अगर नगर निगम इन 20 संस्थानों से वसूली करे तो आधे शहर में हो जाए ये विकास कार्य

करीब 300 करोड़ रुपए महज 20 संस्थानों ने दबा रखे हैं

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Published: 18 Dec 2018, 04:03 AM IST

भोपाल. आपको हैरत होगी कि शहर के 20 संस्थान निगम के मूल बजट 700 करोड़ रुपए का 50 फीसदी अपनी जेब में लेकर बैठे हैं। नगर निगम को शहर के तीन बड़े मॉल से बकाया करीब 45 करोड़ रुपए की वसूली की छूट के हाईकोर्ट के फैसले के बाद पत्रिका ने पड़ताल की तो ये चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। निगम इनसे वसूली की हिम्मत कर ले तो राज्य की नई कांग्रेस सरकार और केंद्र के अनुदान के भरोसे चल रहे 12 प्रोजेक्ट को आसानी से पूरा किया जा सकता है। करीब 300 करोड़ रुपए महज 20 संस्थानों ने दबाए हुए हैं।

 

हाईकोर्ट ने हाल में जोन नंबर नौ और जोन नंबर 13 से जुड़े सात बड़े संस्थानों से वसूली के लिए निगम को छूट दी है। लंबे समय से कोर्ट में मामले चल रहे थे। अभी दो दिन पहले इन पर कोर्ट का निर्णय आया। फिलहाल जिनसे वसूली की छूट मिली है, उनमें दीपमाला इंफ्रास्ट्रक्चर, डीबी मॉल, गोविंद रिएलिटी, सेंचूरी 21 मॉल शामिल है।

इन चार जोन से ही मिल जाएं 150 करोड़ रुपए

 

- 42 करोड़ रुपए जोन नौ में है। यहां एमपी नगर से लेकर दस नंबर, बिट्टन मार्केट तक का पूरा हिस्सा शामिल है। छह बड़े बकायादार यहां हैं।
- 35 करोड़ रुपए जोन सात में है। इसमें न्यू मार्केट से लेकर शाहपुरा, चूनाभट्टी तक का हिस्सा है। इसमें 5 बड़े बकायादार हैं।
- 17 करोड़ रुपए जोन 18 में है। इसमें कोलार का पूरा क्षेत्र शामिल है। ये दानिशंकुंज और आगे तक फैला है।
- 45 करोड़ रुपए जोन 19 में है। इसमें कोलार के आसपास विकसित नई कॉलोनियों से लेकर कटारा हिल्स तक नवविकसित क्षेत्र शामिल हैं।

राशि मिले तो ये चले


- 21 करोड़ रुपए का मानुआभान टेकरी पर प्रस्तावित भारत माता मंदिर
- 12 करोड़ रुपए का बीआरटीएस मेंटेनेंस प्रोजेक्ट
- 5 करोड़ रुपए का वीआईवी रोड मेंटेनेंस प्रोजेक्ट
- 7 करोड़ रुपए से पार्क डेवलपमेंट प्रोजेक्ट
- 12 करोड़ रुपए से 12 आदर्श मार्ग विकसित करने का प्रोजेक्ट
- 5 करोड़ रुपए का सावरकर सेतु हबीबगंज के आसपास सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट
- 45 लाख रुपए से शहर के 30 पार्क में मैन्युअल कंपोस्ट यूनिट स्थापना
- 5 करोड़ रुपए से गणेशमंदिर आरओबी से बोर्ड ऑफिस तक सर्विस रोड निर्माण
- 117 करोड़ रुपए से नवबहार सब्जी मंडी कर खाली जमीन पर बस स्टैंड का प्रस्ताव
- 10 करोड़ रुपए से जोन स्तर पर हॉकर्स कॉर्नर विकसित करने का प्रोजेक्ट


नोट- इस तरह के 12 काम है जो राशि के अभाव में थम गए हैं, रद्द होने की स्थिति में है या फिर शुरु ही नहीं हो पाए हैं।

अपर आयुक्त राजस्व रणवीरसिंह ने कहा कि हमें हाल में हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। वसूली प्रक्रिया पर लगी रोक हटा दी है। हम हम वसूली के लिए कवायद शुरू कर रहे हैं और बड़े बकायादारों पर कार्रवाई कर निगम के राजस्व में बढ़ोतरी करेंगे।

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