ये हैं इंडिया के पांच सबसे चमत्कारी हनुमान मंदिर, हजारों साल से हिली नहीं मूर्ति

आज हम आपको मध्यप्रदेश के ऐसे पांच सबसे चमत्कारी हनुमान मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके बारे में जानकर आप एक बार ये जरूर सोचेंगे कि यहां मुझे कब दर्शन मिलेंगे।

By: Brajendra Sarvariya

Published: 11 Apr 2017, 09:34 AM IST

भोपाल। आज हनुमान जयंती है। हनुमान बब्बा की पूजा का विशेष दिन। कहते हैं कि आज के दिन राम भक्त हनुमान से आप जो मांगेंगे वो मिलेगा। इंडिया चमत्कारों का देश है और इसके हर राज्य में कहीं न कहीं चमत्कारी मंदिर हैं। आज हम आपको मध्यप्रदेश के ऐसे पांच सबसे चमत्कारी हनुमान मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके बारे में जानकर आप एक बार ये जरूर सोचेंगे कि यहां मुझे कब दर्शन मिलेंगे। आइए इन चमत्कारी मंदिरों के बारे में देते कुछ खास जानकारी....




खेड़ापति हनुमान का दरबार 

 religious hanuman temple

भोपाल के छोला स्थित खेड़ापति हनुमान मंदिर भी शहर का प्राचीनतम मंदिर है। बताते हैं कि इस मंदिर की स्थापना तब हुई थी, जब भोपाल बसा था। मंदिर के महंत जगदीशदास महाराज का कहना है कि जब भी किसी गांव, खेड़े को बसाते हैं, तब हनुमानजी का आव्हान कर उनकी स्थापना की जाती है। यहां के बुजुर्ग भी बताते हैं कि जब भोपाल बसा था, उस समय इस मंदिर की स्थापना हुई थी। यहां सिद्ध हनुमानजी सबकी मनोकामना पूरी करते हैं।




मरघटिया महावीर का दरबार

 religious hanuman temple


भोपाल के शाहजहांनाबाद स्थित मरघटिया महावीर मंदिर शहर के प्राचीनतम मंदिरों में शुमार है। इस मंदिर का इतिहास 150 साल से अधिक पुराना बताया जाता है, जिस स्थान पर यह मंदिर है, पहले वहां मरघट हुआ करता था। नवाबी शासन काल में यहां बने एक कुएं से हनुमानजी की प्रतिमा प्रकट हुई थी, जिसे बाहर निकालकर स्थापना की गई। यहां हनुमानजी बाल स्वरूप में विराजमान हैं। मंदिर के महंत शंकरदास ने बताया कि यहां मंदिर में बने कुएं के पानी से रोजाना बाबा का जलाभिषेक होता है। बाबा का यह सिद्ध दरबार है और यहां हर भक्त की मनोकामना पूरी होती है।



आगे नहीं बढ़ी प्रतिमा तो यहीं ठहर गए हनुमानजी 

 religious hanuman temple

पुराने शहर के लोहा बाजार स्थित श्रीनाथजी के मंदिर की महिमा निराली है। मंदिर का इतिहास 100 साल से अधिक पुराना है। मंदिर के पं. भगवती प्रसाद दुबे ने बताया कि उनके दादाजी के समय में किसी खेत से दो प्रतिमाएं निकली थीं, इन प्रतिमाओं को गाड़ी में रखकर ग्रामीण लेकर जा रहे थे। जब यह प्रतिमाएं यहां आई तो एक प्रतिमा की गाड़ी तो आगे बढ़ गई, लेकिन यह प्रतिमा यहां से आगे नहीं बढ़ पाई। बैल बदले गए, गाड़ी खींचने के लिए हाथी भी लाए, लेकिन गाड़ी आगे नहीं बढ़ रही थी। इसकी चर्चा सुनकर हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ लग गई। इसके बाद इसी स्थान पर इस प्रतिमा की स्थापना कर दी गई।  



गुफा मंदिर के बूढ़े हनुमान

 religious hanuman temple

शहर के लालघाटी स्थित गुफा मंदिर प्रांगण में हनुमानजी का दरबार भी चमत्कारिक है। यहां बूढ़े हनुमानजी की प्राचीन प्रतिमा स्थापित है, इस प्रतिमा का इतिहास काफी पुराना है। मंदिर की स्थापना 1964 के पहले हुई है, लेकिन प्रतिमा काफी प्राचीन है। यहां हनुमानजी वृद्ध स्वरूप में है, इसके अलावा एक अन्य प्रतिमा भी है, जिसे बड़े हनुमानजी कहा जाता है।



हनुमान मंदिर 1100 क्वार्टर 

 religious hanuman temple

अरेरा कॉलोनी 1100 क्वार्टर स्थित हनुमान मंदिर नए शहर का सबसे सिद्ध हनुमत धाम है। यहां कई लोगों की मनोकामनाएं पूरी हुईं। इस मंदिर का इतिहास लगभग 52 साल पुराना है। यहां हनुमानजी की प्रतिमा स्वयंभू प्रकट हुई थी, इसके बाद यहां पर इसकी स्थापना की गई। मंदिर में यह प्रतिमा पीपल के पेड़ के नीचे विराजमान है। 




आज है पूजा का विशेष संयोग
इस बार हनुमान जयंती पर त्रेता युग जैसे  शुभ संयोग पड़ रहा है। मंगलवार का दिन, पूर्णिमा तिथि और चित्रा नक्षत्र के साथ गजकेसरी और अमृत योग के संयोग ने इस दिन को और अधिक विशेष बना दिया है। पंडितों के अनुसार तिथि, वार और नक्षत्र का संयोग इस बार वैसे ही है, जैसा शास्त्रों में हनुमानजी के जन्म के दौरान बताया गया है।
Show More
Brajendra Sarvariya
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned