50 हजार डुप्लीकेट खाते, रोकी सामाजिक सुरक्षा पेंशन

50 हजार डुप्लीकेट खाते, रोकी सामाजिक सुरक्षा पेंशन

anil chaudhary | Publish: May, 15 2018 12:03:30 PM (IST) Bhopal, Madhya Pradesh, India

आरोप: सत्यापन करने से बच रहे जिम्मेदार...

भोपाल. MP में सामाजिक सुरक्षा पेंशन के करीब 50746 डुप्लीकेट खाते पकड़ में आए हैं। सामाजिक न्याय विभाग ने बड़ी गड़बड़ी की आशंका के कारण पेंशन रोक दी है। विभाग ने नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों और जनपदों को खातों का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश बार-बार दिए हैं, लेकिन अफसरों ने इसमें रुचि नहीं ली।


विभाग ने पेंशन पोर्टल पर जांच की तो सामने आया कि कई व्यक्ति दोहरी पेंशन का लाभ ले रहे हैं। एक हितग्राही की एक से अधिक समग्र आइडी भी पाई गई। यही नहीं एक ही व्यक्ति का बैंक खाता एक से अधिक जनपद या नगरीय निकाय में दर्ज पाया गया।

सामाजिक न्याय विभाग के निर्देशों के अनुसार अफसरों को ३१ मार्च तक खातों का सत्यापन कर रिपोर्ट पेश करना था। अब नगरीय निकायों, जनपदों व ग्राम पंचायतों को इन खातों के भौतिक सत्यापन और जांच के लिए २० मई तक की समय सीमा दी है।


यह स्थिति हर जिले में
हर जिले में डुप्लीकेट खाते पाए गए हैं। पेंशन पोर्टल लागू होने के बाद यह मामला सामने आया है। इसके पहले इन खातों में पेंशन दी जा रही थी। सबसे अधिक डुप्लीकेट खाते सतना, मंडला, बड़वानी, रतलाम, खरगौन, बालाघाट, रीवा, राजगढ़, मुरैना में सामने आए हैं। सबसे कम दतिया, अशोकनगर, हरदा, नीमच, गुना व आगर-मालवा में सामने आए हैं।

ये पेंशन पाने वालों के मिले डुप्लीकेट खाते
वृद्धजनों, कल्याणी, परित्यक्त, दिव्यांगजनों के लिए इंदिरा गांधी राष्ट्रीय पेंशन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निशक्त पेंशन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, कन्या अभिभावक पेंशन, बहुविकलांगों को आर्थिक सहायता, दिव्यांग शिक्षा प्रोत्साहन योजना आदि की पेंशन पात्र हितग्राहियों को दी जाती है।

ये खामियां भी आईं सामने
- एक ही परिवार में एक से अधिक पेंशन लेने वालों को एक ही बचत खाते से पेंशन मिल रही है। एेसे खाते अपडेट ही नहीं किए गए हैं।
- जनपद पंचायतों और नगरीय निकायों द्वारा पेंशन स्वीकृति व हितग्राही के बैंक खातों को अपडेट करने में रुचि नहीं ली जा रही है।
- डुप्लीकेट खातों के कारण ५०७४६ पेंशनरों की मार्च महीने की पेंशन अटकी हुई है।


यह मामला मेरी जानकारी में आया था। तीन लाख मृत लोगों के खाते थे, जिनकी पहचान कर ली गई है। पेंशन पोर्टल से ३६ लाख लोगों को पेंशन दी जा रही है। इसमें ५० हजार लोगों का आंकड़ा इतने मायने नहीं रखता है, लेकिन अभी भी सत्यापन प्रक्रिया चल रही है।
- गोपाल भार्गव, मंत्री, सामाजिक न्याय विभाग

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