अब अध्यापकों के साथ भी हुआ धोका, सरकार ने दबाये इतने रकम..

एनपीएस का अंशदान काटा, 16 माह से जमा नहीं किया, सरकार ने दबाए अध्यापकों के 784 करोड़

By: योगेंद्र Sen

Published: 13 Mar 2018, 08:34 AM IST

भोपाल। आदिम जाति कल्याण विभाग की ओर से संचालित स्कूलों में पदस्थ लगभग 70000 अध्यापकों के साथ धोखा हो गया। वेतन से नेशनल पेंशन स्कीम के तहत काटा जाने वाला 10 प्रतिशत अंशदान 16 माह से उनके खातों में जमा नहीं किया गया। अध्यापकों के अंशदान के बराबर राशि सरकार को भी नेशनल सिक्योरिटी डिपॉजिटरी लिमिटेड में जमा करनी पड़ती है।
जानकारों के अनुसार दोनों के अंशदान की राशि लगभग 784 करोड़ रुपए हो चुकी है। सरकार और अध्यापकों का अंशदान एनएसडीएल में जमा कराया जाता है। इसे शेयर मार्केट, एलआईसी, यूटीआई आदि में निवेश किया जाता है। यहां से होने वाली आय बाद में पेंशन, बीमा आदि के रूप में अध्यापकों को दी जाती है।

पहले भी हुई गड़बड़ी
माध्यमिक शिक्षा मंडल के स्कूलों के अध्यापकों के साथ भी ऐसा हो चुका है। वर्ष 2015 से जुलाई 2016 तक लगभग चार लाख अध्यापकों के खातों से करीब 1440 करोड़ रुपए काटे, लेकिन जमा नहीं कराए गए। 'पत्रिका' ने 2016 में मामला उठाया था। इसके बाद बाद विधानसभा में हंगामा हुआ। बाद में तीन माह में राशि जमा कराई गई।

अध्यापकों के एरियर आदि में वृद्धि हुई है। इससे विभाग के पास फंड कम पड़ गया था। एनपीएस का भुगतान जल्द किया जाएगा। हालांकि, यह राशि एक वर्ष से अधिक की नहीं होगी।
दीपाली रस्तोगी, आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग

विभाग धोखाधड़ी कर रहा है। अंशदान हर माह काटा जाता है, लेकिन जमा नहीं कराया। अध्यापकों के साथ ही ऐसा व्यवहार लगातार किया जा रहा है।
जगदीश यादव, अध्यक्ष, राज्य अध्या. संघ

ऐसे समझें गणित
89 ब्लॉक
27000 स्कूल हैं
70000 अध्यापक पदस्थ
10 त्न अंशदान कटता है वेतन से
784 करोड़ रुपए अंशदान हो गया 16 माह में

अफसर के निलंबन का ऐलान :

एक दूसरी खबर में भाजपा के सूबेदार सिंह ने आरोप लगाया कि किसानों को दिए गए अनुदान की सूची फर्जी है। अफसरों ने जो जवाब लिखकर दिया, मंत्री ने उसे ही पढ़ दिया। उन्होंने कैलारस एसएडीओ पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए उन्हें हटाकर जांच कराने की मांग की। विधायक के आग्रह पर मंत्री विजय शाह ने अधिकारी को निलंबित करने का ऐलान किया।

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योगेंद्र Sen Reporting
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