आठ किले और कोठी पर्यटन विभाग के हवाले

पुरातत्व विभाग ने किया संरक्षण मुक्त...

By: anil chaudhary

Published: 25 Apr 2018, 08:20 AM IST

भोपाल. प्रदेश के आठ ऐतिहासिक किले और कोठी होटल, रेस्टोरेंट व लग्जरी आशियाने में बदलेंगे। पुरातत्व संग्रहालय ने इन पुरा संपत्तियों को संरक्षण मुक्त कर पर्यटन विभाग को सौंप दिया है। इनमें छह किले और एक-एक कोठी व होटल शामिल हैं। इन स्थलों को विभाग पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित कर व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए अनुबंध करेगा।


पर्यटन विभाग ने छह माह पूर्व संस्कृति विभाग से किले और कोठियों को आकर्षक बनाने की बात कही थी। स्कूल ऑफ प्लानिंग आर्किटेक्चर की ओर से तैयार किया गया प्रजेंटेशन दिया था। ऐतिहासिक स्थलों के मूल स्वरूप में किसी तरह की छेड़छाड़ और नया निर्माण नहीं किए जाने की दोनों विभागों सहमति बनने के बाद संरक्षित धरोहर को मुक्त करने का निर्णय लिया गया।

दो किलों को लेने से इनकार
संस्कृति विभाग के पुरातत्व संग्रहालय व अभिलेखागार ने प्रदेश के १० ऐतिहासिक स्थलों को संरक्षण मुक्त किए जाने की अधिसूचना जारी की थी, लेकिन इनमें से दो किलों को पर्यटन विभाग ने लेने से इनकार कर दिया है।

इनमें रामनगर मंडला का मोती महल और गुना का बल्देवगढ़ किला शामिल है। इन्हें व्यावसायिक दृष्टि से कमजोर माना गया है। ये दोनों किले पुरातत्व संग्रहालय व अभिलेखागार के पास ही रहेंगे।

कई पाबंदियां भी हटीं
पुरातात्विक धरोहर को संरक्षण मुक्त किए जाने के बाद कई तरह की पाबंदियां भी हट गई हैं। प्राचीन स्मारक एवं पुरातत्व व अवशेष अधिनियम की अधिसूचना लागू होने पर ऐसे स्थलों के १०० मीटर के दायरे में किसी तरह की खुदाई नहीं की जा सकती।

साथ ही २०० मीटर के दायरे में स्थायी निर्माण नहीं किए जा सकते। संरक्षण मुक्त होने के बाद आठ स्थलों के आस-पास इस तरह की रोक अब प्रभावी नहीं रहेगी।

ये हुए संरक्षण मुक्त
विजयराघवगढ़ किला जिला कटनी, नरवर दुर्ग शिवपुरी, क्योंटी किला रीवा, प्राचीन किला सराय तालाब धार, बल्देवगढ़ किला टीकमगढ़, नरसिंह महल श्योपुर, हवेली नवल सिंह खाड़ेगांव मुरैना, रॉयल होटल-पुराना बंगला जबलपुर आदि शामिल हैं।

प्रदेश की 10 पुरा संपत्तियों को संरक्षण मुक्त किए जाने की अधिसूचना जारी की गई थी। पर्यटन विभाग ने इनमें से आठ संपत्तियों को ले लिया है, जबकि दो विभाग के पास ही रहेंगी।
- अनुपम राजन, आयुक्त, पुरातत्व संग्रहालय एवं अभिलेखागार

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