script808 More than 17 thousand pregnant women taking the amount of nutritio | Nutritious food की राशि लेने 17 हजार से अधिक pregnant womenउठाई आवाज | Patrika News

Nutritious food की राशि लेने 17 हजार से अधिक pregnant womenउठाई आवाज

- सीएम की महत्वाकांक्षी योजना लाड़ली लक्ष्मी की तरफ भी अधिकारियों का ध्यान नहीं
- महिला एवं बाल विकास विभाग में चल रही 10 से अधिक योजनाओं को लेकर 15 माह में दर्ज हुईं 31 हजार से अधिक शिकायतें

भोपाल

Published: March 28, 2022 10:26:16 pm



भोपाल। pregnant womenको पोषण आहार की राशि पहुंचाने से जुड़ी मातृ वंदना योजना का लाभ पहुंचाने के मामले में लोग सबसे ज्यादा असंतुष्ट हैं। इस योजना का लाभ लेने और योजना में नाम शामिल करने के संबंध में पिछले 15 महीनों के अंदर 17 हजार लोगों ने सरकार से मदद मांगी। वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की महत्वाकांक्षी योजना लाड़ली लक्ष्मी की तरफ भी विभाग के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। इस मामले में सीएम के गृह जिले सीहोर से भी 66 शिकायतें दर्ज की गई हैं। लाड़ली लक्ष्मी योजना में उनके बच्चियों का नाम शामिल नहीं करने को लेकर प्रदेश के पांच हजार लोगों ने शिकायतें दर्ज कराई हैं। महिला एवं बाल विकास में चल रहीं करीब दस योजनाओं में 15 माह के अंदर में 31 हजार से अधिक शिकायतें CM Help Line, विभाग के विभिन्न कार्यालयों दर्ज हुई हैं।
विभाग की तमाम योजनाओं के लाभ नहीं मिलने से सबसे ज्यादा असंतुष्ट शिवपुरी और भिंड जिले के लोग हैं। इन जिलों से सबसे ज्यादा शिकायतें सीएम हेल्प लाइन और विभाग के जिला कार्यालयों में दर्ज हुई हैं। इस मामले में लोगों का कहना है कि वे विभिन्न योजनाओं के हकदार हैं, इसके बाद भी उन्हें इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। विभाग में सबसे ज्यादा शिकायतें पीएम मातृ वंदना योजना, लाडली लक्ष्मी के अलावा बच्चों को पोषण आहार, Anganwadi केन्द्रों पर सहायिका और कार्यकर्ता नहीं होने, इनके समय पर नहीं पहुंचने को लेकर भी आईं हैं। कई जगह से यह भी शिकायतें आई हैं कि आंगनवाड़ी केन्द्र भी नहीं खोले जा रहे हैं, जिसे नियमित और समय पर खोले जाने के निर्देश दिए जाएं।
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पीएम मातृ वंदना योजना में टॉप पांच जिले जहां से ज्यादा शिकायतें आई हैं
शिवपुरी ----1346
भिंड-----707
विदिशा--683
सागर ---666
अशोक नगर---630
---------------
लाडली लक्ष्मी योजना में टॉप पांच जिले, जहां से ज्यादा शिकायतें आई हैं
रीवा ---386
भिंड---341
शिवपुरी ---297
सागर---292
विदिशा--226
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बच्चों को विशेष पोषण, टेकहोम राशन नहीं मिलने से जुड़ी शिकायतों में टॉप पांच जिले
शिवपुरी---219
छतरपुर ---151
रीवा---137
भिंड --112
सिंगरौली---111
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आंगनवाड़ी संचालित नहीं होने और बच्चों के नाम दर्ज नहीं होने की शिकायतों वाले टाप पांच जिले
शिवपुरी---148
मुरैना--128
भिंड---123
सिंगरौली--122
रीवा ---109
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विभाग के कर्मचारी भी असंतुष्ट
महिला एवं बाल विकास विभाग के कर्मचारी भी विभाग से असंतुष्ट हैं। पिछले 15 महीनों के दौरान एक हजार से अधिक कर्मचारियों ने पेंशन नहीं मिलने, स्थापना, अनुकंपा नियुक्ति सहित अन्य तरह की विभागीय समस्याओं से जुड़ी शिकायतें सीएम हेल्प लाइन में की है। हालांकि शिकायतों के बाद विभाग ने इसका निराकरण काफी तेजी से किया है, लेकिन अभी भी 15 फीसदी शिकायतें विभागों में अलग-अलग स्तर पर लंबित हैं। विभाग से जुड़ी सबसे ज्यादा शिकायतें सिंगरौली, सागर, भिंड और भोपाल जिले से की गई हैं।
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शिकायतों के मामले में आदिवासी जिले पीछे
महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़ी सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलने को लेकर हो या फिर आंगनवाड़ी केन्द्र नहीं खुलने को लेकर हो, प्रदेश में सबसे कम शिकायतें आदिवासी जिले से आई हैं। इसकी मुख्य वजह सीएम हेल्प लाइन का प्रचार-प्रसार अथवा लोगों में इसके प्रति जागरुकता का अभाव भी माना जा सकता है। जिन जिलों में सबसे कम शिकायतें आई हैं, उनमें अलीराजपुर, झाबुआ, बुरहानपुर, मंडला, बड़वानी, हरदा, नीमच, डिंडोरी, उमरिया, श्योपुर और आगर मालवा शामिल है।
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सभी योजनाओं की शिकायतों के मामले में टाप पांच जिले
शिवपुरी ---2146
भिंड----1397
रीवा ----1381
सागर------1278
मुरैना----1171
5883358
matr_vandna.jpg

