अब तक 5 लाख 96 हजार श्रमिक वापस

गोवा, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, केरल, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु एवं तेलंगाना से भी श्रमिक वापस लाये गये

By: Ashok gautam

Published: 06 Jun 2020, 08:59 PM IST

अब तक 5 लाख 96 हजार श्रमिक वापस

भोपाल। अपर मुख्य सचिव एवं प्रभारी स्टेट कंट्रोल-रूम आई.सी.पी. केशरी ने जानकारी दी है कि अभी तक विभिन्न प्रदेशों में फँसे मध्यप्रदेश के करीब 5 लाख 96 हजार श्रमिक वापस लाये जा चुके हैं। इनमें 137 ट्रेनों से करीब एक लाख 77 हजार और बसों से लगभग 4 लाख 19 हजार श्रमिक वापस लाये गये हैं।

आज तक गुजरात से 2 लाख 18 हजार, राजस्थान से एक लाख 30 हजार, महाराष्ट्र से एक लाख 44 हजार श्रमिक वापस लाये गये हैं। इसके अतिरिक्त गोवा, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, केरल, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु एवं तेलंगाना से भी श्रमिक वापस लाये गये हैं।

प्रदेश में अब तक महाराष्ट्र से 38, गुजरात से 30, हरियाणा से 15, तेलंगाना एवं पंजाब से 7-7, कर्नाटक तथा तमिलनाडु से 4-4, जम्मू, गोवा एवं केरल से 3-3 और राजस्थान तथा दिल्ली से 2-2 ट्रेन आ चुकी हैं। प्रदेश के बाहर से करीब 4 लाख 89 हजार श्रमिकों को अन्य प्रदेशों की सीमा तक बसों से पहुँचाया गया है

तेन्दूपत्ता संग्राहकों को प्रोत्साहन पारिश्रमिक का भुगतान जारी

प्रदेश के 32 लाख तेन्दूपत्ता संग्राहकों को संग्रहण वर्ष 2018 में संग्रहीत तेन्दूपत्ते के शुद्ध लाभ से 183 करोड़ 94 लाख के प्रोत्साहन पारिश्रमिक का भुगतान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने 23 मई से संग्राहकों को प्रोत्साहन पारिश्रमिक वितरण का कार्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शुभारंभ किया है।

उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जहाँ तेन्दूपत्ता के व्यवसाय से होने वाली सम्पूर्ण शुद्ध आय प्राथमिक सहकारी वनोपज समितियों को उपलब्ध कराई जाती है। वर्तमान में शुद्ध आय का 70 प्रतिशत भाग संग्राहकों को उनके द्वारा संग्रहीत मात्रा के अनुपात में प्रोत्साहन पारिश्रमिक के रूप में नगद भुगतान किया जाता है। शेष 30 प्रतिशत में से 15 प्रतिशत भाग वनों के पुनरुत्पादन और 15 प्रतिशत अवशेष राशि सहकारी समितियों को उनकी प्राथमिकता और माँग के आधार पर गाँव की मूलभूत सुविधाओं के विकास में व्यय किया जाता है।

Ashok gautam
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