7th Pay Commission: मोदी सरकार का नया फार्मूला, अब देश में मिनिमम 21 हजार रुपए वेतन मिलेगा

Manish Gite

Publish: Nov, 15 2017 11:43:47 (IST) | Updated: Nov, 15 2017 12:06:15 (IST)

Bhopal, Madhya Pradesh, India
7th Pay Commission: मोदी सरकार का नया फार्मूला, अब देश में मिनिमम 21 हजार रुपए वेतन मिलेगा

अगले माह मोदी सरकार केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी देने जा रही है। इसके तहत अब किसी भी कर्मचारी की सैलरी 21 हजार रुपए से कम नहीं हो सकेगी।

 

भोपाल। अगले माह मोदी सरकार केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी देने जा रही है। इसके तहत अब किसी भी कर्मचारी की सैलरी 21 हजार रुपए से कम नहीं हो सकेगी। 15 दिसंबर को दिल्ली में होने वाली मीटिंग में 7वें वेतनमान के आधार पर यह बड़ा फैसला लेने की तैयारी की जा रही है। अब देश के एक छोटे से केंद्रीय कर्मचारी को कम से कम 21 हजार रुपए वेतन दिया जाएगा।

 

केंद्र की मोदी सरकार ने सातवें वेतनमान की सिफारिशों को मंजूरी दे दी है। मध्यप्रदेश में नौकरी करने वाले केंद्र सरकार के करीब 75 हजार कर्मचारियों को इसका फायदा मिलेगा। इससे पहले इन्हीं कर्मचारियों को मिनिमम सात हजार रुपए वेतन देने का प्रावधान था। जिसके बाद मोदी सरकार ने यही वेतन बढ़ाते हुए इन कर्मचारियों को 18हजार रुपए तक पहुंचा दिया। अब इसमें तीन हजार रुपए का और इजाफा 15 दिसंबर की मीटिंग में होना संभव है।

 

कमेटी करेगी फैसला
7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद उसकी समीक्षा के लिए बनी नेशनल अनोमली कमेटी (एनएसी) बनाई गई थी। यह कमेटी केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी और बढ़ाने की सिफारिश करने की तैयारी में है। वेतन में और बढ़ोतरी को लेकर इसकी एक मीटिंग भी 15 दिसंबर को होने जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 15 दिसंबर को नेशनल अनोमली कमेटी अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। इसके बाद रिपोर्ट कैबिनेट के पास अप्रूवल के लिए भेजा जाएगा। इसमें कमेटी केंद्रीय कर्मचारियों की मिनिमम सैलरी 18 से 21 हजार रुपए करने का सुझाव देगी। इसके अलावा उनके फिटमेंट फेक्टर को भी 2.57 से बढ़ाकर 3.00 करने की सिफारिश कर देगी।

 

कर्मचारियों ने मांगे 26 हजार मिनिमम
-हालांकि केंद्र के कर्मचारी 21 हजार रुपए प्रतिमाम मिनिमम वेतन से खुश नहीं है, उनकी मांग है कि कम से कम 26 हजार रुपए वेतन तो होना चाहिए। क्योंकि छोटे कर्मचारी देरदराज के इलाजों में नौकरी करते हैं।

 

यह सुविधा भी मिलती है उन्हें
-केंद्रीय कर्मचारियों के दिव्यांग बच्चों को 30 हजार रुपए का एजुकेशन अलाउंस मिलता था।
-सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद इसे अब बढ़ाकर 54,000 रुपए सालाना कर दिया गया है।
-यदि दिव्यांग बच्चे के माता-पिता दोनों केंद्रीय कर्मचारी हैं तो कोई एक व्यक्ति ही बच्चे के लिए भत्ता प्राप्त कर सकता है।

 

यह भी है खास
-जनवरी की सैलरी बढ़ी हुई मिलेगी।
-7वें वेतन आयोग के मुताबिक बढ़ेगी न्यूनतम सैलरी।
-केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी 21,000 रुपए होगी
-पहले 7 हजार से बढ़ाकर 18 हजार की गई थी सैलरी।
-साथ ही फिटमेंट फेक्टर को भी बढ़ाकर 3.0 कर दिया गया है।
-जनवरी 2018 के आखिर में केंद्रीय कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी का तोहफा मिल सकता है।
-वेतन में बढ़ोतरी महंगाई को ध्यान में की गई है।
-सरकार नेशनल एनोमली कमेटी की सिफारिशें लागू करने को तैयार।
-फिटमेंट सेक्टर में सरकार करेगी तीन गुना बढ़ोतरी।
-केंद्रीय कर्मचारियों के दिव्यांग बच्चों को 30,000 रुपए का पढ़ाई भत्ता मिलता था। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद इसे 54,000 रुपए सालाना कर दिया।
-आम दिव्यांग बच्चों को पढ़ाई के लिए 2,250 रुपए महीने एजुकेशन भत्ता मिलता है। अगर दिव्यांग बच्चे के माता और पिता दोनों केंद्र सरकार के कर्मचारी हैं, तो कोई एक ही बच्चे के लिए भत्ता ले सकता है। पहले आम दिव्यांग बच्चों को यह भत्ता 1,500 रुपए माह मिलती थी।

 

MP की सरकार भी देने वाली है न्यू ईयर गिफ्ट

नरेंद्र मोदी सरकार के बाद अब मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार भी अपने कर्मचारियों को बड़ा गिफ्ट देने जा रही है। इस गिफ्ट में खासबात यह है कि महंगाई भत्ता 1 प्रतिशत बढ़ाने से साढ़े चार लाख कर्मचारियों को इस वेतनवृद्धि का लाभ मिलेगा।

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