पीएम मातृ वंदना योजना में टॉप पांच जिले जहां से ज्यादा शिकायतें आई हैं
शिवपुरी ----1346
भिंड-----707
विदिशा--683
सागर ---666
अशोक नगर---630

लाडली लक्ष्मी योजना में टॉप पांच जिले, जहां से ज्यादा शिकायतें आई हैं
रीवा ---386
भिंड---341
शिवपुरी ---297
सागर---292
विदिशा--226

बच्चों को विशेष पोषण, टेकहोम राशन नहीं मिलने से जुड़ी शिकायतों में टॉप पांच जिले
शिवपुरी---219
छतरपुर ---151
रीवा---137
भिंड --112
सिंगरौली---111

आंगनवाड़ी संचालित नहीं होने और बच्चों के नाम दर्ज नहीं होने की शिकायतों वाले टाप पांच जिले
शिवपुरी---148
मुरैना--128
भिंड---123
सिंगरौली--122
रीवा ---109

विभाग के कर्मचारी भी असंतुष्ट
महिला एवं बाल विकास विभाग के कर्मचारी भी विभाग से असंतुष्ट हैं। पिछले 15 महीनों के दौरान एक हजार से अधिक कर्मचारियों ने पेंशन नहीं मिलने, स्थापना, अनुकंपा नियुक्ति सहित अन्य तरह की विभागीय समस्याओं से जुड़ी शिकायतें सीएम हेल्प लाइन में की है। हालांकि शिकायतों के बाद विभाग ने इसका निराकरण काफी तेजी से किया है, लेकिन अभी भी 15 फीसदी शिकायतें विभागों में अलग-अलग स्तर पर लंबित हैं। विभाग से जुड़ी सबसे ज्यादा शिकायतें सिंगरौली, सागर, भिंड और भोपाल जिले से की गई हैं।

शिकायतों के मामले में आदिवासी जिले पीछे
महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़ी सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलने को लेकर हो या फिर आंगनवाड़ी केन्द्र नहीं खुलने को लेकर हो, प्रदेश में सबसे कम शिकायतें आदिवासी जिले से आई हैं। इसकी मुख्य वजह सीएम हेल्प लाइन का प्रचार-प्रसार अथवा लोगों में इसके प्रति जागरुकता का अभाव भी माना जा सकता है। जिन जिलों में सबसे कम शिकायतें आई हैं, उनमें अलीराजपुर, झाबुआ, बुरहानपुर, मंडला, बड़वानी, हरदा, नीमच, डिंडोरी, उमरिया, श्योपुर और आगर मालवा शामिल है।

सभी योजनाओं की शिकायतों के मामले में टाप पांच जिले
शिवपुरी ---2146
भिंड----1397
रीवा ----1381
सागर------1278
मुरैना----1171

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