आए वह भी लोगों ने अपनी तिजोरियों में रख लिए। ऐसी स्थिति में नोटों की साइकिल बंद हो गई। एक्सपर्ट इसे सरकार के कैशलेस सिस्टम की तरफ भी इशारा कर रहे हैं।

रेरा के बाद ज्यादा असर

पहले जहां लोग प्रॉपर्टी में निवेश करने के लिए बड़े नोटों का उपयोग करते थे। जब से सरकार ने रियल एस्टेट रेगुरेटरी बिल (रेरा) लेकर आई, तब से 2000 के इन नोटों में लेन-देन कम हो गया है। बैंकों में जमा कराने वालों पर सख्ती के असर से भी इन नोटों की कमी बताई जा रही है।

200 रुपए के लिए एटीएम मोटीफाई नहीं

2000 के बाद 200 रुपए का नोट भी सरकार लेकर आई थी, लेकिन इसके लिए एटीएम को मोटीफाई नहीं किया। सिर्फ 500 और 2000 रुपए के नए नोटों के लिए ही एटीएम को मोटीफाई किया गया। 200 रुपए के नोट के लिए एटीएम ट्रे में बदलाव नहीं किया गया। यही कारण है कि 200 रुपए का नोट एटीएम तक ही नहीं पहुंच पाया। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया डिप्टी जोनल मैनेजर वी. बालाजीराव ने कहा कि हमारे पास जितने नोट जमा होते हैं, उतने ही ग्राहकों को मांग के हिसाब से वितरित किए जाते हैं। 2000 रुपए के नोट की बैंक में कमी नहीं है। ग्राहक ही कम संख्या में जमा कर रहे हैं।

अभा उद्योग व्यापार मंडल के महासचिव अनुपम अग्रवाल ने कहा कि बड़े नोटों का बाजार में सार्टेज बना हुआ है। 500 रुपए के नोट ही ज्यादा चलन में हैं। इससे व्यापारी वर्ग को ग्राहकों से रुपए लेने से लेकर बैंक में जमा कराने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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