MP में 7 मेडिकल कॉलेजों के शिक्षकों ने दिए इस्तीफे, मंत्री से बेनतीजा रही बातचीत

- अन्य कॉलेजों medical college के चिकित्सा शिक्षक भी 9 जनवरी के पहले इस्तीफा सौंप देंगे!

- 9 जनवरी से काम बंद Off work करने का निर्णय

भोपाल। मध्य प्रदेश madhya pradesh में चिकित्सकों की कमी के बीच एक बार फिर चिकित्सीय व्यवस्था डगमगाती सी दिख रही है। सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद मेडिकल कॉलेजों के शिक्षक medical collage teacher अपनी मांगों को लेकर इस्तीफा resign देने पर अड़े हुए हैं। जिसके चलते अब मेडिकल कॉलेजों के शिक्षकों की कमी का डर सताने लगा है।

वहीं मप्र मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन MP Medical Teachers Association ने कॉलेजों के डीन को सामूहिक इस्तीफा Mass resignation सौंपकर 9 जनवरी से काम बंद Off work करने का निर्णय लिया है। इसके पहले एसोसिएशन MP Medical Teachers Association के पदाधिकारियों ने जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा से मुलाकात की।

MP में 7 मेडिकल कॉलेजों के शिक्षकों ने दिए इस्तीफे, मंत्री से बेनतीजा रही बातचीत

वहीं एसोसिएशन से मिल रही जानकारी के अनुसार 13 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 7 के चिकित्सा शिक्षकों ने अपने डीन को इस्तीफा सौंप दिया है। अन्य कॉलेजों के चिकित्सा शिक्षक भी 9 जनवरी के पहले इस्तीफा सौंप देंगे।

ऐसे समझें मामला...
दरअसल समयबद्ध पदोन्न्ति व सातवें वेतनमान की मांग को लेकर प्रदेश के सभी 13 सरकारी मेडिकल कॉॅलेजों के चिकित्सा शिक्षक सामूहिक इस्तीफे पर अड़े हुए हैं।

मंत्रालय में चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ, प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला की मौजूदगी में गुरुवार को मप्र मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक हुई। मंत्री ने कहा कि हम आपकी मांगों पर विचार कर रहे हैं। आंदोलन को लेकर जल्बाजी मत करो।

ठोस जवाब नहीं मिलने पर एसोसिएशन ने कॉलेजों के डीन को सामूहिक इस्तीफा सौंपकर 9 जनवरी से काम बंद करने का निर्णय लिया है। इसके पहले एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने जन संपर्क मंत्री पीसी शर्मा से मुलाकात की।

एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. एस अग्रवाल के अनुसार 13 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सात के चिकित्सा शिक्षकों ने अपने डीन को इस्तीफा सौंप दिया है। अन्य कॉलेजों के चिकित्सा शिक्षक भी 9 जनवरी के पहले इस्तीफा सौंप देंगे।

उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार चिकित्सा शिक्षकों को एक जनवरी 2018 से सातवां वेतनमान दे रही है, जबकि दूसरे विभागों में 1 जनवरी 2016 से दिया गया है। समयबद्ध पदोन्न्ति को लेकर भी कोई निर्णय नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री ने भी मुलाकात के लिए समय नहीं दिया है।

महीने भर पहले ही दे दी गई थी सूचना
एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार 9 जनवरी से सामूहिक इस्तीफे देने के बारे में महीने भर पहले ही सरकार को सूचना दे दी गई थी। इसका मकसद यही था कि मरीजों को कोई परेशानी न हो। अब सरकार को मरीजों की इलाज की व्यवस्था करना होगा। उन्होंने कहा कि जूनियर डॉक्टर भी उनके समर्थन में आंदोलन कर सकते हैं।

दीपेश तिवारी
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